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Sambhal News: गांव सुखैला में गंगा किनारे 850 बीघा जमीन पर 162 अवैध पट्टे जारी हुए थे
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संभल।। शासन ने ग्राम सुखैला में गंगा किनारे की जमीन पर पट्टे करने के मामले में गुन्नौर के तत्कालीन तहसीलदार करम सिंह को निलंबित कर दिया है। वह वर्तमान में सुल्तानपुर जिले में एसडीएम के पद पर तैनात थे। 850 बीघा जमीन पर 162 अवैध पट्टे करने के दौरान गुन्नौर तहसील में वह तहसीलदार के पद पर तैनात थे। शिकायत के आधार पर जांच हुई तो भूमिका सामने आई थी। इसके आधार पर ही दो जुलाई को गुन्नौर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में नामजद आरोपी बनाया गया था। इस मामले में तत्कालीन बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह समेत छह आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फर्जी तरीके से पट्टे आवंटन के मामले का खुलासा होने और तत्कालीन तहसीलदार की भी भूमिका सामने आने पर शासन से कार्रवाई के लिए संस्तुति की थी। इसी क्रम में निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और गंभीर अनियमितता व प्रशासनिक लापरवाही की थी। गंगा किनारे की जमीन पर पट्टा किया नहीं जा सकता है इसके बाद भी अधिकारियों ने पट्टे स्वीकृत किए। जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। आगे की जांच पड़ताल जारी है। जो पट्टे कर दिए गए थे उनको निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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अब तक इनको भेजा गया है जेल
पुलिस ने तत्कालीन बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह व चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजवीर सिंह एवं पूर्व ग्राम प्रधान असदपुर विक्रांत एवं अधिवक्ता जय भारद्वाज को 3 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से जेल भेज दिया गया था।
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डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि फर्जी तरीके से पट्टे आवंटन के मामले का खुलासा होने और तत्कालीन तहसीलदार की भी भूमिका सामने आने पर शासन से कार्रवाई के लिए संस्तुति की थी। इसी क्रम में निलंबन की कार्रवाई की गई है। उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया और गंभीर अनियमितता व प्रशासनिक लापरवाही की थी। गंगा किनारे की जमीन पर पट्टा किया नहीं जा सकता है इसके बाद भी अधिकारियों ने पट्टे स्वीकृत किए। जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है। आगे की जांच पड़ताल जारी है। जो पट्टे कर दिए गए थे उनको निरस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
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अब तक इनको भेजा गया है जेल
पुलिस ने तत्कालीन बर्खास्त एसडीएम ओमवीर सिंह, तत्कालीन चकबंदी अधिकारी महेंद्र सिंह व चकबंदी लेखपाल भीमराव सिंह, तत्कालीन राजस्व निरीक्षक राजवीर सिंह एवं पूर्व ग्राम प्रधान असदपुर विक्रांत एवं अधिवक्ता जय भारद्वाज को 3 जुलाई को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से जेल भेज दिया गया था।
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