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बिजली नहीं मिली तो आशाओं को किया कैद
ब्यूराे/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 01 Jun 2016 12:48 AM IST
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चंदौसी के अमियापुर पचाक में घर में बंधक बनी आशा, आंगनबाड़ी कार्यकत्री। अमर उजाला
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बनियाठेर थाना क्षेत्र के अमियापुर पचाक में पोलियो अभियान का तीसरे दिन मंगलवार को भी बहिष्कार किया गया है। पोलियो की दवा पिलाने गईं आशा बहनों और आंगनबाड़ी को ग्रामीणों ने एक कमरे में कैद कर लिया। मौके पर बनियाठेर पुलिस और सीएमओ भी पहुंच गए। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। सीएमओ ने डीएम को ग्रामीणों की बिजली लाइन फीडर के बदलाव पर विरोध की पूरी जानकारी दी।
अमियापुर पचाक गांव के लोग तीन दिनों से आंदोलनरत हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गुमथल, रामरायपुर, पचाक, कुंवरपुर, बरौली, उमरा गोपालपुर को नार्थ वेस्ट फीडर से हटाकर जनेटा से जोड़ने का विरोध किया। ग्रामीणों की मांग है कि वह फीडर में परिवर्तन नहीं होने देंगे। मंगलवार की सुबह आठ बजे आशा हरकली, नीति सिंह और आंगनबाड़ी रीना रानी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने पहुंची। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया।
गांव में ही एक मकान के अंदर कैद कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने आशाओं के खानपान का विशेष ध्यान रख रहे थे। वहीं, सूचना पर शाम करीब पांच बजे बनियाठेर पुलिस और सीएमओ डा. उमराव सिंह मौके पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। शाम पांच बजे ग्रामीण माने तब जाकर करीब नौ घंटे बाद आशाओं को मुक्त किया।
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अमियापुर पचाक गांव के लोग तीन दिनों से आंदोलनरत हैं। मंगलवार को ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गुमथल, रामरायपुर, पचाक, कुंवरपुर, बरौली, उमरा गोपालपुर को नार्थ वेस्ट फीडर से हटाकर जनेटा से जोड़ने का विरोध किया। ग्रामीणों की मांग है कि वह फीडर में परिवर्तन नहीं होने देंगे। मंगलवार की सुबह आठ बजे आशा हरकली, नीति सिंह और आंगनबाड़ी रीना रानी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने पहुंची। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बना लिया।
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गांव में ही एक मकान के अंदर कैद कर दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने आशाओं के खानपान का विशेष ध्यान रख रहे थे। वहीं, सूचना पर शाम करीब पांच बजे बनियाठेर पुलिस और सीएमओ डा. उमराव सिंह मौके पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को समझाया, लेकिन वे नहीं माने। शाम पांच बजे ग्रामीण माने तब जाकर करीब नौ घंटे बाद आशाओं को मुक्त किया।
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