{"_id":"6860471ab3ddd99d1f001e37","slug":"god-is-attained-only-through-katha-and-satsang-kripanand-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-124122-2025-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"कथा, सत्संग से ही होती है भगवान की प्राप्ति : कृपानंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कथा, सत्संग से ही होती है भगवान की प्राप्ति : कृपानंद
विज्ञापन
संभल। शिव मंदिर रिठाली और हनुमान मंदिर ठिलूपुरा में शनिवार को जनकल्याण सत्संग समारोह हुआ। इसमें दिल्ली से आए भोलेजी महाराज के शिष्य महात्मा कृपानंद ने कहा कि पुत्र, पत्नी और धन दौलत आदि तो पापी के घर भी मिल जाते हैं, लेकिन संतों का समागम और भगवान की कथा यह दोनों ही चीजें बहुत दुर्लभ हैं। इनकी प्राप्ति कथा, सत्संग से ही होगी।
कहा कि सत्संग मनुष्य के अंदर विवेक जागृत करता है। मन के विकारों को दूर कर समाज में रचनात्मक बदलाव लाने का काम करता है। कृपानंद ने कहा कि भगवान का सच्चा नाम कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे ही प्राणों में समाया हुआ है। सद्गुरु महाराज से उस नाम को जानकर निरंतर सुमिरण करने से ही हमारा मानव जीवन सफल होगा। उन्होंने मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम, मन लागो मेरो यार फकीरी में, यह तो प्रेम की बात है ऊधो आदि भजन सुनाकर लोगों को भक्ति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
भागेश कुमार त्यागी ने युवाओं में बढ़ रही नशा प्रवृत्ति को स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक बताया और उन्होंने युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने तथा संस्कारित करने पर जोर दिया। इस दौरान रविंद्र त्यागी, महेश त्यागी, विजयपाल सिंह, सतवीर त्यागी, ज्ञानपाल त्यागी, शारदा देवी, कर्मदास, अमित त्यागी, रोहित भटनागर, सुशील कुमार, विक्की भटनागर, महेश प्रजापति आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कहा कि सत्संग मनुष्य के अंदर विवेक जागृत करता है। मन के विकारों को दूर कर समाज में रचनात्मक बदलाव लाने का काम करता है। कृपानंद ने कहा कि भगवान का सच्चा नाम कहीं बाहर नहीं, बल्कि हमारे ही प्राणों में समाया हुआ है। सद्गुरु महाराज से उस नाम को जानकर निरंतर सुमिरण करने से ही हमारा मानव जीवन सफल होगा। उन्होंने मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम, मन लागो मेरो यार फकीरी में, यह तो प्रेम की बात है ऊधो आदि भजन सुनाकर लोगों को भक्ति मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
विज्ञापन
भागेश कुमार त्यागी ने युवाओं में बढ़ रही नशा प्रवृत्ति को स्वास्थ्य के प्रति हानिकारक बताया और उन्होंने युवाओं को अध्यात्म से जोड़ने तथा संस्कारित करने पर जोर दिया। इस दौरान रविंद्र त्यागी, महेश त्यागी, विजयपाल सिंह, सतवीर त्यागी, ज्ञानपाल त्यागी, शारदा देवी, कर्मदास, अमित त्यागी, रोहित भटनागर, सुशील कुमार, विक्की भटनागर, महेश प्रजापति आदि रहे।
विज्ञापन