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निर्धारित समय के एक माह बाद भी 294 स्कूलों में नहीं सुधरी पेयजल व्यवस्था
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बहजोई। निर्धारित समय के एक माह बाद भी जल जीवन मिशन के तहत 294 परिषदीय विद्यालयों में पेयजल की व्यवस्था नहीं सुधरी है। इंडिया मार्का हैंडपंप में विद्युत मोटर डाले जाने व ओवर हेड टैंक रखवाए जाने थे। मामले में जिम्मेदार भी उदासीन बने हुए हैं।
बीते वर्ष शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सबमर्सिबल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं शासन स्तर से ही उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड मुरादाबाद को कार्य कराए जाने के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया था। साथ ही शासन की ओर से 42 हजार रुपये प्रत्येक विद्यालय के हिसाब कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध कराना था। इसको लेकर विभाग की ओर से जिलेभर के 570 परिषदीय विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में विद्युत मोटर डाले जाने व ओवर हेड टैंक लगवाए जाने समेत पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति करते हुए चार टोटियां लगाए जाने को कार्यदायी संस्था को सूची उपलब्ध कराई गई थी।
विद्यालयों में कार्य कराए जाने का लक्ष्य दिसंबर 2021 तक का तय था। निर्धारित समय के एक माह बाद भी करीब 294 स्कूल में काम अधूरा है।
जल जीवन मिशन के तहत परिषदीय विद्यालयों में कार्य कराए जाने को लेकर शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित कर धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी। कार्य अधूरा होने को लेकर कार्यदायी संस्था से जानकारी लेने पर सामने आया कि अभी शासन की ओर से कार्य कराए जाने को लेकर दूसरी किस्त की धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। कार्यदायी संस्था की ओर से धनराशि उपलब्ध होते ही शेष विद्यालयों में कार्य शुरू कराए जाने की बात कही गई है।
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सचिन सक्सेना, जिला समंवयक, निर्माण
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बीते वर्ष शासन की ओर से बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को सबमर्सिबल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। वहीं शासन स्तर से ही उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड मुरादाबाद को कार्य कराए जाने के लिए कार्यदायी संस्था नामित किया गया था। साथ ही शासन की ओर से 42 हजार रुपये प्रत्येक विद्यालय के हिसाब कार्यदायी संस्था को धनराशि उपलब्ध कराना था। इसको लेकर विभाग की ओर से जिलेभर के 570 परिषदीय विद्यालयों में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप में विद्युत मोटर डाले जाने व ओवर हेड टैंक लगवाए जाने समेत पाइप लाइन के माध्यम से जलापूर्ति करते हुए चार टोटियां लगाए जाने को कार्यदायी संस्था को सूची उपलब्ध कराई गई थी।
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विद्यालयों में कार्य कराए जाने का लक्ष्य दिसंबर 2021 तक का तय था। निर्धारित समय के एक माह बाद भी करीब 294 स्कूल में काम अधूरा है।
जल जीवन मिशन के तहत परिषदीय विद्यालयों में कार्य कराए जाने को लेकर शासन स्तर से कार्यदायी संस्था नामित कर धनराशि उपलब्ध करा दी गई थी। कार्य अधूरा होने को लेकर कार्यदायी संस्था से जानकारी लेने पर सामने आया कि अभी शासन की ओर से कार्य कराए जाने को लेकर दूसरी किस्त की धनराशि उपलब्ध नहीं हो सकी है। कार्यदायी संस्था की ओर से धनराशि उपलब्ध होते ही शेष विद्यालयों में कार्य शुरू कराए जाने की बात कही गई है।
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सचिन सक्सेना, जिला समंवयक, निर्माण