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Sambhal News: ग्राम प्रधान व सचिव पर गोशाला निर्माण की धनराशि गबन करने का आरोप, जांच शुरू
Fri, 27 Jun 2025 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 27 Jun 2025 01:48 AM IST
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जुनावई (संभल)। गांव चिरवारा के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान और सचिव पर गोशाला निर्माण की करीब 1.55 लाख रुपये धनराशि का गबन करने का आरोप लगाया है। आरोपी सचिव को अन्य गांव में गोशाला निर्माण में अनियमितता के लिए पहले भी निलंबित किया जा चुका है। ग्रामीणों ने निर्माणाधीन नाला टूटने के विरोध में भी प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद डीएम ने एडीपीआरओ को जांच सौंपी है।
क्षेत्र के चिरवारा गांव में सचिव और ग्राम प्रधान के माध्यम से 2024 में अस्थायी गोशाला का निर्माण किया जाना था। इसके लिए राजस्व विभाग ने गांव के ही नजदीक भूमि को चिह्नित कर कार्य शुरू करवा दिया था। इसमें गोशाला के दोनों साइडों में मनरेगा से दो साइडों में मनरेगा के तहत खोदाई भी कराई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिनों बाद ही किसी कारणवश प्रस्तावित गोशाला निर्माण निरस्त कर दिया गया था, लेकिन तब तक ग्राम प्रधान और सचिव ने लगभग डेढ़ लाख रुपये का आहरण कर लिया, जबकि गांव में प्रस्तावित गोशाला के स्थान पर न तो फैंसिंग हुई और न ही हैंडपंप लगा और भूसा खरीद भी नहीं की गई। बृहस्पतिवार को डीएम ने मामले की जांच एडीपीआरओ को सौंपकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
बीडीओ ने की जांच के आदेश की पुष्टि
इस संबंध में बीडीओ ने इस जांच आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गांव चिरवारा में गोशाला निर्माण के लिए सिर्फ खाई की खोदाई व समतली का काम किया गया था। किसी कारण से अस्थायी गोशाला निरस्त हो गई थी। गांव के गिरीश शर्मा की शिकायत पर डीएम ने जांच एडीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह को दी गई है।
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क्षेत्र के चिरवारा गांव में सचिव और ग्राम प्रधान के माध्यम से 2024 में अस्थायी गोशाला का निर्माण किया जाना था। इसके लिए राजस्व विभाग ने गांव के ही नजदीक भूमि को चिह्नित कर कार्य शुरू करवा दिया था। इसमें गोशाला के दोनों साइडों में मनरेगा से दो साइडों में मनरेगा के तहत खोदाई भी कराई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दिनों बाद ही किसी कारणवश प्रस्तावित गोशाला निर्माण निरस्त कर दिया गया था, लेकिन तब तक ग्राम प्रधान और सचिव ने लगभग डेढ़ लाख रुपये का आहरण कर लिया, जबकि गांव में प्रस्तावित गोशाला के स्थान पर न तो फैंसिंग हुई और न ही हैंडपंप लगा और भूसा खरीद भी नहीं की गई। बृहस्पतिवार को डीएम ने मामले की जांच एडीपीआरओ को सौंपकर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए हैं।
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बीडीओ ने की जांच के आदेश की पुष्टि
इस संबंध में बीडीओ ने इस जांच आदेश की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि गांव चिरवारा में गोशाला निर्माण के लिए सिर्फ खाई की खोदाई व समतली का काम किया गया था। किसी कारण से अस्थायी गोशाला निरस्त हो गई थी। गांव के गिरीश शर्मा की शिकायत पर डीएम ने जांच एडीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह को दी गई है।
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