{"_id":"697e6450860741dfde02b61f","slug":"doctors-are-prescribing-outside-medicines-anti-rabies-injections-are-also-being-given-on-payment-of-money-sambhal-news-c-275-1-smbd1033-131759-2026-02-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: बाहर की दवा लिख रहे डॉक्टर, एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी रुपये देने पर लग रहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: बाहर की दवा लिख रहे डॉक्टर, एंटी रैबीज के इंजेक्शन भी रुपये देने पर लग रहे
विज्ञापन
संभल। भले ही अस्पतालों में एक रुपये के पर्चे पर निशुल्क दवा और जांच आदि की व्यवस्था है लेकिन फिर भी बाहर की दवा लिखने पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। ओपीडी हो या फिर इमरजेंसी, सरकारी पर्चे पर बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में कई मरीज ऐसे मिले, जिन्हें बाहर की दवा लिखी गई थी। मरीजों के अनुसार, चार से पांच सौ रुपये की दवा बाहर मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी।
हसनपुर मुंजब्ता के निवासी मसरूर ने बताया कि उन्हें आंखों की समस्या है। ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर द्वारा अच्छी दवा होने की बात कहकर बाहर की दवा लिखी गई। बाहर से खरीदकर लाए तो 180 रुपये खर्च करने पड़े। बाहर से इसलिए भी खरीद ली कि आराम मिल जाए बस। फत्तेहपुर गांव के निवासी कुंदन ने बताया कि उनके बेटे को बंदर ने काट लिया था। इंजेक्शन लगवाने आए थे लेकिन नगर क्षेत्र में कई जगह जाम मिलने के कारण देर हो गई। इस कारण दो बजे के बाद पहुंचे। स्टाफ ने कल को आने की बात कहकर लौटाना चाहा लेकिन फिर 50 रुपये दिए तो इंजेक्शन तुरंत लगा दिया।
जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। बाहरी दवाओं के लिखने पर रोक है। सभी से कहा है कि जो भी दवाएं हों, वहीं दी जाएं। यदि नहीं हैं तो औषधि केंद्र से भी कहा जाए। कोई भी रुपये लेते पाया गया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस
विज्ञापन
हसनपुर मुंजब्ता के निवासी मसरूर ने बताया कि उन्हें आंखों की समस्या है। ओपीडी में दिखाने के बाद डॉक्टर द्वारा अच्छी दवा होने की बात कहकर बाहर की दवा लिखी गई। बाहर से खरीदकर लाए तो 180 रुपये खर्च करने पड़े। बाहर से इसलिए भी खरीद ली कि आराम मिल जाए बस। फत्तेहपुर गांव के निवासी कुंदन ने बताया कि उनके बेटे को बंदर ने काट लिया था। इंजेक्शन लगवाने आए थे लेकिन नगर क्षेत्र में कई जगह जाम मिलने के कारण देर हो गई। इस कारण दो बजे के बाद पहुंचे। स्टाफ ने कल को आने की बात कहकर लौटाना चाहा लेकिन फिर 50 रुपये दिए तो इंजेक्शन तुरंत लगा दिया।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में पर्याप्त दवाएं हैं। बाहरी दवाओं के लिखने पर रोक है। सभी से कहा है कि जो भी दवाएं हों, वहीं दी जाएं। यदि नहीं हैं तो औषधि केंद्र से भी कहा जाए। कोई भी रुपये लेते पाया गया तो सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
विज्ञापन
डॉ. राजेंद्र सैनी, कार्यवाहक सीएमएस