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एक वर्ष से टूटा पड़ा है पीएचसी का विद्युत केबिल
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बनियाठेर/चंदौसी। नरौली पीएचसी से संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अकरौली अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। पीएचसी में जाने वाला विद्युत केबिल पिछले एक वर्ष पहले टूट गया था। जिसे अभी तक जोड़ा नहीं गया है। पीएचसी में तैनात दो चिकित्सक भी पूरे समय मरीज को नहीं देखते। अस्पताल परिसर में गंदगी, पीने का पानी का अभाव है। पीएचसी में रोजाना 50 से 60 मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं।
प्रदेश की सरकार हर जपनद के सीएचसी व पीएचसी में लोगों को बेहतर उपचार दिलाने को प्रयासरत है। मगर सरकार की महात्वाकांक्षी योजना स्वस्थ भारत मिशन को स्वयं ही अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। नरौली सीएचसी से संबद्ध अकरौली पीएचसी में जनसुविधाओं का काफी अभाव बना है। एक वर्ष पहले पीएचसी में जाने वाला विद्युत तार टूट गया था। अभी तक नहीं जोड़ा गया था। दूरदराज गांव से आने वाले मरीज भीषण गर्मी में बिना पंखे के चिकित्सकों के आने का इंतजार करने को मजबूर हैं। पीएचसी में तैनात दो चिकित्सक अपनी नियमित ड्यूटी नहीं करते। जिससे ग्रामीणों को पीएचसी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में लगा समर्सिबल काफी समय से फुंक चुका है। अस्पताल में लगी ट्यूबलाइट टूटी पड़ी है, खिड़की पर लगे शीशे भी नहीं है। अस्पताल परिसर में पेयजल व्यवस्था को ओवरहेड टैंक लगा है जो उपयाग नहीं लिया जा रहा है। जिससे ओवरहेड टैंक के नीचे लगा लोहा लगने लगा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने पर मरीजों को बाहर मेन चौराहे पर लगे हैंडपंप से पानी पीना पड़ता है। जबकि अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज अपना उपचार कराने पहुंचते हैं। पीएचसी में तैनात लैब तकनीशियन सुनील कुमार ने बताया कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है। मगर अभी तक समस्या का निदान नहीं किया गया है।
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प्रदेश की सरकार हर जपनद के सीएचसी व पीएचसी में लोगों को बेहतर उपचार दिलाने को प्रयासरत है। मगर सरकार की महात्वाकांक्षी योजना स्वस्थ भारत मिशन को स्वयं ही अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। नरौली सीएचसी से संबद्ध अकरौली पीएचसी में जनसुविधाओं का काफी अभाव बना है। एक वर्ष पहले पीएचसी में जाने वाला विद्युत तार टूट गया था। अभी तक नहीं जोड़ा गया था। दूरदराज गांव से आने वाले मरीज भीषण गर्मी में बिना पंखे के चिकित्सकों के आने का इंतजार करने को मजबूर हैं। पीएचसी में तैनात दो चिकित्सक अपनी नियमित ड्यूटी नहीं करते। जिससे ग्रामीणों को पीएचसी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल में लगा समर्सिबल काफी समय से फुंक चुका है। अस्पताल में लगी ट्यूबलाइट टूटी पड़ी है, खिड़की पर लगे शीशे भी नहीं है। अस्पताल परिसर में पेयजल व्यवस्था को ओवरहेड टैंक लगा है जो उपयाग नहीं लिया जा रहा है। जिससे ओवरहेड टैंक के नीचे लगा लोहा लगने लगा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अस्पताल में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने पर मरीजों को बाहर मेन चौराहे पर लगे हैंडपंप से पानी पीना पड़ता है। जबकि अस्पताल में रोजाना 50 से 60 मरीज अपना उपचार कराने पहुंचते हैं। पीएचसी में तैनात लैब तकनीशियन सुनील कुमार ने बताया कि इस संबंध में प्रशासन से कई बार शिकायत की जा चुकी है। मगर अभी तक समस्या का निदान नहीं किया गया है।
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