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Sambhal News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, बाढ़ का खतरा बढ़ा
Mon, 11 Aug 2025 02:04 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Mon, 11 Aug 2025 02:04 AM IST
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गुन्नौर (संभल)। लगातार बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। रविवार को नरौरा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान से 69 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। बैराज डैम से 3.05 लाख क्यूसेक छोड़ा गया है। वर्तमान स्थिति में वर्ष 1978 की बाढ़ का रिकॉर्ड टूट गया है। हालांकि 2010 की बाढ़ के स्तर से अभी जलस्तर काफी नीचे है।
शनिवार को गंगावास बांध में दरार पड़ने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। एसडीएम डॉ. वंदना मिश्रा, तहसीलदार रविंद्र विक्रम, सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने मौका मुआयना किया था। ग्रामीणों और मजदूरों की मदद से प्लास्टिक बैग में मिट्टी भरकर बांध की मरम्मत कराई गई। दूसरे दिन रविवार को भी बांध की मरम्मत का कार्य जेसीबी से कराया गया। एसडीएम डॉ. वंदना मिश्रा ने सिंचाई, राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों को बांध की सतत निगरानी और पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गंगा किनारे कृषि विभाग की भूमि पर अवैध कब्जों के कारण पानी भरने की स्थिति बनी है। इस मामले की जानकारी सिंचाई और कृषि विभाग को दी गई है। फिलहाल इस क्षेत्र में बाढ़ का कोई सीधा खतरा नहीं है।
पुराना बांध कटने से गोशाला में घुसा पानी, फसलें हुईं जलमग्न
बबराला। थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर के जंगल में बनी दो गोशाला में पानी घुस गया। जिसकी आस-पड़ोस गन्ना, बाजरा की फसल भी बर्बाद होने के कगार पर हैं। 8 से 10 फीट पानी फसल में चल रहा है। बाजरा की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी है। जबकि गन्ना की फसल का कुछ भाग दिखाई दे रहा है।
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गंगा घाट राजघाट के समीप गांव फरीदपुर के जंगल में दो गोशाला हैं। दोनों गौशाला में लगभग 380 गौवंश हैं। जिनमें दोनों गोशाला में बाढ़ का पानी घुस गया। ट्रैक्टर ट्राली से भरकर भूसा, गोवंश व राशन निकाला और सभी पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया। वहीं राजघाट से नरौरा को जाने वाले मार्ग पर गंगा किनारे आश्रम व खेती किसानी करने वाले किसानों ने बाढ़ से बचने के लिए तटबंदीय बांध बना लिए था। इसके आस-पड़ोस गन्ना बाजरा की फसल बुवाई करते हैं। रविवार सुबह बांध से अंदर के लिए खेतों की ओर जाने वाला दौला बांध कट गया, जिससे फसलें जलमग्न हो गईं। गांव फरीदपुर निवासी लालू यादव, सुग्रीव यादव, बिजेंद्र सिंह, ऋषिपाल समेत सैकड़ों किसानों का गन्ना बाजरे की फसल पानी में डूब गई।
जुनावई के गांव बझांगी में गलियारों में पहुंचा बाढ़ का पानी
जुनावई। थाना क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, मैंगरा, सालिंग की मढ़ैया, भावरू की मढ़ैया, बझांगी, उदिया नगला, तोतापुर, असदपुर सुखेला सहित आदि गांव में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच गया है। जबकि बझांगी गांव के गलियारों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। रविवार को गुन्नौर एसडीएम वंदना मिश्रा ने मौके का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। ग्रामीणों ने पलायन से मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आने जाने के रास्ते अभी खुले हुए हैं। सभी रास्ते बंद हो जाने पर प्रशासन की मदद लेकर गांव से पलायन करेंगे।
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शनिवार को गंगावास बांध में दरार पड़ने की सूचना से प्रशासन में हड़कंप मच गया था। एसडीएम डॉ. वंदना मिश्रा, तहसीलदार रविंद्र विक्रम, सिंचाई विभाग के एसडीओ अंकित सिंह ने मौका मुआयना किया था। ग्रामीणों और मजदूरों की मदद से प्लास्टिक बैग में मिट्टी भरकर बांध की मरम्मत कराई गई। दूसरे दिन रविवार को भी बांध की मरम्मत का कार्य जेसीबी से कराया गया। एसडीएम डॉ. वंदना मिश्रा ने सिंचाई, राजस्व और पुलिस विभाग की टीमों को बांध की सतत निगरानी और पेट्रोलिंग तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि गंगा किनारे कृषि विभाग की भूमि पर अवैध कब्जों के कारण पानी भरने की स्थिति बनी है। इस मामले की जानकारी सिंचाई और कृषि विभाग को दी गई है। फिलहाल इस क्षेत्र में बाढ़ का कोई सीधा खतरा नहीं है।
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पुराना बांध कटने से गोशाला में घुसा पानी, फसलें हुईं जलमग्न
बबराला। थाना क्षेत्र के गांव फरीदपुर के जंगल में बनी दो गोशाला में पानी घुस गया। जिसकी आस-पड़ोस गन्ना, बाजरा की फसल भी बर्बाद होने के कगार पर हैं। 8 से 10 फीट पानी फसल में चल रहा है। बाजरा की फसल लगभग बर्बाद हो चुकी है। जबकि गन्ना की फसल का कुछ भाग दिखाई दे रहा है।
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गंगा घाट राजघाट के समीप गांव फरीदपुर के जंगल में दो गोशाला हैं। दोनों गौशाला में लगभग 380 गौवंश हैं। जिनमें दोनों गोशाला में बाढ़ का पानी घुस गया। ट्रैक्टर ट्राली से भरकर भूसा, गोवंश व राशन निकाला और सभी पशुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचवाया। वहीं राजघाट से नरौरा को जाने वाले मार्ग पर गंगा किनारे आश्रम व खेती किसानी करने वाले किसानों ने बाढ़ से बचने के लिए तटबंदीय बांध बना लिए था। इसके आस-पड़ोस गन्ना बाजरा की फसल बुवाई करते हैं। रविवार सुबह बांध से अंदर के लिए खेतों की ओर जाने वाला दौला बांध कट गया, जिससे फसलें जलमग्न हो गईं। गांव फरीदपुर निवासी लालू यादव, सुग्रीव यादव, बिजेंद्र सिंह, ऋषिपाल समेत सैकड़ों किसानों का गन्ना बाजरे की फसल पानी में डूब गई।
जुनावई के गांव बझांगी में गलियारों में पहुंचा बाढ़ का पानी
जुनावई। थाना क्षेत्र के रघुपुर पुख्ता, मैंगरा, सालिंग की मढ़ैया, भावरू की मढ़ैया, बझांगी, उदिया नगला, तोतापुर, असदपुर सुखेला सहित आदि गांव में बाढ़ का पानी खेतों तक पहुंच गया है। जबकि बझांगी गांव के गलियारों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। रविवार को गुन्नौर एसडीएम वंदना मिश्रा ने मौके का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। ग्रामीणों ने पलायन से मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में आने जाने के रास्ते अभी खुले हुए हैं। सभी रास्ते बंद हो जाने पर प्रशासन की मदद लेकर गांव से पलायन करेंगे।