{"_id":"571e6c7b4f1c1b0d75a91cd5","slug":"earth-day-in-chandausi","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पृथ्वी को बचाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर पृथ्वी को बचाएं
अमर उजाला ब्यूरो/चंदौसी
Updated Tue, 26 Apr 2016 12:44 AM IST
विज्ञापन
अर्थ डे मनाते बच्चे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किड्जी स्कूल में सेव द अर्थ का आयोजन कर बच्चों को पृथ्वी को बचाने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने पर जोर दिया गया। बच्चों ने पौधरोपण भी किया। कैथल गेट स्थित किड्जी स्कूल में सोमवार को सेव द अर्थ का कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
स्कूल की शिक्षिकाओं ने बच्चों को बताया कि आज प्रदूषण के वजह से लोगों के जीवन को खतरा बढ़ता जा रहा है। अगर पृथ्वी को बचाना है तो हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने होंगे। अधिक वृक्ष लगाने से पृथ्वी व लोगों को कम नुकसान होगा।
पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त होगा। बच्चों ने सेव द अर्थ से संबधित माडल व चार्ट बनाकर बताया कि हम किस तरह से पृथ्वी को हरा भरा रख सकते है। बच्चों ने अपनी क्षमता के अनुसार माडल व चार्ट बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
विज्ञापन
सभी ने यह संकल्प भी लिया कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे। कार्यक्रम में नमिता चौधरी, स्नेहा, जया, मीमांसा, मेघा, गरिमा, लक्की, प्राची, सपना, टीना, अमित, विशेष, अपर्णा, कल्पना, दीक्षा ने सहयोग किया। संचालन प्रेरणा गोयल व श्वेता मनचंदा ने संयुक्त रुप से किया।
विज्ञापन
स्कूल की शिक्षिकाओं ने बच्चों को बताया कि आज प्रदूषण के वजह से लोगों के जीवन को खतरा बढ़ता जा रहा है। अगर पृथ्वी को बचाना है तो हमें अधिक से अधिक वृक्ष लगाने होंगे। अधिक वृक्ष लगाने से पृथ्वी व लोगों को कम नुकसान होगा।
विज्ञापन
पर्यावरण भी प्रदूषण मुक्त होगा। बच्चों ने सेव द अर्थ से संबधित माडल व चार्ट बनाकर बताया कि हम किस तरह से पृथ्वी को हरा भरा रख सकते है। बच्चों ने अपनी क्षमता के अनुसार माडल व चार्ट बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
विज्ञापन
सभी ने यह संकल्प भी लिया कि वह अधिक से अधिक वृक्ष लगाएंगे। कार्यक्रम में नमिता चौधरी, स्नेहा, जया, मीमांसा, मेघा, गरिमा, लक्की, प्राची, सपना, टीना, अमित, विशेष, अपर्णा, कल्पना, दीक्षा ने सहयोग किया। संचालन प्रेरणा गोयल व श्वेता मनचंदा ने संयुक्त रुप से किया।