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चकबंदी के चार साल बाद भी किसानों की दर्ज नहीं हो पाई विरासत

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2022 12:45 AM IST
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Even after four years of consolidation, the legacy of the farmers could not be recorded
तहसील क्षेत्र के गांव नगला खाकम में चकबंदी हुए चार साल हो गए लेकिन अभी तक किसानों की विरासत दर्ज नहीं हो पाई है। राजस्व परिषद के पोर्टल पर गांव के लिंक में गड़बड़ी है। तहसील प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगतान भुगत रहे हैं। किसानों की विरासत का काम अटका होने से सम्मान निधि व अन्य योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान पिछले तीन माह में किसान संपूर्ण समाधान दिवस में पांच बार शिकायत का चुके हैं लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ है। तहसील प्रशासन अब राजस्व परिषद को पत्र लिखकर समस्या का समाधान कराने का दावा कर रहा है।
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चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव नगला खाकम की आबादी करीब 1800 है। अक्तूबर 2018 में गांव में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। इसके बाद मुश्किल शिकायतों के बाद जुलाई 2021 में चकबंदी के भूलेख का डाटा फीड हो गया लेकिन राजस्व परिषद के पोर्टल में कुछ खामियां रह गईं जिससे चलते राजस्व परिषद के पोर्टल पर किसानों की विरासत दर्ज होने का काम नहीं हो रहा है। विरासत दर्ज कराने के लिए परिषद के पोर्टल पर विरासत लिंक पर कॉलम में गांव नगला खाकम, उसकी संख्या, गांव में किसानों की गाटा संख्या तक विकल्प आ रहे हैं। इसके बाद खाता संख्या भरने का विकल्प नहीं आ पा रहा है जिस कारण किसानों की विरासत का कार्य अटका हुआ है।
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इसमें सुधार लखनऊ में राजस्व परिषद बोर्ड से ही होगा। भूलेख डाटा फीड हुए भी एक साल से अधिक हो गया लेकिन तहसील प्रशासन ने विरासत दर्ज न होने की समस्या का अभी तक समाधान नहीं कराया है।
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विरासत दर्ज कराने को कई साल से भटक रहा हूं। इस कारण मेरा केसीसी भी बनी बना है। कृषि योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल रहा।
नुरुद्दीन, नगला खाकम
गांव में किसानों की विरासत दर्ज नहीं हो रही है। मैंने व अन्य किसानों ने कई बार शिकायत भी की लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फसल उत्पादन के लिए साहूकार से तीन रुपये सैकड़ा प्रति माह ऋण लिया है।

रामवीर सैनी, नगला खाकम
गांव नगला खाकम में विरासत दर्ज न होने पाने का प्रकरण मेरे संज्ञान में है। तकनीकी खामी के चलते विरासत दर्ज नहीं हो पा रही है। इसका समाधान राजस्व परिषद लखनऊ से होगा। इस मामले में एडीएम के माध्यम से राजस्व परिषद को पत्र भिजवाया गया है। जल्द ही रिमाइंडर भिजवाकर ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
मोनालिसा जोहरी, तहसीलदार, चंदौसी
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