फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Instead of keeping the mother and child for 72 hours, they were sent home within six hours.

Sambhal News: 72 घंटे रखने की बजाय जच्चा-बच्चा को छह घंटे में ही भेज दिया घर

Tue, 09 Jan 2024 01:54 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Tue, 09 Jan 2024 01:54 AM IST
विज्ञापन
Instead of keeping the mother and child for 72 hours, they were sent home within six hours.
ये है जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का हाल,
विज्ञापन

संभल। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव तो कराए जा रहे हैं, लेकिन सुविधाओं का टोटा है। कहीं कंबल नहीं दिया जा रहा तो मरीज को घर से रजाई लाकर तीमारदार राहत दे रहे हैं। कहीं प्रसव के कुछ घंटे बाद ही प्रसूता को घर भेज दिया जाता है। जबकि नियमानुसार 72 घंटे भर्ती किया जाना चाहिए। इस नियम का पालन जिले के किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं हो रहा है। इस स्थिति पर जिम्मेदार पर भी गंभीर नहीं है। जबकि समय अवधि पूरी होने के बाद डिस्चार्ज रसीद दी जाएगी। इसके बाद ही सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ तो मिल रहा है, लेकिन अपनी सहूलियत के लिए जिम्मेदार नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। जिले में दस सीएचसी हैं। शनिवार से सोमवार तक जिले के सभी सीएचसी में 148 शिशुओं ने जन्म लिया। इन सभी शिशु और उनकी मां को छह घंटे से भी कम समय में घर भेज दिया गया। जो प्रसव सोमवार की सुबह में हुए उन प्रसूताओं को भी दोपहर तक घर भेज दिया गया। वहीं गुन्नौर सीएचसी में कंबल नहीं मिलने के बाबत प्रभारी से बात की तो डाॅ. पवन कुमार ने बताया कि हीटर और कंबल की पर्याप्त व्यवस्था है। मरीजों को दिए भी जा रहे हैं।


कंबल नहीं मिला, घर से लाए रजाई
हमारे मरीज को कंबल नहीं मिला है। घर से रजाई मंगाई है। ऐसे में सर्दी होने का जच्चा-बच्चा को खतरा है। इसलिए घर से ही इंतजाम करा लिया।
सत्यवती, तीमारदार, सीएचसी गुन्नौर।
00000000000000000
गर्म पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। हीटर भी नहीं लगा है। कंबल नहीं मिला तो घर से जो रजाई लाए हैं उससे काम चला लिया है।
सोमवार को जच्चा- बच्चा को छुट्टी मिल गई।
गीता, तीमारदार, सीएचसी गुन्नौर

रविवार की रात में प्रसव हुआ था। कंबल अस्पताल की ओर से मिला था, लेकिन हीटर नहीं लगा था। घर से रजाई मंगाई थी। सोमवार को छुट्टी मिल गई।
गायत्री, प्रसूता, जुनावई सीएचसी


पत्नी का प्रसव रविवार की रात हुआ था। सोमवार की दोपहर में अस्पताल से छुट्टी मिल गई। कंबल तो मिल गया था, लेकिन हीटर और गर्म पानी की व्यवस्था नहीं थी।
छोटेलाल, तीमारदार, जुनावई सीएचसी
शासन का आदेश, 72 घंटे जच्चा-बच्चा को भर्ती रखा जाए
संभल जिले में शासन के आदेश का भी पालन नहीं किया जा रहा है। स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा को कम से कम 72 घंटे अनिवार्य रूप से अस्पताल में भर्ती रखें। क्योंकि प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की सेहत के लिए 72 घंटे का समय काफी अहम होता है। इसलिए इस पर अमल किया जाए लेकिन संभल जिले में ऐसा नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed