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दो मौलानाओं पर ‘गलत काम’ कराने का आरोप
ब्यूरो / अमर उजाला, संभ्ाल
Updated Wed, 22 Aug 2018 01:20 AM IST
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हलाला के नाम पर गलत काम का शिकार हुई महिला ने मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक से मिलकर कार्रवाई की मांग की। उसका कहना था कि उसके साथ गलत काम कराने वालों में दो मौलाना भी हैं।
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी पांच वर्ष पूर्व नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला निवासी युवक से हुई थी। परिजनों ने हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के कुछ दिन बाद से ही उसके पति और ससुराल जनों ने मानसिक शोषण शुरू कर दिया। दहेज के रूप में मायके से रुपये लाने की मांग करने लगे। इसका विरोध किया तो पति और उसके परिवार वालों ने मारपीट करनी शुरू कर दी। 16 जून को पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
तीन दिन बाद पति ने गलती की माफी मांगी और घर ले गया। वहां जाकर बताया कि दो मौलानाओं ने कहा है कि जब तक हलाला नहीं होगा तब तक दोबारा से उसे पत्नी नहीं माना जा सकता है। पति और ससुरालीजनों ने 19 जून को देवर के साथ जबरदस्ती निकाह करा दिया। रात को आंखों पर पट्टी बांधकर देवर ने हलाला के नाम पर गलत काम किया। अगली सुबह देवर ने तीन तलाक दे दिया। समाज के डर और परिवार की इज्जत की खातिर उसने किसी से कुछ नहीं बताया और मायके चली गई। इसके बाद पति ने पांच जुलाई को पति ने कहा कि वह साथ रहना चाहता है। इसके लिए दोबारा निकाह करेगा।
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महिला का आरोप है कि पति की बातों के झांसे में आकर ससुराल चली गई। वहां उसका शारीरिक शोषण किया और 17 जुलाई को पति ने बताया कि उसकी दो बड़े मौलानाओं से उसकी बात हुई है। उन्होंने रिश्ते को नाजायज बताया है। इसके लिए हलाला कर तीन महीने 10 दिन की इद्दत करनी होगी, तब हम पति पत्नी के रूप में रह सकेंगे। इस पर 17 जुलाई की रात फिर से दो मौलानाओं ने ननदोई से निकाह करा दिया। फिर हलाला कर इद्दत करने की बात कही। आरोप है कि 18 जुलाई को ननदोई ने गलत काम किया। अगली सुबह तीन तलाक दे दिया।
लगातार हो रहे शारीरिक शोषण से मानसिक तनाव हो गया। महिला ने मायके पहुंचकर हलाला के नाम पर देवर और ननदोई ने किए गए गलत काम की जानकारी दी। जब परिजनों इसकी जानकारी हुई तो होश उड़ गए। न्याय के लिए पुलिस थाने के काफी चक्कर लगाए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले में जांच कर कठोर कार्रवाई के आदेश नखासा पुलिस को दिए हैं।
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पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी पांच वर्ष पूर्व नखासा थाना क्षेत्र के मोहल्ला निवासी युवक से हुई थी। परिजनों ने हैसियत के अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के कुछ दिन बाद से ही उसके पति और ससुराल जनों ने मानसिक शोषण शुरू कर दिया। दहेज के रूप में मायके से रुपये लाने की मांग करने लगे। इसका विरोध किया तो पति और उसके परिवार वालों ने मारपीट करनी शुरू कर दी। 16 जून को पति ने तीन तलाक देकर घर से निकाल दिया।
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तीन दिन बाद पति ने गलती की माफी मांगी और घर ले गया। वहां जाकर बताया कि दो मौलानाओं ने कहा है कि जब तक हलाला नहीं होगा तब तक दोबारा से उसे पत्नी नहीं माना जा सकता है। पति और ससुरालीजनों ने 19 जून को देवर के साथ जबरदस्ती निकाह करा दिया। रात को आंखों पर पट्टी बांधकर देवर ने हलाला के नाम पर गलत काम किया। अगली सुबह देवर ने तीन तलाक दे दिया। समाज के डर और परिवार की इज्जत की खातिर उसने किसी से कुछ नहीं बताया और मायके चली गई। इसके बाद पति ने पांच जुलाई को पति ने कहा कि वह साथ रहना चाहता है। इसके लिए दोबारा निकाह करेगा।
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महिला का आरोप है कि पति की बातों के झांसे में आकर ससुराल चली गई। वहां उसका शारीरिक शोषण किया और 17 जुलाई को पति ने बताया कि उसकी दो बड़े मौलानाओं से उसकी बात हुई है। उन्होंने रिश्ते को नाजायज बताया है। इसके लिए हलाला कर तीन महीने 10 दिन की इद्दत करनी होगी, तब हम पति पत्नी के रूप में रह सकेंगे। इस पर 17 जुलाई की रात फिर से दो मौलानाओं ने ननदोई से निकाह करा दिया। फिर हलाला कर इद्दत करने की बात कही। आरोप है कि 18 जुलाई को ननदोई ने गलत काम किया। अगली सुबह तीन तलाक दे दिया।
लगातार हो रहे शारीरिक शोषण से मानसिक तनाव हो गया। महिला ने मायके पहुंचकर हलाला के नाम पर देवर और ननदोई ने किए गए गलत काम की जानकारी दी। जब परिजनों इसकी जानकारी हुई तो होश उड़ गए। न्याय के लिए पुलिस थाने के काफी चक्कर लगाए, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले में जांच कर कठोर कार्रवाई के आदेश नखासा पुलिस को दिए हैं।