{"_id":"58deb04b4f1c1be80463f52e","slug":"dispute-to-vehicale-two-community-comes-face-to-face","type":"story","status":"publish","title_hn":"वाहन निकालने के विवाद में दो समुदायों में पथराव-फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाहन निकालने के विवाद में दो समुदायों में पथराव-फायरिंग
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sat, 01 Apr 2017 01:09 AM IST
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औचक निरीक्षण का हवाला देकर फर्जी सीआईडी इंस्पेक्टर दुकानदारों से दो हजार रुपये तक ऐंठ रहा था।
- फोटो : Demo Pic
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दुग्ध वाहन निकालने को लेकर हुआ पुराना विवाद फिर गरमा गया। उसी विवाद को लेकर शुक्रवार को दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। पहले गाली-गलौज, फिर हाथापाई, इसके बाद जमकर पथराव और फायरिंग हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा, आधे घंटे बाद मामला शांत हो सका।
घटना में दोनों समुदायों के आठ लोग घायल हो गए। इसमें छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। घटना थाना क्षेत्र के गांव राजा का मझौला में रात नौ बजे करीब की है। सूचना पर एसपी व सीओ समेत पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष्ााें के छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
शुक्रवार रात नौ बजे करीब गांव राजा का मझौला में दुग्ध वाहन चालक राजीव यादव डेयरी से दूध लेने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों से दुग्ध वाहन चालक से पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने लगा, कहासुनी मारपीट में बदल गई। मारपीट करने वालों में एक समुदाय के और लोग भी शामिल हो गए।
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जानकारी के मिलने पर दूध डेयरी संचालक दूसरे समुदाय के लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया और मारपीट का विरोध करते हुए वाहन चालक को बचाने लगा। इस पर मारपीट करने वाले और भड़क गए। फिर क्या था, दोनों समुदायों के लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर आ गए, पथराव शुरू हो गया। हवाई फायरिंग भी शुरू हो गई।
करीब आधा घंटे तक पथराव और फायरिंग के बीच ग्रामीण घरों में दुबके रहे। सूचना पर 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस बुलाई गई। कोतवाल सुनील अहलावत मय पुलिसफोर्स के मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर दोनों समुदायों के लोग तितर-बितर होने लगे।
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण व पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदौसी सुरेश बाबू यादव भी मौके पर पहुुंच गए। हाथों में डंडे लेकर और सिर पर हेलमेट लगाकर पुलिस पथराव-फायरिंग कर रहे लोगों को दौड़ाने लगी। आधा घंटे की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। अचानक हुए हंगामे पथराव से क्षेत्र लोगों में खलबली मच गई। लोगों अपने घरों में घुस गए।
पथराव में एक समुदाय से लीलाधर पुत्र नन्हूराम, प्रमोद पुत्र लीलाधर व हीरालाल पुत्र चरनसिंह घायल हुए हैं। साथ ही दूसरे समुदाय से इरशाद पुत्र शमशाद, शाहिद पुत्र साबिर, आजिम पुत्र जाहिद, रेहान पुत्र अमरुद्दीन व हसीब पुत्र निजाम घायल हुए हैं।
एसपी ने बताया कि घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। गांव में पुलिस की तैनाती है। प्रभारी चिकित्सक बीएल विराटिया ने बताया कि सरकारी अस्पताल पहुंचे दोनों समुदायों के छह लोगों में से पांच लीलाधर, इरशाद, शाहिद, रेहान व हसीब को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। कोतवाल ने बताया कि घटना के बाद दोनों समुदायों के सात लोगों गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।
घटना में दोनों समुदायों के आठ लोग घायल हो गए। इसमें छह लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पांच घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया है। घटना थाना क्षेत्र के गांव राजा का मझौला में रात नौ बजे करीब की है। सूचना पर एसपी व सीओ समेत पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्ष्ााें के छह लोगों को हिरासत में लिया गया है।
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शुक्रवार रात नौ बजे करीब गांव राजा का मझौला में दुग्ध वाहन चालक राजीव यादव डेयरी से दूध लेने के लिए पहुंचा था। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों से दुग्ध वाहन चालक से पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हो गई। मामला बढ़ने लगा, कहासुनी मारपीट में बदल गई। मारपीट करने वालों में एक समुदाय के और लोग भी शामिल हो गए।
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जानकारी के मिलने पर दूध डेयरी संचालक दूसरे समुदाय के लोगों के साथ मौके पर पहुंच गया और मारपीट का विरोध करते हुए वाहन चालक को बचाने लगा। इस पर मारपीट करने वाले और भड़क गए। फिर क्या था, दोनों समुदायों के लोगों के हाथों में ईंट-पत्थर आ गए, पथराव शुरू हो गया। हवाई फायरिंग भी शुरू हो गई।
करीब आधा घंटे तक पथराव और फायरिंग के बीच ग्रामीण घरों में दुबके रहे। सूचना पर 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय पुलिस बुलाई गई। कोतवाल सुनील अहलावत मय पुलिसफोर्स के मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर दोनों समुदायों के लोग तितर-बितर होने लगे।
पुलिस अधीक्षक बालेंदु भूषण व पुलिस क्षेत्राधिकारी चंदौसी सुरेश बाबू यादव भी मौके पर पहुुंच गए। हाथों में डंडे लेकर और सिर पर हेलमेट लगाकर पुलिस पथराव-फायरिंग कर रहे लोगों को दौड़ाने लगी। आधा घंटे की मशक्कत के बाद हालात पर काबू पाया। अचानक हुए हंगामे पथराव से क्षेत्र लोगों में खलबली मच गई। लोगों अपने घरों में घुस गए।
पथराव में एक समुदाय से लीलाधर पुत्र नन्हूराम, प्रमोद पुत्र लीलाधर व हीरालाल पुत्र चरनसिंह घायल हुए हैं। साथ ही दूसरे समुदाय से इरशाद पुत्र शमशाद, शाहिद पुत्र साबिर, आजिम पुत्र जाहिद, रेहान पुत्र अमरुद्दीन व हसीब पुत्र निजाम घायल हुए हैं।
एसपी ने बताया कि घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है। गांव में पुलिस की तैनाती है। प्रभारी चिकित्सक बीएल विराटिया ने बताया कि सरकारी अस्पताल पहुंचे दोनों समुदायों के छह लोगों में से पांच लीलाधर, इरशाद, शाहिद, रेहान व हसीब को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। कोतवाल ने बताया कि घटना के बाद दोनों समुदायों के सात लोगों गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। मामले की जांच-पड़ताल की जा रही है।