{"_id":"5d5c48258ebc3e6c5842fa41","slug":"floods-in-sambhal-ganga-gunnor-news-mbd319184147","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में बढ़ा पानी, डूबने लगीं फसलें, बाढ़ की आशंका बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में बढ़ा पानी, डूबने लगीं फसलें, बाढ़ की आशंका बढ़ी
विज्ञापन
गुन्नौर क्षेत्र के रघपुर पुख्ता के निकट बढ़े पानी से निकलते पशु।
- फोटो : CHANDAUSI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुन्नौर/जुनावई/चंदौसी।
पहाड़ो पर बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे रह गई है। हरिद्वार से पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार की शाम जहां गंगा में पानी 94402 क्यूसेक था, वह मंगलवार की शाम छह बजे तक नरौरा बैराज पर पानी की डाउन स्थिति 168509 क्यूसेक तक पहुंच गई है। हालांकि टेस्ट मैप 182064 क्यूसेक पानी की उपलब्धता दर्ज की गई है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने मंगलवार को बाढ़ आशंकित क्षेत्र का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
नरौरा गंगा बैराज के संजय शर्मा के अनुसार जलस्तर में बढ़ोत्तरी लगातार हो रही है। नरौरा गंगा बैराज से गंगा की डाउन स्ट्रीम में 168064 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड की दर से पानी की निकासी हो रही है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी मंगलवार को उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह व तहसीलदार सुधीर कुमार के साथ बाढ़ क्षेत्रों में पहुंचे। विभिन्न स्थानों पर गंगा का जायजा लिया।
इसके साथ बाढ़ आशंकित क्षेत्र में मंगलवार को स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाइयों का वितरण कराया गया। पशु चिकित्सा विभाग को भी गांवों में भ्रमण करने को कहा गया है। वहीं शरणालयों में खानपान की व्यवस्था करने के लिए आपूर्ति विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। क्योंकि अनुमान लगाया गया है कि गंगा का जल स्तर अभी और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
हरिद्वार और बिजनौर को दोनों स्थानों को मिलाकर 291777 क्यूसेक प्रति सेेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा में पानी बढ़ने की आशंका लगातार बनी हुई है। गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही धार ने क्षेत्र विस्तार करना शुरू कर दिया है, जिसके कारण गंगा के किनारे खेतों में फसलों डूबने लगी है। पिछले वर्ष भी जुनावई के रघुपुर पुख्ता, मैगरा, सालिम की मढ़िया, भंवरु की मड़ैया, बझांगी, उदया नंगला, तोता पुर, नरूपुरा, समेत दर्जन गांवों बाढ़ की चपेट में आ गए थे। यही कारण है कि जिला प्रशासन ने इन गांवों की निगरानी शुरू कर दी है। गांव वालों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है, गांव का घर तो नहीं छोड़ सकते लेकिन परिवार को रिश्तेदारी में भेज रहे हैं, घर का कीमती सामान भी सुरक्षित जगह पहुंचने में लगे हैं।
बाढ़ संभावित क्षेत्र में पांच बाढ़ चौकियां स्थापित
जुनावई। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि जूनियर हाई स्कूल सिघौला पुख्ता, जूनियर हाई स्कूल खिरकवारी टप्पा वैश्य, प्राथमिक विद्यालय काशीपुर, शाह जहानाबाद डाडा, चाऊपुर डांडा बाढ़ चौकियां स्थापित की है, मंगलवार की देर शाम को सिंघौला पुख्ता को काटकर उसके स्थान पर मिठनपुर को बाढ़ चौकी बनाया गया है।
बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल कक्ष स्थापित
चंदौसी।गंगा नदी में बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है। उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह ने बताया कि बाढ नियंत्रण कक्ष का टेलीफोन 05836-233055 है। बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी समय संबंधित सूचना दे सकती है।
विज्ञापन
पहाड़ो पर बारिश का असर गंगा में दिखने लगा है। गंगा खतरे के निशान से काफी नीचे रह गई है। हरिद्वार से पानी छोड़े जाने के बाद सोमवार की शाम जहां गंगा में पानी 94402 क्यूसेक था, वह मंगलवार की शाम छह बजे तक नरौरा बैराज पर पानी की डाउन स्थिति 168509 क्यूसेक तक पहुंच गई है। हालांकि टेस्ट मैप 182064 क्यूसेक पानी की उपलब्धता दर्ज की गई है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने मंगलवार को बाढ़ आशंकित क्षेत्र का दौरा करके स्थिति का जायजा लिया। लोगों से सतर्क रहने को कहा है।
नरौरा गंगा बैराज के संजय शर्मा के अनुसार जलस्तर में बढ़ोत्तरी लगातार हो रही है। नरौरा गंगा बैराज से गंगा की डाउन स्ट्रीम में 168064 क्यूसेक पानी प्रति सेकेंड की दर से पानी की निकासी हो रही है। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी मंगलवार को उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह व तहसीलदार सुधीर कुमार के साथ बाढ़ क्षेत्रों में पहुंचे। विभिन्न स्थानों पर गंगा का जायजा लिया।
विज्ञापन
इसके साथ बाढ़ आशंकित क्षेत्र में मंगलवार को स्वास्थ्य शिविर लगाकर दवाइयों का वितरण कराया गया। पशु चिकित्सा विभाग को भी गांवों में भ्रमण करने को कहा गया है। वहीं शरणालयों में खानपान की व्यवस्था करने के लिए आपूर्ति विभाग को निर्देशित कर दिया गया है। बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। क्योंकि अनुमान लगाया गया है कि गंगा का जल स्तर अभी और बढ़ सकता है।
विज्ञापन
हरिद्वार और बिजनौर को दोनों स्थानों को मिलाकर 291777 क्यूसेक प्रति सेेकेंड की दर से पानी छोड़ा गया है। जिससे गंगा में पानी बढ़ने की आशंका लगातार बनी हुई है। गंगा में पानी बढ़ने के साथ ही धार ने क्षेत्र विस्तार करना शुरू कर दिया है, जिसके कारण गंगा के किनारे खेतों में फसलों डूबने लगी है। पिछले वर्ष भी जुनावई के रघुपुर पुख्ता, मैगरा, सालिम की मढ़िया, भंवरु की मड़ैया, बझांगी, उदया नंगला, तोता पुर, नरूपुरा, समेत दर्जन गांवों बाढ़ की चपेट में आ गए थे। यही कारण है कि जिला प्रशासन ने इन गांवों की निगरानी शुरू कर दी है। गांव वालों का कहना है कि पानी लगातार बढ़ रहा है, गांव का घर तो नहीं छोड़ सकते लेकिन परिवार को रिश्तेदारी में भेज रहे हैं, घर का कीमती सामान भी सुरक्षित जगह पहुंचने में लगे हैं।
बाढ़ संभावित क्षेत्र में पांच बाढ़ चौकियां स्थापित
जुनावई। अपर जिलाधिकारी लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि जूनियर हाई स्कूल सिघौला पुख्ता, जूनियर हाई स्कूल खिरकवारी टप्पा वैश्य, प्राथमिक विद्यालय काशीपुर, शाह जहानाबाद डाडा, चाऊपुर डांडा बाढ़ चौकियां स्थापित की है, मंगलवार की देर शाम को सिंघौला पुख्ता को काटकर उसके स्थान पर मिठनपुर को बाढ़ चौकी बनाया गया है।
बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल कक्ष स्थापित
चंदौसी।गंगा नदी में बाढ़ की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने जिले में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर दिया है। उप जिलाधिकारी ओमवीर सिंह ने बताया कि बाढ नियंत्रण कक्ष का टेलीफोन 05836-233055 है। बाढ़ के दौरान प्रभावित क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी समय संबंधित सूचना दे सकती है।