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रमजान में दोगुने हुए सब्जियों के दाम, नींबू ने भी घोली खटास
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रमजान माह में सब्जी के दामों में दोगुना उछाल हुआ है। इसके अलावा नींबू कीमतों में भी तीन गुना का इजाफा देखने को मिल रहा है। जिसकी मार रोजेदारों को झेलनी पड़ रही है। वहीं आमजन भी परेशान है।
रमजान और गर्मियों में नींबू की मांग बढ़ जाती है। एक महीने पहले नींबू का दाम 80 रुपये प्रति किलोग्राम था, लेकिन अब नींबू दाम बढ़कर 240 से 250 रुपये किलोग्राम तक हैं। सब्जियों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। सब्जियों के थोक विक्रेताओं ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह गर्मियों का समय से पहले आ जाना है। साथ ही क्षेत्र में फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। अभी बाहर से माल की आवक है। अप्रैल में और महंगाई बढ़ जाती है। क्योंकि खेतों से सब्जी की सप्लाई कम होती है। इसलिए सब्जी महंगे दामों पर बिकती हैं। जैसे-जैसे खेतों में पैदावार बढ़ेगी, सब्जियों के दाम घटते रहेंगे।
सब्जियों की सप्लाई बहुत कम होने के कारण कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। वैसे भी इस वर्ष उत्पादन भी काफी कम हुआ है, जिसके कारण आपूर्ति काफी कम हो रही है और कीमतों में उछाल है।
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सद्दाम, थोक विक्रेता
रमजान माह में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। क्योंकि अप्रैल माह में सब्जियों की पैदावार कम होती है। अब जैसे जैसे पैदावार बढ़ेगी सब्जियों के दाम कम होते जाएंगे।
अंशुल, सब्जी मंडी
इस बार नींबू के दाम आसमान छू रहे हैं। 10 रुपये का एक पीस मिल रहा है। अब सिर्फ स्वाद के लिए ही एक नींबू मंगाते हैं।
फैजान अली, रोजेदार
रजमान में शिकंजी के लिए नींबू सबसे ज्यादा प्रयोग में आते हैं। रमजान में हर बार नींबू इकट्ठा ही मंगा लेते थे। लेकिन इस बार दाम बढ़े होने के कारण नींबू ही नहीं मंगाए हैं।
शमा, रोजेदार
सब्जियों में टमाटर व आलू सबसे ज्यादा काम में आता है, लेकिन अप्रैल माह में सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
लता, ग्रहणी
सब्जियां महंगी हो गई हैं। पहले इकट्ठा मंगाते थे, लेकिन अब जरूरत के हिसाब से ही मंगाते हैं।
सबा, रोजेदार
पहले अब
नींबू 80 240
खीरा 15 20
हरी मिर्च 80 50
लौकी 20 30
प्याज 15 20
आलू 10 15
टमाटर 40 50
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रमजान और गर्मियों में नींबू की मांग बढ़ जाती है। एक महीने पहले नींबू का दाम 80 रुपये प्रति किलोग्राम था, लेकिन अब नींबू दाम बढ़कर 240 से 250 रुपये किलोग्राम तक हैं। सब्जियों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। सब्जियों के थोक विक्रेताओं ने बताया कि सब्जियों के दाम बढ़ने की वजह गर्मियों का समय से पहले आ जाना है। साथ ही क्षेत्र में फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं है। अभी बाहर से माल की आवक है। अप्रैल में और महंगाई बढ़ जाती है। क्योंकि खेतों से सब्जी की सप्लाई कम होती है। इसलिए सब्जी महंगे दामों पर बिकती हैं। जैसे-जैसे खेतों में पैदावार बढ़ेगी, सब्जियों के दाम घटते रहेंगे।
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सब्जियों की सप्लाई बहुत कम होने के कारण कीमतों में बढ़ोत्तरी हुई है। वैसे भी इस वर्ष उत्पादन भी काफी कम हुआ है, जिसके कारण आपूर्ति काफी कम हो रही है और कीमतों में उछाल है।
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सद्दाम, थोक विक्रेता
रमजान माह में सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। क्योंकि अप्रैल माह में सब्जियों की पैदावार कम होती है। अब जैसे जैसे पैदावार बढ़ेगी सब्जियों के दाम कम होते जाएंगे।
अंशुल, सब्जी मंडी
इस बार नींबू के दाम आसमान छू रहे हैं। 10 रुपये का एक पीस मिल रहा है। अब सिर्फ स्वाद के लिए ही एक नींबू मंगाते हैं।
फैजान अली, रोजेदार
रजमान में शिकंजी के लिए नींबू सबसे ज्यादा प्रयोग में आते हैं। रमजान में हर बार नींबू इकट्ठा ही मंगा लेते थे। लेकिन इस बार दाम बढ़े होने के कारण नींबू ही नहीं मंगाए हैं।
शमा, रोजेदार
सब्जियों में टमाटर व आलू सबसे ज्यादा काम में आता है, लेकिन अप्रैल माह में सब्जियों के दाम बढ़ने से रसोई का बजट गड़बड़ा गया है।
लता, ग्रहणी
सब्जियां महंगी हो गई हैं। पहले इकट्ठा मंगाते थे, लेकिन अब जरूरत के हिसाब से ही मंगाते हैं।
सबा, रोजेदार
पहले अब
नींबू 80 240
खीरा 15 20
हरी मिर्च 80 50
लौकी 20 30
प्याज 15 20
आलू 10 15
टमाटर 40 50