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जिले में वन भूमि शून्य, पांच 4.97 लाख पौधे रोपित करने का मिला लक्ष्य

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 21 Mar 2021 01:58 AM IST
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Forest Department does not have its own land for  plantation
चंदौसी। पेड़, पौधों को संरक्षण देने के लिए हर साल 21 मार्च को विश्व वानिकी दिवस मनाया जाता है। लेकिन वन, पेड़, पौधों के संरक्षण के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। जहां जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां भी पौधरोपण का लक्ष्य दिया जा रहा है।
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संभल जनपद में वर्ष 2021-22 के लिए शासन ने वन विभाग को 4.97 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य दिया है। अधिकारी परेशान हैं और हैरान हैं। इतनी संख्या में पौधे कहां रोपित कराए जाएंगे। विभाग ने पौधरोपण कराने से हाथ खड़े कर दिए हैं। साथ ही शासन को पत्र लिखकर पौधरोपण का लक्ष्य घटाने की मांग की है।
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संभल जनपद में वर्ष 2021-22 में सभी 27 विभागों को 23.63 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य मिला है। इनमें से 4.97 लाख पौधे वन विभाग को रोपित करने हैं। संभल जनपद में वन भूमि शून्य है। वर्ष 2020-21 में जिले के वन विभाग को 4.14 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य था। वन भूमि न होने के बावजूद शासन ने इस वर्ष 83 हजार अधिक पौधे रोपित करने का लक्ष्य बढ़ा दिया है। विभागीय अधिकारियों ने शासन को पत्र लिखकर लक्ष्य के मुताबिक पौधे रोपित कराने में असमर्थता जताई है। साथ ही लक्ष्य को घटाने अथवा अन्य जनपदों को स्थानांतरित कराने की मांग की है।
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पड़ोसी जनपदों में पौधे रोपित कराकर किया था लक्ष्य पूरा
वर्ष 2020-21 में संभल में वन विभाग को 4.14 लाख पौधे रोपित करने का लक्ष्य था। वन विभाग ने पौधरोपण में असमर्थता जताई थी। पर शासन स्तर से लक्ष्य कम नहीं हुआ था। मुख्य वन संरक्षक स्तर से संभल जनपद के पौधरोपण का लक्ष्य कम कर करीब 2.25 लाख कर दिया था। शेष करीब 1.89 लाख पौधे पड़ोसी जनपद मुरादाबाद, रामपुर, बदायूं, बिजनौर में रोपित कराए गए थे।
दूसरे विभागों की भूमि में पौधे रोपित कर छोड़ देता है विभाग
संभल जनपद का गठन वर्ष 2012 में गठन हुआ है। प्रत्येक वर्ष वन विभाग को शासन से पौधरोपण का लक्ष्य मिलता है और यह लक्ष्य हर साल बढ़ता जा रहा है। लक्ष्य कम होने पर वन विभाग अन्य विभागों की भूमि चिह्नित करता था और उनकी भूमि पर पौधे रोपित करता था। पर लक्ष्य अधिक होने पर अन्य विभागों की भूमि मिलनी भी बंद हो गई है।

वन विभाग के पास जनपद में अपनी भूमि नहीं है। इस कारण वन विभाग के पौधरोपण का लक्ष्य कम कराने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। भूमि न होने पर पौधरोपण कराने में दिक्कत आ रही है। कन्हैया सिंह, डीएफओ संभल
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