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Sambhal News: आधार कार्ड में त्रुटि बन रही फार्मर रजिस्ट्री बनवाने में रोड़ा
Sun, 23 Feb 2025 11:44 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Sun, 23 Feb 2025 11:44 PM IST
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चंदौसी। आधार कार्ड और खतौनी में नाम की त्रुटि और गलत मोबाइल नंबर की वजह से फार्मर रजिस्ट्री कराने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में किसान मोबाइल नंबर बदलवाने और नाम संशोधित कराने की लिए आधार केंद्रों और तहसील के चक्कर काट रहे हैं। फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसान के पास आधार के साथ ही मोबाइल होना जरूरी है। मोबाइल पर ओटीपी आने के बाद ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी होगी। रजिस्ट्रेशन में परेशानी यह है कि कभी ओटीपी समय से नहीं मिलता तो वहीं कई किसानों ने जो मोबाइल नंबर आधार कार्ड में दर्ज कराया था। वह उसे अब प्रयोग नहीं कर रहे। ऐसे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। इसके अलावा खतौनी और आधार में दर्ज नाम में त्रुटि भी एक समस्या है। खतौनी में दर्ज नाम आधार कार्ड से मेल नहीं खा रहा। ऐसे में किसान आधार कार्ड में फोन नंबर और नाम सही कराने के लिए परेशान हो रहे हैं। किसान चिंतित हैं कि समय पर फार्मर रजिस्ट्री नहीं हुई तो पीएम किसान सम्मान निधि से वंचित रह सकते हैं।
साइबर कैफे संचालक बाेले
- किसानों ने जब अपना आधार कार्ड बनवाया था, तो उसमें कौन सा मोबाइल नंबर लगाया था, उनको खुद पता नहीं। कुछ को पता है, लेकिन वह नंबर बंद हो चुका है। ऐसे में आधार संशोधन में ओटीपी नहीं आ रहा है। जिससे रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आ रही है। -मोहम्मद अनबर, साइबर कैफे संचालक चंदौसी
- कई किसान ऐसे हैं, जिनकी खतौनी में दर्ज नाम में कुछ त्रुटि की वजह से आधार कार्ड से मेल नहीं हो रहा है। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री करने में समस्या आ रही है। - संतोष वार्ष्णेय, साइबर कैफे संचालक रजपुरा
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आधार केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग
- आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के लिए जिले में सीमित ही केंद्र संचालित है। बैंक और डाकघराें में आधार केंद्रों की सुविधा है। लेकिन प्रमुख डाकघराें में ही आधार संबंधित कार्य हो रहा है। इसके अलावा बैंकों की आधार मशीनें बंद पड़ी हैं। चंदौसी में तीन और नरौली में एक आधार केंद्र संचालित है। इसके अलावा गुन्नौर तहसील क्षेत्र में कहीं भी आधार कार्ड नहीं बन रहे। बहजोई और संभल में भी आधार केंद्रों की संख्या कम है। भीड़ से बचने के लिए आधार केंद्रों पर टोकन प्रक्रिया चल रही है। दो से तीन महीने तक के टोकन वितरण कर दिए गए हैं। प्रत्येक काउंटर पर एक दिन में 30 से 40 लोगों का ही काम हो पाता है।
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साइबर कैफे संचालक बाेले
- किसानों ने जब अपना आधार कार्ड बनवाया था, तो उसमें कौन सा मोबाइल नंबर लगाया था, उनको खुद पता नहीं। कुछ को पता है, लेकिन वह नंबर बंद हो चुका है। ऐसे में आधार संशोधन में ओटीपी नहीं आ रहा है। जिससे रजिस्ट्रेशन में दिक्कत आ रही है। -मोहम्मद अनबर, साइबर कैफे संचालक चंदौसी
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- कई किसान ऐसे हैं, जिनकी खतौनी में दर्ज नाम में कुछ त्रुटि की वजह से आधार कार्ड से मेल नहीं हो रहा है। इस वजह से फार्मर रजिस्ट्री करने में समस्या आ रही है। - संतोष वार्ष्णेय, साइबर कैफे संचालक रजपुरा
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आधार केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग
- आधार कार्ड बनवाने व संशोधन कराने के लिए जिले में सीमित ही केंद्र संचालित है। बैंक और डाकघराें में आधार केंद्रों की सुविधा है। लेकिन प्रमुख डाकघराें में ही आधार संबंधित कार्य हो रहा है। इसके अलावा बैंकों की आधार मशीनें बंद पड़ी हैं। चंदौसी में तीन और नरौली में एक आधार केंद्र संचालित है। इसके अलावा गुन्नौर तहसील क्षेत्र में कहीं भी आधार कार्ड नहीं बन रहे। बहजोई और संभल में भी आधार केंद्रों की संख्या कम है। भीड़ से बचने के लिए आधार केंद्रों पर टोकन प्रक्रिया चल रही है। दो से तीन महीने तक के टोकन वितरण कर दिए गए हैं। प्रत्येक काउंटर पर एक दिन में 30 से 40 लोगों का ही काम हो पाता है।