{"_id":"69c6e53ee5135a574b0b653c","slug":"fifty-bed-field-unit-locked-for-two-years-sambhal-news-c-204-1-chn1003-128000-2026-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: पचास बेड की फील्ड यूनिट में दो साल से लटका ताला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: पचास बेड की फील्ड यूनिट में दो साल से लटका ताला
विज्ञापन
चंदौसी। करोड़ों की लागत से बनकर तैयार हुए सीएचसी में 50 बेड के अस्पताल में करीब पौने दो साल से ताला लटका है। पहले बिजली विभाग और बाद में दमकल विभाग की ओर से एनओसी के लिए लटकाया गया। अब यह यूनिट आपात काल के लिए पूरी तरह से तैयार है। फिलहाल इसमें कैंसर रोगियों के लिए कीमो थेरेपी करने की व्यवस्था की जा रही है।
पता हो कि कोरोना काल में मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड कम पड़ गए। इसके लिए स्कूल कालेजों से लेकर शेल्टर होम तक में व्यवस्था करनी पड़ी थी। इसी को दृष्टिगत रखते हुए शासन स्तर से वर्ष 2021 में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड की फील्ड यूनिट बनाने की स्वीकृति मिली थी।
वर्ष 2024 जुलाई में 50 बेड का यह अस्पताल बन कर तैयार भी हो गया। करीब एक साल में बिजली विभाग से एनओसी मिल पाई, लेकिन अग्निशमन विभाग की ओ से इसमें भी ढिलाई बरती गई और कुछ महीने पहले ही इसकी एनओसी जारी की गई।
विज्ञापन
तब से यह 50 बेड की यूनिट बनकर तैयार हुई है, तभी से इसमें ताला लटका हुआ है। हालांकि यह आपात काल के लिए की व्यवस्थाओं में है।
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि कैंसर रोगियों की कीमो थेरेपी के लिए प्रशिक्षण चल रहा है। तीन दिन का प्रशिक्षण हो चुका है। जल्द ही इस नए भवन में कीमो थेरेपी शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही अगर अन्य मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था बाकी के अस्पताल में कम पड़ती है तो इसमें मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा।
जिला शोध अधिकारी महेश कुमार गौतम ने बताया कि इस फील्ड यूनिट के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता नहीं है। सीएचसी का स्टाफ ही इसमें भी काम करेगा। उन्होंने बताया कि आपात काल के लिए इस यूनिट को तैयार कराया गया है।
विज्ञापन
पता हो कि कोरोना काल में मरीजों को भर्ती करने के लिए अस्पतालों में बेड कम पड़ गए। इसके लिए स्कूल कालेजों से लेकर शेल्टर होम तक में व्यवस्था करनी पड़ी थी। इसी को दृष्टिगत रखते हुए शासन स्तर से वर्ष 2021 में स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड की फील्ड यूनिट बनाने की स्वीकृति मिली थी।
विज्ञापन
वर्ष 2024 जुलाई में 50 बेड का यह अस्पताल बन कर तैयार भी हो गया। करीब एक साल में बिजली विभाग से एनओसी मिल पाई, लेकिन अग्निशमन विभाग की ओ से इसमें भी ढिलाई बरती गई और कुछ महीने पहले ही इसकी एनओसी जारी की गई।
विज्ञापन
तब से यह 50 बेड की यूनिट बनकर तैयार हुई है, तभी से इसमें ताला लटका हुआ है। हालांकि यह आपात काल के लिए की व्यवस्थाओं में है।
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हरवेंद्र सिंह ने बताया कि कैंसर रोगियों की कीमो थेरेपी के लिए प्रशिक्षण चल रहा है। तीन दिन का प्रशिक्षण हो चुका है। जल्द ही इस नए भवन में कीमो थेरेपी शुरू कर दी जाएगी। इसके साथ ही अगर अन्य मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था बाकी के अस्पताल में कम पड़ती है तो इसमें मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा।
जिला शोध अधिकारी महेश कुमार गौतम ने बताया कि इस फील्ड यूनिट के लिए अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता नहीं है। सीएचसी का स्टाफ ही इसमें भी काम करेगा। उन्होंने बताया कि आपात काल के लिए इस यूनिट को तैयार कराया गया है।