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कैराना गए संतों को जान से मारने की धमकी
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 25 Jun 2016 01:16 AM IST
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कैराना में हिंदू पलायन का सच जानने के लिए प्रदेश सरकार के आग्रह पर भारतीय संत समिति के अध्यक्ष/कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की अगुवाई में कैराना पहुंचे संतों के प्रतिनिधि मंडल अपनी जांच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंप दी। वापस लौटते समय ट्रेन में ही कट्टरपंथी संगठनों द्वारा आचार्य कृष्णम समेत प्रतिनिधि मंडल में शामिल तीन संतों को जान से मार देने की धमकियां दी गईं। जिसकी रिपोर्ट गाजियाबाद में दर्ज कराई जा रही है।
यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह के आग्रह पर कैराना में हिंदू पलायन का सच जानने के लिए 19 जून को संतो का एक प्रतिनिधि मंडल कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की अगुवाई में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, हरियाणा संत समिति के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, महा मंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद, स्वामी कल्याण देव व स्वामी चिन्मयानंद (सेवानिवृत्त न्यायाधीश) आदि संत कैराना पहुंचे थे।
जांच के बाद समिति प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को और शुक्रवार को राज्यपाल को सौंपी। रिपोर्ट सौंपने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस से जब संत लखनऊ से लौट रहे थे तो सबसे पहले शाम को 5.30 बजे पहला फोन स्वामी कल्याण देव को, 6.14 बजे आचार्य प्रमोद कृष्णम को और कुछ देर बाद ही स्वामी चक्रपाणि को फोन करके किसी ने धमकियां दी।
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आरोप लगाए कि यूपी सरकार के कहने पर सरकार के मनमाफिक रिपोर्ट दी है, हिंदुओं का अपमान किया है, इसलिए वह उन्हें छोड़ेंगे नहीं। इसके साथ ही जमकर गाली-गलौज की गई।
कल्कि पीठाधीश्वर ने बताया कि फोन पर धमकियां मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद को उसकी सूचना दी। गाजियाबाद में ही तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवानोें ने भी अपने हेडक्वार्टर से इस मामले की जानकारी दे दी है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कैराना में धर्म के नाम पर पलायन नहीं हुआ है। संतों की रिपोर्ट से कट्टरपंथियों की योजना फेल हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं।
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यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह के आग्रह पर कैराना में हिंदू पलायन का सच जानने के लिए 19 जून को संतो का एक प्रतिनिधि मंडल कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम की अगुवाई में हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, हरियाणा संत समिति के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि, महा मंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद, स्वामी कल्याण देव व स्वामी चिन्मयानंद (सेवानिवृत्त न्यायाधीश) आदि संत कैराना पहुंचे थे।
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जांच के बाद समिति प्रतिनिधि मंडल ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को और शुक्रवार को राज्यपाल को सौंपी। रिपोर्ट सौंपने के बाद शताब्दी एक्सप्रेस से जब संत लखनऊ से लौट रहे थे तो सबसे पहले शाम को 5.30 बजे पहला फोन स्वामी कल्याण देव को, 6.14 बजे आचार्य प्रमोद कृष्णम को और कुछ देर बाद ही स्वामी चक्रपाणि को फोन करके किसी ने धमकियां दी।
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आरोप लगाए कि यूपी सरकार के कहने पर सरकार के मनमाफिक रिपोर्ट दी है, हिंदुओं का अपमान किया है, इसलिए वह उन्हें छोड़ेंगे नहीं। इसके साथ ही जमकर गाली-गलौज की गई।
कल्कि पीठाधीश्वर ने बताया कि फोन पर धमकियां मिलने के बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक गाजियाबाद को उसकी सूचना दी। गाजियाबाद में ही तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सुरक्षा में लगे सीआईएसएफ के जवानोें ने भी अपने हेडक्वार्टर से इस मामले की जानकारी दे दी है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि कैराना में धर्म के नाम पर पलायन नहीं हुआ है। संतों की रिपोर्ट से कट्टरपंथियों की योजना फेल हो गई है, इसलिए वह बौखला गए हैं।