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पुलिस की गोली से गईं पांच जानें : पांडेय
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संभल। विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि संभल बवाल में जिन पांच लोगों की जान गई है, उन्हें पुलिस ने गोली मारी है। वहीं 1978 के दंगे के बारे में कहा कि उस वक्त प्रदेश में जनता पार्टी की सरकार थी और उस समय भाजपा जनसंघ हुआ करती थी जो जनता पार्टी में विलय कर चुकी थी।
नेता प्रतिपक्ष ने सोमवार को लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत की। एक सवाल के जवाब में कहा कि पुलिस अवैध हथियार मालखाने में रखती है। जब जरूरत होती है तो उनको निकाल लिया जाता है और फिर रख दिया जाता है। 24 नवंबर को संभल में जो घटना हुई। जिसमें पांच लोगों की जान गई है उन्हें पुलिस ने गोली मारी है। पीड़ित परिवारों को न्याय मिले इसके लिए तो हमारी लड़ाई है। कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि 1978 के दौरान हुए दंगे में संभल के अंदर 184 लोग मारे गए थे। मुख्यमंत्री की इस गलत जानकारी के जवाब में संभल विधायक इकबाल महमूद ने कहा था कि यदि मुख्यमंत्री साबित कर दें कि 1978 में 184 लोगाें की मौत हुई थी तो वह अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे और यदि साबित नहीं कर पाते हैं तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री गलत जानकारी दे रहे थे। इसलिए विधायक ने चुनौती दी थी। संभल सांसद के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को लेकर कहा कि जब सांसद संभल में नहीं थे तो उनके खिलाफ पुलिस ने किस आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस सवाल को भी सदन में उठाया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ठप है। मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में भी डकैती और जानलेवा हमला करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार मुसलमानों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
मनमानी से हो रहा जामा मस्जिद के नजदीक पुलिस चौकी का निर्माण: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संभल की जामा मस्जिद एएसआई के संरक्षण में है। इस मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है, तो पुलिस चौकी कैसे बनाई जा सकती है।
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नेता प्रतिपक्ष ने सोमवार को लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में मीडिया से बातचीत की। एक सवाल के जवाब में कहा कि पुलिस अवैध हथियार मालखाने में रखती है। जब जरूरत होती है तो उनको निकाल लिया जाता है और फिर रख दिया जाता है। 24 नवंबर को संभल में जो घटना हुई। जिसमें पांच लोगों की जान गई है उन्हें पुलिस ने गोली मारी है। पीड़ित परिवारों को न्याय मिले इसके लिए तो हमारी लड़ाई है। कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि 1978 के दौरान हुए दंगे में संभल के अंदर 184 लोग मारे गए थे। मुख्यमंत्री की इस गलत जानकारी के जवाब में संभल विधायक इकबाल महमूद ने कहा था कि यदि मुख्यमंत्री साबित कर दें कि 1978 में 184 लोगाें की मौत हुई थी तो वह अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे और यदि साबित नहीं कर पाते हैं तो मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना होगा। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री गलत जानकारी दे रहे थे। इसलिए विधायक ने चुनौती दी थी। संभल सांसद के खिलाफ दर्ज हुए मुकदमों को लेकर कहा कि जब सांसद संभल में नहीं थे तो उनके खिलाफ पुलिस ने किस आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। इस सवाल को भी सदन में उठाया गया था। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था ठप है। मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर में भी डकैती और जानलेवा हमला करने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सरकार मुसलमानों के प्रति संवेदनशील नहीं है।
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मनमानी से हो रहा जामा मस्जिद के नजदीक पुलिस चौकी का निर्माण: नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि संभल की जामा मस्जिद एएसआई के संरक्षण में है। इस मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में किसी भी तरह का निर्माण नहीं हो सकता है, तो पुलिस चौकी कैसे बनाई जा सकती है।

अभिनेता शाहरूख खान के साथ खड़ा अंबाला का वैभव अरोड़ा:

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