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सिस्टम की सुस्ती से रफ्तार नहीं पकड़ रही धान की सरकारी खरीद

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 12:36 AM IST
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Government procurement of paddy is not catching pace due to the slowness of the system
संभल। सिस्टम की सुस्ती और हीलाहवाली से धान की सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। मंडी समिति में स्थापित दो क्रय केंद्रों में से एक पर ही मात्र अब तक 68.8 क्विंटल की खरीद हुई है। जबकि दूसरा क्रय केंद्र अभी तक सूना है। हालात यह हैं कि नमी बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। वहीं, धान की रखने की जगह पर आढ़तियों ने कब्जा कर धान के बोरियां रख दी हैं। इस सबसे जिम्मेदार अंजान हैं और किसान परेशान हैं।
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दरअसल, अन्नदाताओं को सम्मान और फसलों की सही कीमत मिले, इसके लिए सरकार की ओर से धान की सरकारी खरीद और एमएसपी की व्यवस्था लागू की गई है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की घोषणा के साथ दावा किया जाता है कि किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य दिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। सरकारी तंत्र की उदासीनता के कारण संभल की मंडी समिति में बने पीसीयू व खाद्य विभाग का सरकारी धान क्रय केंद्र पर अपेक्षा के अनुरुप खरीद नहीं हो रही है। जिससे किसानों को भी उनके धान का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है। लिहाजा किसान औने-पौने दाम में बिचौलियों के हाथों धान बेचने को मजबूर हैं। यह बात दीगर है कि इस बार मौसम की मार से धान की फसल में देरी हुई है, पर अब मंडी में धान पहुंचने लगा है। लेकिन यहां सिस्टम की उदासीनता से किसान लाचार हैं।
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सरकारी क्रय केंद्र को पर्याप्त जगह दिलाई गई है। यदि फिर से आढ़तियों ने अपना धान रखा हुआ है तो उसको हटवाया जाएगा। इस मामले में कहीं न कहीं क्रय केंद्र प्रभारी की लापरवाही है। अब आढ़तियों से बातचीत कर जगह को खाली कराया जाएगा।
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मलखान सिंह, मंडी सचिव, मंडी समिति संभल।
आढ़तियों ने क्रय केंद्र के स्थान पर अपनी धान की बोरियां लगा दी हैं। उन्हें हटवाने के लिए मंडी सचिव को अवगत करा दिया गया है। धान में नमी ज्यादा है इसलिए खरीद बाधित है।
कृष्ण मोहन, क्रय केंद्र प्रभारी, आरएफसी।
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