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छह लाख की फिरौती के लिए अपनों ने ही कर लिया मासूम का अपहरण
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बहजोई। छह लाख की फिरौती के लिए मौसा ने ही अन्य दो रिश्तेदारों के साथ मिलकर मासूम का अपहरण कर लिया। मंडनपुर से अगवा किया गया मासूम छह घंटे बाद ही पुलिस ने गांव मनौना से बरामद कर लिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीन आरोपियों को असलहों के साथ गिरफ्तार किया है। पूरे मामले में एसपी ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया है।
पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार की रात करीब नौ बजे बहजोई पुलिस को सूचना मिली कि कोतवाली क्षेत्र के गांव मंडनपुर निवासी टीकम पुत्र ईश्वरी के सात वर्षीय बेटे हिमांशु का शाम 4 बजे करीब कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। पूरे मामले में कोतवाली बहजोई में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करते हुए बालक की तलाश के लिए टीमें गठित की गईं। इसके बाद स्थानीय पुलिस समेत एसओजी व सर्विलांस की टीमें बालक की तलाश में जुट गईं।
देर रात करीब 3 बजे मुखबिर की सूचना पर मुठभेड़ कर छह घंटे में कोतवाली क्षेत्र के ही गांव मनौना के जंगल से अगवा बालक को बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कोतवाली में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम विनोद व गुड्डू निवासी गांव बस्तोई थाना जरीफनगर जिला बदायूं तथा विकास निवासी गांव मंडनपुर कोतवाली बहजोई बताए। एसपी के मुताबिक आरोपियों के पास से दो बाइक अपाचे, 4 मोबाइल फोन, एक तमंचा 315 बोर व 4 कारतूस समेत 1 खोखा कारतूस बरामद किया गया है। बालक के पिता टीकम सिंह के मुताबिक आरोपी विनोद रिश्ते में उसका साढ़ू व गुड्डू साढ़ू का भाई तथा विकास उसका सगा भतीजा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह समेत सिटी इंचार्ज सुंदरलाल, सर्विलांस प्रभारी रविंद्र सिंह, कांस्टेबिल मानवीर, कुलदीप, आयुष, रजनीश, प्रवेश, गजेंद्र, विकास, मनोज आदि शामिल रहे।
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शौक पूरे करने के लिए रची अपहरण की साजिश
बहजोई। एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों में विनोद ने स्वीकार किया कि वह कोई खास काम धंधा नहीं करते हैं। अपनी जरूरतें व शौक पूरा करने के लिए अपने सगे भाई गुड्डू तथा साढ़ू के भतीजे विकास के साथ मिलकर मासूम हिमांशु के अपहरण की साजिश रची थी। बीते दिनों साढ़ू टीकम सिंह ने अपना मकान बनाया था। उस पर रुपया-पैसा भी ठीकठाक था।
टीकम के बड़े भाई के बेटे विकास को साजिश में शामिल करप्लान के मुताबिक 11 नवंबर की शाम 4 बजे बाइक से गांव मंडनपुर पहुंचे और मासूम हिमांशु को बहला-फुसला कर अपने साथ जिला बदायूूं के इसलामनगर ले गए। वहां भाई गुड्डू हिमांशु को लेकर गांव बस्तोई के जंगल में ट्यूबवेल पर ले गया। इस बीच शाम 7.22 बजे गुड्डू ने टीकम सिंह को फोन कर हिमांशु के अपहरण करने की बात बताते हुए 6 लाख की फिरौती की मांग रख दी। साथ ही पुलिस व अन्य किसी को पूरे मामले में जानकारी देने पर बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद रात 8.22 बजे फिर टीकम को फोन कर फिरौती की रकम मांगी गई। विनोद के मुताबिक वह व विकास गांव आकर पूरी घटना पर नजर रखे हुए थे। बाद में मामले की सूचना पुलिस को होने की जानकारी मिलते ही वह दोनों गुड्डू के पास चले गए और डर की वजह से मासूम को गांव मनौना में लाकर छिपा दिया।
पकौड़ी खिलाने के बहाने मासूम को ले गए थे
बहजोई। मासूम हिमांशु ने बताया कि वह अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी उसका मौसा विनोद व ताऊ का बेटा विकास उसे पकौड़ी खिलाने के बहाने पास के ही गांव मऊ-कठैर के चौराहे पर ले गए थे। इसके बाद उसका मौसा उसे अपने गांव ले गया था।
दूध की डेयरी पर बतौर मशीनमेन का काम करता है मासूम का पिता
बहजोई। गांव मंडनपुर निवासी टीकम सिंह से बातचीत की गई तो उसने बताया कि वह एक दूध की डेयरी परिसर में बने बर्फखाने पर बतौर मशीनमेन काम करता है। बीते कई वर्षों से जोड़ी गई धनराशि से उसने अपना मकान बनवाते हुए दूसरे अन्य काम किए थे।
एसपी ने दिया 25 हजार रुपये का पुरस्कार
बहजोई। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम हिमांशु को बरामद करने वाली टीम को 25 हजार रुपये की नकद धनराशि का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि बुधवार की रात करीब नौ बजे बहजोई पुलिस को सूचना मिली कि कोतवाली क्षेत्र के गांव मंडनपुर निवासी टीकम पुत्र ईश्वरी के सात वर्षीय बेटे हिमांशु का शाम 4 बजे करीब कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया है। पूरे मामले में कोतवाली बहजोई में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करते हुए बालक की तलाश के लिए टीमें गठित की गईं। इसके बाद स्थानीय पुलिस समेत एसओजी व सर्विलांस की टीमें बालक की तलाश में जुट गईं।
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देर रात करीब 3 बजे मुखबिर की सूचना पर मुठभेड़ कर छह घंटे में कोतवाली क्षेत्र के ही गांव मनौना के जंगल से अगवा बालक को बरामद करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। कोतवाली में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपने नाम विनोद व गुड्डू निवासी गांव बस्तोई थाना जरीफनगर जिला बदायूं तथा विकास निवासी गांव मंडनपुर कोतवाली बहजोई बताए। एसपी के मुताबिक आरोपियों के पास से दो बाइक अपाचे, 4 मोबाइल फोन, एक तमंचा 315 बोर व 4 कारतूस समेत 1 खोखा कारतूस बरामद किया गया है। बालक के पिता टीकम सिंह के मुताबिक आरोपी विनोद रिश्ते में उसका साढ़ू व गुड्डू साढ़ू का भाई तथा विकास उसका सगा भतीजा है। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक रवींद्र प्रताप सिंह समेत सिटी इंचार्ज सुंदरलाल, सर्विलांस प्रभारी रविंद्र सिंह, कांस्टेबिल मानवीर, कुलदीप, आयुष, रजनीश, प्रवेश, गजेंद्र, विकास, मनोज आदि शामिल रहे।
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शौक पूरे करने के लिए रची अपहरण की साजिश
बहजोई। एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों में विनोद ने स्वीकार किया कि वह कोई खास काम धंधा नहीं करते हैं। अपनी जरूरतें व शौक पूरा करने के लिए अपने सगे भाई गुड्डू तथा साढ़ू के भतीजे विकास के साथ मिलकर मासूम हिमांशु के अपहरण की साजिश रची थी। बीते दिनों साढ़ू टीकम सिंह ने अपना मकान बनाया था। उस पर रुपया-पैसा भी ठीकठाक था।
टीकम के बड़े भाई के बेटे विकास को साजिश में शामिल करप्लान के मुताबिक 11 नवंबर की शाम 4 बजे बाइक से गांव मंडनपुर पहुंचे और मासूम हिमांशु को बहला-फुसला कर अपने साथ जिला बदायूूं के इसलामनगर ले गए। वहां भाई गुड्डू हिमांशु को लेकर गांव बस्तोई के जंगल में ट्यूबवेल पर ले गया। इस बीच शाम 7.22 बजे गुड्डू ने टीकम सिंह को फोन कर हिमांशु के अपहरण करने की बात बताते हुए 6 लाख की फिरौती की मांग रख दी। साथ ही पुलिस व अन्य किसी को पूरे मामले में जानकारी देने पर बेटे को जान से मारने की धमकी भी दी। इसके बाद रात 8.22 बजे फिर टीकम को फोन कर फिरौती की रकम मांगी गई। विनोद के मुताबिक वह व विकास गांव आकर पूरी घटना पर नजर रखे हुए थे। बाद में मामले की सूचना पुलिस को होने की जानकारी मिलते ही वह दोनों गुड्डू के पास चले गए और डर की वजह से मासूम को गांव मनौना में लाकर छिपा दिया।
पकौड़ी खिलाने के बहाने मासूम को ले गए थे
बहजोई। मासूम हिमांशु ने बताया कि वह अपने घर के बाहर खेल रहा था। तभी उसका मौसा विनोद व ताऊ का बेटा विकास उसे पकौड़ी खिलाने के बहाने पास के ही गांव मऊ-कठैर के चौराहे पर ले गए थे। इसके बाद उसका मौसा उसे अपने गांव ले गया था।
दूध की डेयरी पर बतौर मशीनमेन का काम करता है मासूम का पिता
बहजोई। गांव मंडनपुर निवासी टीकम सिंह से बातचीत की गई तो उसने बताया कि वह एक दूध की डेयरी परिसर में बने बर्फखाने पर बतौर मशीनमेन काम करता है। बीते कई वर्षों से जोड़ी गई धनराशि से उसने अपना मकान बनवाते हुए दूसरे अन्य काम किए थे।
एसपी ने दिया 25 हजार रुपये का पुरस्कार
बहजोई। पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मासूम हिमांशु को बरामद करने वाली टीम को 25 हजार रुपये की नकद धनराशि का पुरस्कार देने की घोषणा की है।