फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Farmers burnt effigy of government in protest against Lakhimpur episode and agricultural laws

लखीमपुर प्रकरण और कृषि कानूनों के विरोध में किसानों ने फूंका सरकार का पुतला

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 17 Oct 2021 12:27 AM IST
विज्ञापन
Farmers burnt effigy of government in protest against Lakhimpur episode and agricultural laws
संभल। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पवांसा क्षेत्र में कई स्थानों पर भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने तीन कृषि कानूनों व लखीमपुर खीरी में किसानों की हत्या के विरोध में भाजपा सरकार का अलग-अलग स्थानों पर पुतला फूंका। सरकार विरोधी नारेबाजी भी की गई। पुलिस ने शुक्रवार की रात से ही किसान नेताओं को घर पर नजरबंद कर दिया था, लेकिन कार्यकर्ताओं ने चकमा देकर अलग-अलग स्थानों पर सरकार के पुतले फूंक दिए।
विज्ञापन

पवांसा ब्लॉक क्षेत्र के गांव किरारी, शंकरपुर, बंजरपुरी, चंदनकटी चूहा और चंदनकटी मौजा व कासमपुर गांव में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों ने तीनों कृषि कानूनों व लखीमपुर खीरी प्रकरण के विरोध में सरकार के पुतले का फूंके। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने किसान नेताओं को नजर बंद करके रखा था, लेकिन इसके बावजूद भी किसान नेताओं ने प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और मुख्यमंत्री के पुतलेे फूंक दिए।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने कहा कि तानाशाह सरकार ने किसानों के विरोध में तीनों कृषि कानून बनाए हैं, जिसका करीब एक वर्ष से लगातार किसान विरोध कर रहे हैं। इसके बावजूद भी सरकार उन्हें वापस नहीं ले रही है। इस दौरान तहसील अध्यक्ष चौधरी महिदेव सिंह, चौधरी रामवीर सिंह, चौधरी अमन सिंह, मुनिपाल सिंह जी, चौधरी वीरेंद्र सिंह, चौधरी ओमपाल सिंह, विशाल चौधरी, अभिषेक चौधरी, संकेत चौधरी, कमल सिंह, विनोद कुमार प्रजापति आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

भाकियू तोमर के कार्यकर्ताओं को फूंकने नहीं दिया पुतला, पुलिस ने छीना
संभल। भारतीय किसान यूनियन तोमर ने चंदौसी रोड स्थित सैफ खां सराय में प्रधानमंत्री के पुतले को फूंकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसे छीन लिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन कोतवाल को सौंपा। इसमें पेट्रोल पदार्थों की बढ़ती कीमत, किसानों का संपूर्ण कर्जा माफ करने, बिजली की बढ़ती दरों में कटौती करने, गन्ने का बकाया मूल्य ब्याज सहित देेने और तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की गई है।

कई जगह पुलिस का रहा पहरा
संभल। सरकार के प्रति रोष जाहिर करने के लिए किसान नेता या अन्य राजनैतिक दलों के पदाधिकारी न जाएं इसके लिए पुलिस ने उनके घरों पर पहरा दिया। फत्तेहपुर सराय निवासी राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिला प्रभारी चौधरी करतार सिंह के घर कोतवाली पुलिस ने पहरा दिया। करतार सिंह ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबा रही है। इसलिए ही पुलिस का पहरा लगा रही है। भाकियू अराजनैतिक के चौधरी वीरेंद्र सिंह के घर पुलिस का पहरा रहा। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष फिरोज खां के निजी कार्यालय पर पुलिस कर्मी तैनात रहे। रजपुरा और गवां में भी किसान नेताओं पर निगरानी की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed