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प्रदूषित पानी के सवाल पर एनजीटी में हुई सुनवाई
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Thu, 12 Apr 2018 01:47 AM IST
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हिमायूंपुर में दूषित पानी की आपूर्ति हुई।
जिले के 32 से अधिक गावों में प्रदूषित पानी की समस्या है। इस मामले में बुधवार को एनजीटी में सुनवाई हुई है। सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी की ओर से उप जिलाधिकारी द्वारा तैयार जवाब को उनके अधिवक्ता ने दाखिल किया है। प्रशासन ने समस्या को गंभीर नहीं माना है। न ही गांव में बाहर से पानी आपूर्ति किए जाने को स्वीकार किया।
एनजीटी में संभल जिले के चंदौसी निवासी अधिवक्ता गौरव बंसल ने याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने संभल जिले के 32 से अधिक गांवों प्रदूषित पानी से बीमारियां फैलने का मुद्दा उठाया था। एनजीटी ने उनकी याचिका पर जल निगम, जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा था।
दाखिल जवाब में प्रशासन का कहना है कि गांव में लगे हैंडपंपों से ही पानी का इंतजाम हो जाएगा। जिन हैंडपंपों का पानी प्रदूषित है उनको प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए योजनाएं बनाईं जा रही हैं पर तत्काल टैंकर आदि से वैकल्किप व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता नहीं है।
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इस पर याची अधिवक्ता से एनजीटी ने जवाब मांगा है। अब याची का कहना है कि वह क्षेत्र का दौरा करेंगे और प्रशासन की ओर से दाखिल जवाब का परीक्षण करेंगे। इसके बाद एनजीटी को हकीकत से अवगत कराएंगे।
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एनजीटी में संभल जिले के चंदौसी निवासी अधिवक्ता गौरव बंसल ने याचिका दाखिल की थी। याचिका में उन्होंने संभल जिले के 32 से अधिक गांवों प्रदूषित पानी से बीमारियां फैलने का मुद्दा उठाया था। एनजीटी ने उनकी याचिका पर जल निगम, जिलाधिकारी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगा था।
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दाखिल जवाब में प्रशासन का कहना है कि गांव में लगे हैंडपंपों से ही पानी का इंतजाम हो जाएगा। जिन हैंडपंपों का पानी प्रदूषित है उनको प्रतिबंधित किया गया है। इसके अलावा स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति के लिए योजनाएं बनाईं जा रही हैं पर तत्काल टैंकर आदि से वैकल्किप व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता नहीं है।
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इस पर याची अधिवक्ता से एनजीटी ने जवाब मांगा है। अब याची का कहना है कि वह क्षेत्र का दौरा करेंगे और प्रशासन की ओर से दाखिल जवाब का परीक्षण करेंगे। इसके बाद एनजीटी को हकीकत से अवगत कराएंगे।