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कम राजस्व वसूली पर एमडी बिफरे
संभ्ाल/अमर उजाला ब्यूराे
Updated Wed, 08 Feb 2017 02:01 AM IST
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बिजली
- फोटो : amar ujala
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इसमें चंदौसी की अपेक्षा संभल की स्थिति अधिक दयनीय है। सोमवार को मेरठ में हुई बैठक में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक ने भी संभल के अधिशासी अभियंता की कड़ी फटकार लगाई है।
अधीक्षण अभियंता (विद्युत) एमके अग्रवाल ने बताया कि जितनी बिजली जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों को दी जा रही है, उसके सापेक्ष बिल जमा नहीं हो पा रहे हैं। इसमें संभल शहर की स्थिति सबसे दयनीय है। यहां 4.50 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली देने के बाद सिर्फ दो से ढाई रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिल जमा हो पा रहे हैं।
आधी धनराशि विभाग के पास नहीं लौट रही है। हालांकि चंदौसी व बहजोई क्षेत्र में स्थिति काफी बेहतर है। सोमवार को मेरठ में सभी अधिशासी अभियंताओं के साथ प्रबंध निदेशक ने भी बैठक की, जिसमें संभल के अधिशासी अभियंता को कम वसूली पर फटकार लगाई गई। अधिशासी अभियंताओं को राजस्व वसूली बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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अधीक्षण अभियंता (विद्युत) एमके अग्रवाल ने बताया कि जितनी बिजली जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों को दी जा रही है, उसके सापेक्ष बिल जमा नहीं हो पा रहे हैं। इसमें संभल शहर की स्थिति सबसे दयनीय है। यहां 4.50 रुपये प्रति यूनिट पर बिजली देने के बाद सिर्फ दो से ढाई रुपये प्रति यूनिट की दर से ही बिल जमा हो पा रहे हैं।
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आधी धनराशि विभाग के पास नहीं लौट रही है। हालांकि चंदौसी व बहजोई क्षेत्र में स्थिति काफी बेहतर है। सोमवार को मेरठ में सभी अधिशासी अभियंताओं के साथ प्रबंध निदेशक ने भी बैठक की, जिसमें संभल के अधिशासी अभियंता को कम वसूली पर फटकार लगाई गई। अधिशासी अभियंताओं को राजस्व वसूली बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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