{"_id":"682e2efd5059a4300c0c6d24","slug":"jama-masjid-intezamia-committee-can-go-to-supreme-court-sambhal-news-c-15-mbd1028-649463-2025-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: सुप्रीम कोर्ट जा सकती है जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: सुप्रीम कोर्ट जा सकती है जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी
Thu, 22 May 2025 01:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 22 May 2025 01:22 AM IST
विज्ञापन
संभल। जामा मस्जिद सर्वे पर रोक लगाने की याचिका खारिज होने के बाद अब जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि कमेटी की ओर से नहीं की गई है। फिलहाल कानून विशेषज्ञों से मशवरा किया जा रहा है। इसके बाद कमेटी निर्णय ले सकती है। जामा मस्जिद कमेटी निचली अदालत के आदेश को गलत बताते हुए ही 3 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। सुप्रीम कोर्ट ने ही हाईकोर्ट जाने के लिए आदेश किया था।
19 और 24 नवंबर को हुए सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट कमिश्रर ने सीलबंद लिफाफे में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में पेश की थी। इसके बाद ही 3 जनवरी को जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी सुप्रीम पहुंच गई थी और सर्वे पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने के लिए आदेश किया था। इसी क्रम में 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने निचली के आदेश पर रोक लगाई थी। साथ ही खुद इस मामले को देखने के आदेश किए थे। इसके बाद दोनों पक्षों को सुना गया। इसी क्रम में हाईकोर्ट ने 19 मई को जामा मस्जिद की सर्वे पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी और निचली अदालत को सुनवाई के लिए आदेश कर दिए। अब निचली अदालत में तीन जुलाई को सुनवाई की जानी है। इस सुनवाई से पहले जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।
सर्वे के दौरान हुआ था बवाल, पांच की गई थी जान, 29 पुलिसकर्मी हुए थे घायल
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भीड़ एकत्र हुई थी और बवाल हो गया था। फायरिंग के साथ आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। यह बवाल नखासा तिराहा, हिंदूपुरा खेड़ा और दीपासराय तक पहुंचा था। हालांकि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस इस बवाल को काबू करने में सफल रही थी। 24 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे तक हुए सर्वे के बाद टीम को पुलिस ने सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
19 और 24 नवंबर को हुए सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट कमिश्रर ने सीलबंद लिफाफे में सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत में पेश की थी। इसके बाद ही 3 जनवरी को जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी सुप्रीम पहुंच गई थी और सर्वे पर रोक लगाने की याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट जाने के लिए आदेश किया था। इसी क्रम में 8 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट ने निचली के आदेश पर रोक लगाई थी। साथ ही खुद इस मामले को देखने के आदेश किए थे। इसके बाद दोनों पक्षों को सुना गया। इसी क्रम में हाईकोर्ट ने 19 मई को जामा मस्जिद की सर्वे पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज कर दी और निचली अदालत को सुनवाई के लिए आदेश कर दिए। अब निचली अदालत में तीन जुलाई को सुनवाई की जानी है। इस सुनवाई से पहले जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है।
विज्ञापन
सर्वे के दौरान हुआ था बवाल, पांच की गई थी जान, 29 पुलिसकर्मी हुए थे घायल
जामा मस्जिद सर्वे के दौरान भीड़ एकत्र हुई थी और बवाल हो गया था। फायरिंग के साथ आगजनी और तोड़फोड़ की गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। यह बवाल नखासा तिराहा, हिंदूपुरा खेड़ा और दीपासराय तक पहुंचा था। हालांकि करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस इस बवाल को काबू करने में सफल रही थी। 24 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे तक हुए सर्वे के बाद टीम को पुलिस ने सुरक्षित रास्ते से बाहर निकाला था।
विज्ञापन