चंदौसी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल की ओर से विद्युत विभाग अधिकारियों की जिले में अनियंत्रित गतिविधियों के संबंध में एक ज्ञापन शनिवार को जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारियों द्वारा कि जा रही अघोषित विद्युत कटौती से चंदौसी, बहजोई व संभल की जनता परेशान है। शासनादेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
जिलास्तर पर 24 घंटे तहसील स्तर पर 21 और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शासनादेश है। पर विद्युत सप्लाई 12 से 14 घंटे के बीच मिल रही है। ओवरलोडिंग, फाल्ट, ब्रेकडाउन, पेड़ों की शाखा छांटने, खराब मौसम का हवाला देकर अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। 24 घंटे में लगभग 20 बार ट्रिपिंग की जाती है। जिससे नुकसान होता है। मौलागढ़ फीडर देहात के साथ-साथ शहर की कॉलोनियों को भी सप्लाई देता है। लेकिन उसे ग्रामीण शेडूल के अनुसार चलाते है। जिससे शहर की सप्लाई कम समय होती है। उसे शहर के फीडर से जोड़ा जाए। जिलाधिकारी को भेजे ज्ञापन में व्यापार मण्डल ने बताया कि विद्युत चोरी का व्यापार मण्डल कड़ा विरोध करता है। लेकिन जो अधिकारी विद्युत चेकिंग करते हैं। वह ही जुर्माना तय करते हैं। जिससे शोषण और भ्रष्टाचार होता है। जुर्माना लोक अदालत या जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से तय किया जाना चाहिए। इस मौके पर अरविंद गुप्ता, हरिगोपाल वार्ष्णेय, विनय सराफ, पवन गुप्ता, शीनू गुप्ता , अनुराग मित्तल आदि रहे