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Sambhal News: नाजुक दिल को संभाल कर रखें, यहां नहीं है कॉर्डियोलॉजिस्ट
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संभल। जिला अस्पताल में न तो चेस्ट फिजीशियन की तैनाती है और न ही कॉर्डियोलॉजिस्ट तैनात है। हृदय रोग, फेफड़ों और श्वसन प्रणाली से संबंधित मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में स्वीकृत 23 पदों के सापेक्ष 10 पर ही डॉक्टर तैनात हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी हो रही है।
जिला अस्पताल में शहर और देहात के मरीज इलाज के लिए आते हैं। हर एक दिन करीब 1000 मरीजों की ओपीडी हो जाती है। यहां तमाम ऐसे मरीज हैं, जिनकी इलाज की उम्मीद पूरी नहीं हो रही है क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल में पुरुष और महिला इकाई में डॉक्टरों के 23 पद स्वीकृत हैं लेकिन 10 पर ही डॉक्टर तैनात हैं। पुरुष इकाई में चेस्ट फिजीशियन, स्किन/एसटीडी, काॅर्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, ईएनटी और ईएमओ नहीं है।
महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, एनेस्थेटिस्ट, पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। ऐसे हालात में अगर ओपीडी में दूसरे रोगों से पीड़ित मरीज आते हैं तो उन्हें डॉक्टर मुरादाबाद, मेरठ या अलीगढ़ रेफर कर देते हैं। जबकि लंबी दौड़ लगाने से बचने के लिए कुछ मरीज संभल के ही निजी अस्पतालों में ही इलाज कराते हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने कहा कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है। हर एक महीने से शासन से पत्राचार करते हैं।
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जिला अस्पताल में शहर और देहात के मरीज इलाज के लिए आते हैं। हर एक दिन करीब 1000 मरीजों की ओपीडी हो जाती है। यहां तमाम ऐसे मरीज हैं, जिनकी इलाज की उम्मीद पूरी नहीं हो रही है क्योंकि विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती नहीं हो सकी है। अस्पताल में पुरुष और महिला इकाई में डॉक्टरों के 23 पद स्वीकृत हैं लेकिन 10 पर ही डॉक्टर तैनात हैं। पुरुष इकाई में चेस्ट फिजीशियन, स्किन/एसटीडी, काॅर्डियोलॉजिस्ट, एनेस्थेटिस्ट, ईएनटी और ईएमओ नहीं है।
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महिला इकाई में मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका, अधीक्षिका एवं प्रभारी भंडार, एनेस्थेटिस्ट, पैथोलॉजिस्ट के पद भी रिक्त हैं। ऐसे हालात में अगर ओपीडी में दूसरे रोगों से पीड़ित मरीज आते हैं तो उन्हें डॉक्टर मुरादाबाद, मेरठ या अलीगढ़ रेफर कर देते हैं। जबकि लंबी दौड़ लगाने से बचने के लिए कुछ मरीज संभल के ही निजी अस्पतालों में ही इलाज कराते हैं। मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सैनी ने कहा कि डॉक्टरों की तैनाती के लिए प्रयास किया जा रहा है। हर एक महीने से शासन से पत्राचार करते हैं।