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संभल हिंसा: इनाम की घोषणा.. सार्वजनिक जगहों पर चिपकाए पोस्टर, फिर भी पुलिस को नहीं मिल रहा उपद्रवियों का सुराग

Mon, 03 Mar 2025 11:08 AM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Published by: विमल शर्मा Updated Mon, 03 Mar 2025 11:08 AM IST
सार

संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में 74 उपद्रवियों के चेहरे तो सामने आए, लेकिन उनकी पहचान अब तक नहीं हो सकी। पोस्टर चस्पा करने और इनाम घोषित करने के बावजूद पुलिस को कोई सफलता नहीं मिली। अब पुलिस सोशल मीडिया और दूसरे जिलों की मदद से पहचान कराने की कोशिश कर रही है।

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Even after announcement of reward, no clue was found about the miscreants seen in the poster
संभल में चिपकाए गए पोस्टर - फोटो : संवाद

विस्तार

संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुए बवाल में 74 उपद्रवियों के चेहरे तो सामने आए लेकिन उनके नाम और पते की जानकारी पुलिस को नहीं मिल सकी। पोस्टर चस्पा करने और इनाम दिए जाने की घोषणा भी बेअसर ही रही है। पुलिस का मुखबिर तंत्र भी इस मामले में फेल साबित हुआ है।

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अब पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से दूसरे जिले तक इन पोस्टर को भेज रही है। जिससे कुछ हद तक इन उपद्रवियों की पहचान किए जाने में मदद हो सके। दूसरे जिले की पुलिस से भी पहचान कराने में सहयोग की मांग की जा रही है। पुलिस ने 14 फरवरी को जामा मस्जिद की दीवार पर पोस्टर चस्पा किए थे।
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इसमें 74 उपद्रवियों के चेहरे शामिल थे। पुलिस ने अपील करते हुए लिखा था कि पहचान बताने वाले व्यक्ति को इनाम दिया जाएगा और पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। इसके बाद भी पुलिस को अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है। एक भी चेहरा न कोई पहचाना गया है और न कोई गिरफ्तार किया गया है।

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शारिक साटा गिरोह के सदस्य भी नहीं आए साथ 
बवाल में शारिक साटा ने अपने गुर्गाें को अवैध हथियार मुहैया कराए और पांच लोगों की हत्या करा दी। तीन गुर्गे गिरफ्तार हो चुके हैं। बवाल में अन्य गुर्गे शामिल थे लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। साटा के गुर्गों ने यह हथियार कई अन्य गुर्गों को बांटे थे। पुलिस इसकी पुष्टि कर चुकी है।

अब उसकी गिरोह के किसी भी सदस्य की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शारिक साटा के खिलाफ भी कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। जबकि पुलिस मान रही है कि साटा बवाल में मुख्य साजिशकर्ताओं की सूची में शामिल है।

दाढ़ी वाला शख्स कौन था, पहचान नहीं
 जामा मस्जिद के नजदीक भीड़ को उकसाने और आगे बढ़ने का इशारा करने वाला शख्स कौन था। इसकी पहचान नहीं हो सकी है। इस दाढ़ी वाले शख्स ने भीड़ में धार्मिक नारे भी लगाए और बवाल भी कराया। गौर करने वाली बात यह है कि इस उपद्रवी का चेहरा साफ दिख रहा है। पुलिस के पास स्पष्ट चेहरा दिखता हुआ वीडियो भी है।

इसके बाद भी पुलिस इस उपद्रवी तक पहुंचने में नाकाम रही है। न यह चेहरा सोशल मीडिया पर मिला है और न पुलिस की साइबर एक्सपर्ट टीमें चिह्नित कर सकी हैं। सवाल पुलिस की खोजबीन पर उठने लगे हैं। जो चेहरा साफ है उसकी भी तलाश नहीं हो पा रही है।

पोस्टर में दिख रहे चेहरे अभी पहचाने नहीं गए हैं। सूचनाएं मिल रही हैं लेकिन सही तस्दीक नहीं हो रही है। टीम भी प्रयास में लगी है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। -कृष्ण कुमार बिश्नोई, एसपी, संभल

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