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Sambhal News: अगर परखोगे तो कुंदन सा ही ईमान निकलेगा...

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:11 AM IST
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If you test it, your honesty will turn out to be like gold...
बहजोई(संभल)। अगर परखोगे तो कुंदन सा ही ईमान निकलेगा व कभी धरती नहीं बदली, कभी अंबर नहीं बदला आदि एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाकर कवियों ने समां बांध दिया। मौका था नगर के रेलवे रोड स्थित मां भगवंतपुरवाली देवी मंदिर परिसर में रामनवमी के उपलब्ध में आयोजित किए गए कवि सम्मेलन का।
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शुक्रवार को रात मां भगवंतपुरवाली देवी मंदिर पार्क में हुए कवि सम्मेलन की शुरुआत कासगंज के कवि कवि निर्मल सक्सेना ने सरस्वती वंदना से की। उन्होंने अपनी रचना, इश्क का खुमार अच्छा नहीं होता, ज्यादा प्यार अच्छा नहीं होता। इसका इलाज जल्दी कीजिए, दिमागी बुखार अच्छा नहीं होता सुनाकर श्रोताओं को गुदगुदाया।
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वहीं, गाजियाबाद से आए कवि डॉ. स्वदेश यादव ने वीर रस से ओत प्रोत रचना, अगर परखोगे तो कुंदन सा ही ईमान निकलेगा, हृदय में कुछ बड़ा करने का भी अरमान निकलेगा। मेरी पीढ़ी के ये लड़के भले कितने भी हों मॉडर्न, अगर चीरेंगे ये सीना तो हिंदुस्तान निकलेगा सुनाकर श्रोताओं में जोश भर दिया।
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संचालन करते हुए स्थानीय कवि व शिक्षक डॉ. सौरभकांत शर्मा ने व्यंगात्मक रचना, अपनी खुद से ही अनबन है। ये भी कैसा पागलपन है। धड़कन धड़कन याद तुम्हारी, करवट करवट सूनापन है। तुम भी साजिश का हिस्सा थे, फिर भी तुमसे अपनापन है सुनाकर श्रोताओं को देर रात तक बांधे रखा।
इसके अलावा, कवि प्रदीप कुमार दीप ने कभी धरती नहीं बदली, कभी अंबर नहीं बदला। नए इस दौर में अब तक पुराना घर नहीं बदला। तुम्हारा फोन आएगा हमारे फोन पर एक दिन, इसी उम्मीद में हमनें कभी नंबर नहीं बदला तथा संभल के व्यंग्य कवि अतुल कुमार शर्मा ने, सीखो जीना जिंदगी को कुछ अच्छे जज्बातों में, वरना मंदिर सा घर भी कोई शमशान हो जाता है सुनाकर श्रोताओं की तालियां बटोरीं।

साथ ही, त्यागी अशोका कृष्णम ने, जांचा परखा प्यार को, बार-बार सौ बार। प्यार-प्यार बस प्यार है, जो डूबा सो पार तथा कवि दीपक गोस्वामी चिराग ने, मैं जाऊं चाहे मंदिर में, मैं जाऊं चाहे गुरुद्वारे। लखूं जो रब की मैं मूरत, मुझे मां याद आती है सुनाकर कवि सम्मेलन में चार चांद लगाए। इस बीच अतिथियों भाजपा के पश्चिमी क्षेत्र के उपाध्यक्ष राजेश सिंघल समेत जिला उपाध्यक्ष विकास वार्ष्णेय व नगर अध्यक्ष ललित मोहन शर्मा आदि रहे।
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