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बारिश से सब्जियों के साथ सरसों को भारी नुकसान
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चंदौसी। तेज हवा के साथ बारिश से खेतों में सरसों, अगेती गेहूं की फसल गिर गई है। सरसों में करीब 15 फीसदी तक नुकसान का अनुमान है। इसके अलावा नमी अधिक बढ़ने से पहले से प्रभावित आलू, गोभी, मटर की फसल में फफूंदी रोग और बढ़ेगा। संभव हो तो किसान खेतों में जमा पानी को बाहर निकाल दें।
बुधवार को सुबह करीब सात बजे से हवा के साथ तेज बारिश हुई। सरसों, गेहूं, आलू, गोभी मटर आदि फसलों में पानी जमा हो गया है। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेअर भूमि में सरसों, 20 हजार हेक्टेअर में आलू की फसल का रकबा है। इस समय सरसों की फसल में फली आ रही है। बारिश में फसल खेतों में गिर गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद ने बताया कि तेज बारिश के चलते कुछ फलियां फट जाती हैं। इसके अलावा भूमि पर फसल के गिरने से पौधे की जड़ हिल जाती है तथा फलियां मिट्टी के संपर्क में आ जाती हैं। इससे फली में बन रहे दाने का विकास रुक जाती है और दाना बारीक रह जाता है। बारिश से सरसों के फसल में करीब 15 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है।
पछेली आलू की फसल में झुलसा रोग चल रहा है। बारिश से खेतों में नमी और बढ़ जाएगी। ये रोग को बढ़ाने में टॉनिक का काम करेगी। झुलसा रोग से आलू के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। मटर और गोभी भी में फफूंदी रोग बढ़ेंगे। जिससे किसान चिंतित हैं।
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बारिश से खेतों में पानी भरा रहने से सब्जी, तिलहन की फसलों को भारी नुकसान होगा। संभव हो सके, तो किसान खेतों में जमा पानी को बाहर निकाल दें। ताकि खेतों की नमी जल्दी से सूख जाए।
डॉ. अरविंद, कृषि वैैैज्ञानिक, जिला कृषि विज्ञान केंद्र पथरा, संभल
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बुधवार को सुबह करीब सात बजे से हवा के साथ तेज बारिश हुई। सरसों, गेहूं, आलू, गोभी मटर आदि फसलों में पानी जमा हो गया है। जिले में करीब 25 हजार हेक्टेअर भूमि में सरसों, 20 हजार हेक्टेअर में आलू की फसल का रकबा है। इस समय सरसों की फसल में फली आ रही है। बारिश में फसल खेतों में गिर गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरविंद ने बताया कि तेज बारिश के चलते कुछ फलियां फट जाती हैं। इसके अलावा भूमि पर फसल के गिरने से पौधे की जड़ हिल जाती है तथा फलियां मिट्टी के संपर्क में आ जाती हैं। इससे फली में बन रहे दाने का विकास रुक जाती है और दाना बारीक रह जाता है। बारिश से सरसों के फसल में करीब 15 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है।
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पछेली आलू की फसल में झुलसा रोग चल रहा है। बारिश से खेतों में नमी और बढ़ जाएगी। ये रोग को बढ़ाने में टॉनिक का काम करेगी। झुलसा रोग से आलू के उत्पादन पर प्रभाव पड़ता है। मटर और गोभी भी में फफूंदी रोग बढ़ेंगे। जिससे किसान चिंतित हैं।
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बारिश से खेतों में पानी भरा रहने से सब्जी, तिलहन की फसलों को भारी नुकसान होगा। संभव हो सके, तो किसान खेतों में जमा पानी को बाहर निकाल दें। ताकि खेतों की नमी जल्दी से सूख जाए।
डॉ. अरविंद, कृषि वैैैज्ञानिक, जिला कृषि विज्ञान केंद्र पथरा, संभल