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रामनगर में लगातार बढ़ रहे हेपेटाइटिस सी के मरीज
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रामनगर में लगातार बढ़ रहे हेपेटाइटिस सी के मरीज
संभल। असमोली ब्लॉक क्षेत्र के करीब पांच हजार आबादी वाले गांव रामनगर में हेपेटाइटिस-सी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लोग अनजान हैं कि यह कैसे फैल रहा है। मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस खतरनाक रोग की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी यह जानकारी करने में असफल रहा है कि आखिर यह हेपेटाइटिस-सी फैल कैसे रहा है। पहले गांव के लोगों में भ्रम था कि दूषित पानी इसके फैलने का कारण हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह पानी से नहीं फैलता है। अब सवाल उठता है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में कैसे आ रहे हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी बेहतर उपाए नहीं किए गए हैं। हद यह है कि इस गांव के ज्यादातर लोग निजी चिकित्सकों से अपना उपचार करा रहे हैं। काफी ऐसे लोग भी इस गांव में हैं। जो बीमार नहीं हुए और इंजेक्शन तक नहीं लगा और वह संक्रमित हो गए। कई बच्चे बीमार हैं। जिनकी उम्र पांच वर्ष से भी कम है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में ही 88 सक्रिय मरीज हैं।
शुगर मिल की ओर से 74 लोगों की जांच कराई गई है, रिपोर्ट का इंतजार
संभल। गांव रामनगर के नजदीक स्थित धामपुर शुगर मिल की इकाई के कर्मचारियों ने 74 लोगों की जांच मुरादाबाद में कराई है। जिनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। जो लोग पॉजिटिव मिलेंगे उनका उपचार मिल की ओर से कराया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी पर तवज्जों नहीं दी जाती है। जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं वह निजी चिकित्सक से उपचार करा लेते हैं जो कमजोर हैं उनके लिए परेशानी है।
गांव में चल रहा है अवैध अस्पताल
संभल। गांव रामनगर में कई अवैध क्लीनिक हैं लेकिन बड़ा अस्पताल भी चल रहा है। गांव के बाहरी छोर पर स्थि त तालाब में इस अस्पताल का कचरा डाला जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब की खुदाई हो जाए तो प्लास्टिक की बोतल और सीरिंज बड़ी संख्या में मिलेंगी। अक्सर सीरिंज ग्रामीणों को चुभ जाती है। पशु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। सवाल उठता है कि यह अवैध अस्पताल किसकी सरपरस्ती में चल रहा है।
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जिम्मेदार बोले
हमारे अस्पताल से गांव रामनगर के लोगों का उपचार चल रहा है। काफी लोग आते हैं जिनका उपचार चल रहा है। समय समय पर जांच भी की जाती है। नए नमूने जांच के लिए भी भेजे जाते हैं।
डॉ. पारूल, सीएचसी प्रभारी, असमोली
गांव रामनगर में हेपेटाइटिस-सी के मरीज हैं। अब फिर से जांच कराई जाएगी। जिससे सही जानकारी सामने आ सके। गांव में अवैध क्लीनिक और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
डा. मनोज कुमार, नोडल अधिकारी, संभल
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संभल। असमोली ब्लॉक क्षेत्र के करीब पांच हजार आबादी वाले गांव रामनगर में हेपेटाइटिस-सी के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। लोग अनजान हैं कि यह कैसे फैल रहा है। मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इस खतरनाक रोग की चपेट में आ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग भी यह जानकारी करने में असफल रहा है कि आखिर यह हेपेटाइटिस-सी फैल कैसे रहा है। पहले गांव के लोगों में भ्रम था कि दूषित पानी इसके फैलने का कारण हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह पानी से नहीं फैलता है। अब सवाल उठता है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में कैसे आ रहे हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी बेहतर उपाए नहीं किए गए हैं। हद यह है कि इस गांव के ज्यादातर लोग निजी चिकित्सकों से अपना उपचार करा रहे हैं। काफी ऐसे लोग भी इस गांव में हैं। जो बीमार नहीं हुए और इंजेक्शन तक नहीं लगा और वह संक्रमित हो गए। कई बच्चे बीमार हैं। जिनकी उम्र पांच वर्ष से भी कम है। स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में ही 88 सक्रिय मरीज हैं।
शुगर मिल की ओर से 74 लोगों की जांच कराई गई है, रिपोर्ट का इंतजार
संभल। गांव रामनगर के नजदीक स्थित धामपुर शुगर मिल की इकाई के कर्मचारियों ने 74 लोगों की जांच मुरादाबाद में कराई है। जिनकी जांच रिपोर्ट आनी बाकी है। जो लोग पॉजिटिव मिलेंगे उनका उपचार मिल की ओर से कराया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि सीएचसी पर तवज्जों नहीं दी जाती है। जो लोग आर्थिक रूप से मजबूत हैं वह निजी चिकित्सक से उपचार करा लेते हैं जो कमजोर हैं उनके लिए परेशानी है।
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गांव में चल रहा है अवैध अस्पताल
संभल। गांव रामनगर में कई अवैध क्लीनिक हैं लेकिन बड़ा अस्पताल भी चल रहा है। गांव के बाहरी छोर पर स्थि त तालाब में इस अस्पताल का कचरा डाला जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तालाब की खुदाई हो जाए तो प्लास्टिक की बोतल और सीरिंज बड़ी संख्या में मिलेंगी। अक्सर सीरिंज ग्रामीणों को चुभ जाती है। पशु भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। सवाल उठता है कि यह अवैध अस्पताल किसकी सरपरस्ती में चल रहा है।
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जिम्मेदार बोले
हमारे अस्पताल से गांव रामनगर के लोगों का उपचार चल रहा है। काफी लोग आते हैं जिनका उपचार चल रहा है। समय समय पर जांच भी की जाती है। नए नमूने जांच के लिए भी भेजे जाते हैं।
डॉ. पारूल, सीएचसी प्रभारी, असमोली
गांव रामनगर में हेपेटाइटिस-सी के मरीज हैं। अब फिर से जांच कराई जाएगी। जिससे सही जानकारी सामने आ सके। गांव में अवैध क्लीनिक और अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
डा. मनोज कुमार, नोडल अधिकारी, संभल