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Sambhal News: साक्ष्यों के अभाव में संभल बवाल की आरोपी एक महिला बरी
Fri, 21 Feb 2025 01:46 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 21 Feb 2025 01:46 AM IST
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चंदौसी (संभल)। संभल बवाल में आरोपी नखासा के मोहल्ला हिंदूपुरा खेड़ा निवासी फरहाना को सीजेएम न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य न होने एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश दिया है।
जामा मस्जिद बवाल में पुलिस ने हिंदूखेड़ा निवासी फरहाना समेत चार महिलाओं को आरोपी बनाया था। अपराध संख्या 304/24 के विवेचक एसआईटी के लोकेंद्र कुमार त्यागी द्वारा साक्ष्य के अभाव में फरहाना को रिहा करने की प्रार्थना की गई थी। फरहाना के अधिवक्ता जकी अनवर ने बताया कि विवेचक द्वारा सीजेएम न्यायालय में कथन किया गया कि साक्षी के बयान आदि के साक्ष्य संकलन करने के आधार पर 28 नवंबर 2024 तक आरोपी फरहाना, रुकईया, नजराना, सुभान उर्फ मुन्ना, फैज आलम, छोटू, शहबाज उर्फ टिल्लन के नाम प्रकाश में आए थे। जिसमें फरहाना, रुकईया व नजराना को न्यायालय के समक्ष पेश कर जिला कारागार में भेज दिया गया।
एसपी द्वारा गठित की गई एसआईटी टीम के आदेश के अनुपालन में लोकेंद्र कुमार त्यागी को उपरोक्त मुकदमे में विवेचक बनाया गया। विवेचना के दौरान 34 आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। जिसमें से 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और जिला कारागार मुरादाबाद भेज दिया गया। 25 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। अब तक की जांच के बाद फरहाना की अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण विवेचना से अलग कर दिया गया है। विवेचक की प्रार्थना पर रिमांड पत्रावली व केस डायरी का अवलोकन करने के बाद फरहाना के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध न होने के कारण विवेचक के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया और फरहाना को एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा किए जाने के आदेश दिए हैं।
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जामा मस्जिद बवाल में पुलिस ने हिंदूखेड़ा निवासी फरहाना समेत चार महिलाओं को आरोपी बनाया था। अपराध संख्या 304/24 के विवेचक एसआईटी के लोकेंद्र कुमार त्यागी द्वारा साक्ष्य के अभाव में फरहाना को रिहा करने की प्रार्थना की गई थी। फरहाना के अधिवक्ता जकी अनवर ने बताया कि विवेचक द्वारा सीजेएम न्यायालय में कथन किया गया कि साक्षी के बयान आदि के साक्ष्य संकलन करने के आधार पर 28 नवंबर 2024 तक आरोपी फरहाना, रुकईया, नजराना, सुभान उर्फ मुन्ना, फैज आलम, छोटू, शहबाज उर्फ टिल्लन के नाम प्रकाश में आए थे। जिसमें फरहाना, रुकईया व नजराना को न्यायालय के समक्ष पेश कर जिला कारागार में भेज दिया गया।
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एसपी द्वारा गठित की गई एसआईटी टीम के आदेश के अनुपालन में लोकेंद्र कुमार त्यागी को उपरोक्त मुकदमे में विवेचक बनाया गया। विवेचना के दौरान 34 आरोपियों के नाम प्रकाश में आए। जिसमें से 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया और जिला कारागार मुरादाबाद भेज दिया गया। 25 आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई है। अब तक की जांच के बाद फरहाना की अपराध में संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण विवेचना से अलग कर दिया गया है। विवेचक की प्रार्थना पर रिमांड पत्रावली व केस डायरी का अवलोकन करने के बाद फरहाना के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य उपलब्ध न होने के कारण विवेचक के प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया और फरहाना को एक लाख रुपये के निजी बंधपत्र पर रिहा किए जाने के आदेश दिए हैं।
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