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Sambhal News: गैस किल्लत... मोजेक कला कारोबार बंद, कारीगर बेरोजगार
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संभल। गैस की किल्लत होने से जहां होटल, ढाबों के कारोबार के साथ-साथ मोजेक कला कारोबार पर भी संकट मंडरा गया है। मोजेक कला के जरिये हैंडीक्राफ्ट के आइटमों को तैयार करने के लिए गैस होनी जरूरी है लेकिन कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिलने की वजह से सिरसी में कई कारोबारियों को काम बंद करना पड़ा है।
इतना ही नहीं, गैस की वजह से रॉ मेटेरियल में शीशे के टुकड़े सहित अन्य की आपूर्ति नहीं हो रही है।
सिरसी, हजरतनगर गढ़ी, पोटा, बराही में मोजेक कला का कारोबार करीब 300 घरों में होता है। करीब 1000 कारीगर काम से जुड़े हुए हैं। जिसमें शीशे के टुकड़ों को हैंडीकाफ्ट आइटमों पर लगाने के बाद पॉलिश, फिनिशिंग करके पैकिंग का काम होता है। आइटमों पर लगने वाले शीशे के टुकड़ों पर पॉलिश के लिए कामर्शियल सिलिंडर की गैस की जरूरत होती है। ज्यादातर कारोबारी फिरोजाबाद से रॉ मेटेरियल जैसे शीशे के टुकड़े, केमिकल, अरारेट, थिनर, पेंट आदि मंगाते हैं। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण गैस नहीं मिल पा रही है। कुछ रॉ मेटेरियल तैयार करने में गैस की जरूरत होती है।
गैस नहीं मिलने से रॉ मेटेरियल तैयार नहीं हो रहा है और आना भी बंद हो गया है। कारोबारी संपर्क कर रहे हैं तो रॉ मेटेरियल की कीमत में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की बात कही जा रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पाने की वजह से काम पूरी तरह से ठप है। कारीगर हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुए हैं और हालात सामान्य हो जाने का इंतजार कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि गैस की किल्लत के कारण काम बंद हो गया है। गैस की व्यवस्था होने पर ही फिर से काम शुरू हो सकता है।
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इतना ही नहीं, गैस की वजह से रॉ मेटेरियल में शीशे के टुकड़े सहित अन्य की आपूर्ति नहीं हो रही है।
सिरसी, हजरतनगर गढ़ी, पोटा, बराही में मोजेक कला का कारोबार करीब 300 घरों में होता है। करीब 1000 कारीगर काम से जुड़े हुए हैं। जिसमें शीशे के टुकड़ों को हैंडीकाफ्ट आइटमों पर लगाने के बाद पॉलिश, फिनिशिंग करके पैकिंग का काम होता है। आइटमों पर लगने वाले शीशे के टुकड़ों पर पॉलिश के लिए कामर्शियल सिलिंडर की गैस की जरूरत होती है। ज्यादातर कारोबारी फिरोजाबाद से रॉ मेटेरियल जैसे शीशे के टुकड़े, केमिकल, अरारेट, थिनर, पेंट आदि मंगाते हैं। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण गैस नहीं मिल पा रही है। कुछ रॉ मेटेरियल तैयार करने में गैस की जरूरत होती है।
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गैस नहीं मिलने से रॉ मेटेरियल तैयार नहीं हो रहा है और आना भी बंद हो गया है। कारोबारी संपर्क कर रहे हैं तो रॉ मेटेरियल की कीमत में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की बात कही जा रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर गैस सिलिंडर नहीं मिल पाने की वजह से काम पूरी तरह से ठप है। कारीगर हाथ पर हाथ रखकर बैठे हुए हैं और हालात सामान्य हो जाने का इंतजार कर रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि गैस की किल्लत के कारण काम बंद हो गया है। गैस की व्यवस्था होने पर ही फिर से काम शुरू हो सकता है।
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