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Sambhal News: संरक्षित चंद्रेश्वर तीर्थ की जमीन के काट दिए अवैध पट्टे

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2025 01:04 AM IST
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Illegal leases of protected Chandreshwar Tirtha land were cut
संभल। तहसील के गांव चंदायन स्थित चंद्रेश्वर तीर्थ को एएसआई का संरक्षण मिला हुआ है। इस तीर्थ की 84 बीघा जमीन है, लेकिन मंदिर की आसपास की 32 बीघा जमीन पर अवैध रूप से पट्टे आवंटित कर दिए गए हैं। सोमवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई के साथ चंदायन गांव पहुंचे। पट्टे आवंटन मामले में डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। दूसरी ओर संरक्षित स्मारक होने के बाद भी देखभाल का अभाव मिला है। डीएम का कहना है कि वह एएसआई को पत्र लिखकर चंद्रेश्वर तीर्थ की देखभाल करने का आग्रह करेंगे।
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डीएम ने बताया कि संभल में 68 तीर्थ और 19 कूप हैं। इसमें से ही एक मुख्य तीर्थ चंद्रेश्वर शामिल है। जो एएसआई द्वारा स्मारक है लेकिन देखभाल का अभाव मिला है। संरक्षित स्मारक का जो बोर्ड लगा था, उसको तोड़ दिया गया था। उसको दोबारा से लगवाया गया है। एएसआई को अवगत कराया जाएगा। डीएम ने बताया कि चरागाह और पेड़ लगाने की जमीन समेत करीब 84 बीघा जमीन होने की जानकारी मिली है। इसमें 32 बीघा जमीन के पट्टे आवंटित किए गए हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। 52 बीघा जमीन की जानकारी भी कराई जाएगी। बताया कि प्राथमिक जांच पड़ताल में पट्टे अवैध हैं। नियमानुसार यह पट्टे नहीं किए जाने थे। 1952 के रिकॉर्ड को दिखवाएंगे। जांच कराई जाएगी और उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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चंदायन पुलिस चौकी बनेगी, एसपी ने दिए आदेश
चंद्रेश्वर तीर्थ पर पुलिस चौकी बनाई जाएगी। इसके लिए सोमवार को एसपी ने आदेश कर दिए हैं। एसपी ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस चौकी बनाई गई है। प्राचीन तीर्थ को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हो चुका है। इसको देखते हुए यह पुलिस चौकी बनाई जाएगी। फिलहाल पुलिसकर्मी तैनात कर दिए जाएंगे। बाद में भवन का भी निर्माण कराया जाएगा। जिससे पुलिसकर्मियों को भी असुविधा न हो और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रहे।
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वर्ष 2016 में दूसरे समुदाय ने रुकवा दिया था निर्माण

प्राचीन चंद्रेश्वर तीर्थ का गर्भगृह तो एएसआई संरक्षित है लेकिन मंदिर का ट्रस्ट कुछ दूरी पर एक नए मंदिर का निर्माण करना चाहता था। उस समय दूसरे समुदाय के लोगों ने विवाद किया था और निर्माण कार्य को तोड़ दिया था। उसके बाद से निर्माण कार्य नहीं हो सका। इस मंदिर का संचालन जय बाबा चंद्रेश्वर ट्रस्ट द्वार किया जाता है। मुख्य ट्रस्टी मुकेश गोयल ने बताया कि वर्ष 2016 के विवाद में हमारे खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी जो वर्ष 2017 में खत्म हुई थी। बताया कि 32 बीघा जमीन तो मंदिर के आसपास है। जिसके 1975, 1999 और 2003 में अलग अलग लोगों के पट्टे किए गए थे। बताया कि 52 बीघा जमीन हल्लू सराय में कहीं है जो मंदिर के नाम दान की गई थी। वह जमीन कब्जे में है उसको मुक्त कराने के लिए प्रशासन से आग्रह किया है।
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एएसआई संरक्षित स्मारक का बोर्ड लगाकर भूली
एएसआई द्वारा जिले में छह स्मारकों को संरक्षित किया जाता है। लेकिन एएसआई की ओर से देखभाल का अभाव भी पूरा है। चंद्रेश्वर तीर्थ पर लगे बोर्ड पर जिला मुरादाबाद दर्ज है। जिससे स्पष्ट है कि 13 वर्ष से बोर्ड पर भी एएसआई द्वारा ध्यान नहीं दिया गया है। वर्ष 2011 में संभल जिला बन गया था। यह बोर्ड भी टूटा पड़ा था जिसको अधिकारियों ने लगवाया है।

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चंद्रेश्वर तीर्थ की जमीन पर पट्टे किए गए हैं जो गलत हैं। इसकी जांच कराई जाएगी। रिकॉर्ड चेक कराया जा रहा है। 84 बीघा जमीन मंदिर की होने की जानकारी मिली है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल।
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