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द्वारे चलिए मैय्या के द्वारे चलिए...
अमर उजाला ब्यूरो/संभल
Updated Thu, 14 Apr 2016 01:00 AM IST
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हवन में आहुति डालते श्रद्धालु।
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नवरात्र के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। देवी मां के मंदिरों में भक्तों ने मां कालरात्रि के दर्शन किए। चुनरी व नारियल चढ़ाकर मन्नतें मांगी। ग्रामीण इलाकों के मंदिरों में भी पूजा अर्चना की गई। शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा यज्ञ में 32 हजार चार सौ आहुतियां दी गई।
हल्लू सराय स्थित चामुंडा मंदिर में बुधवार को सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी। धूप-दीप जलाकर भक्तों ने मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की। हयातनगर व घुंघावली में स्थित चामुंडा मंदिरों पर भी देवी मां के भक्तों ने पूजा अर्चना की। शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई।
भूकनलाल श्रीमाली व लीला देवी, आनंद सैनी व कमलेश देवी, अन्ना बाबू व मिथलेश देवी द्वारा 32 हजार चार सौ आहुतियां दी गईं। पंडित राधेश्याम श्रीमाली ने कहा कि मां कालरात्रि सत्यलोक की रक्षक है और देह के अमृतरस की रक्षा करती है।
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यज्ञ में नरेश सैनी, ज्वालेश श्रीमाली, दिनेश मोहन, नागेंद्र मोहन, कृष्ण मोहन, शिवम कुमार, मनोज श्रीमाली, पप्पू कुमार, भीकम सिंह, लोकेश कुमार, देवांश कुमार, चौधरी सुनील कुमार, रितिक मोहन, आरती श्रीमाली, लक्ष्मी श्रीमाली आदि रहे।
हिंदू जागृति मंच के तत्वावधान में बुधवार को सामूहिक व्रतोपवास पारायण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलाकारों ने शिव पार्वती का नृत्य दिखाकर सभी दर्शकों का मनमोहा।विक्रम पैलेस में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि दुनिया के नक्शे से यदि अमेरिका मिटता है तो दुनिया पर दादागिरि दिखाने वाली ताकत खत्म होगी। यदि जर्मनी जापान खत्म होता तो आधुनिक तकनीकी देने की सभ्यता खत्म होगी।
मंच के संस्थापक डा. आरएन पाठक ने कहा कि मां दुर्गा का सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि है। इनके स्वरूप से हमें शिक्षा मिलती है कि रूप चाहे जैसा हो लेकिन अंदर आनंद और पवित्रता होनी चाहिए। कन्या भ्रूण हत्या, जल सिंचन एवं बालिका शिक्षा एवं राधाकृष्ण का स्वरूप धारण कर कलाकारों ने भक्ति रस से भीगे भजनों पर नाटिकाएं प्रस्तुत कीं।
इस दौरान प्रतिभा अग्रवाल, अजय अग्रवाल, संध्या, दिशांत अग्रवाल, अमित वार्ष्णेय, मनोज वार्ष्णेय, अनिल वार्ष्णेय, शशिवाला, सुधा, कल्पना, चित्रा गुप्ता, वेदवती, सुशील वार्ष्णेय, सुनील कुमार आदि ने सहयोग दिया। संचालन अजय शर्मा ने किया।
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हल्लू सराय स्थित चामुंडा मंदिर में बुधवार को सुबह से ही भक्तों की भीड़ लग गई थी। धूप-दीप जलाकर भक्तों ने मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की। हयातनगर व घुंघावली में स्थित चामुंडा मंदिरों पर भी देवी मां के भक्तों ने पूजा अर्चना की। शिव गोरख मंदिर समिति द्वारा मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई।
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भूकनलाल श्रीमाली व लीला देवी, आनंद सैनी व कमलेश देवी, अन्ना बाबू व मिथलेश देवी द्वारा 32 हजार चार सौ आहुतियां दी गईं। पंडित राधेश्याम श्रीमाली ने कहा कि मां कालरात्रि सत्यलोक की रक्षक है और देह के अमृतरस की रक्षा करती है।
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यज्ञ में नरेश सैनी, ज्वालेश श्रीमाली, दिनेश मोहन, नागेंद्र मोहन, कृष्ण मोहन, शिवम कुमार, मनोज श्रीमाली, पप्पू कुमार, भीकम सिंह, लोकेश कुमार, देवांश कुमार, चौधरी सुनील कुमार, रितिक मोहन, आरती श्रीमाली, लक्ष्मी श्रीमाली आदि रहे।
हिंदू जागृति मंच के तत्वावधान में बुधवार को सामूहिक व्रतोपवास पारायण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलाकारों ने शिव पार्वती का नृत्य दिखाकर सभी दर्शकों का मनमोहा।विक्रम पैलेस में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि दुनिया के नक्शे से यदि अमेरिका मिटता है तो दुनिया पर दादागिरि दिखाने वाली ताकत खत्म होगी। यदि जर्मनी जापान खत्म होता तो आधुनिक तकनीकी देने की सभ्यता खत्म होगी।
मंच के संस्थापक डा. आरएन पाठक ने कहा कि मां दुर्गा का सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि है। इनके स्वरूप से हमें शिक्षा मिलती है कि रूप चाहे जैसा हो लेकिन अंदर आनंद और पवित्रता होनी चाहिए। कन्या भ्रूण हत्या, जल सिंचन एवं बालिका शिक्षा एवं राधाकृष्ण का स्वरूप धारण कर कलाकारों ने भक्ति रस से भीगे भजनों पर नाटिकाएं प्रस्तुत कीं।
इस दौरान प्रतिभा अग्रवाल, अजय अग्रवाल, संध्या, दिशांत अग्रवाल, अमित वार्ष्णेय, मनोज वार्ष्णेय, अनिल वार्ष्णेय, शशिवाला, सुधा, कल्पना, चित्रा गुप्ता, वेदवती, सुशील वार्ष्णेय, सुनील कुमार आदि ने सहयोग दिया। संचालन अजय शर्मा ने किया।