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उपभोक्ताओं से सुविधा-शुल्क को लेकर बैंक में हंगामा

Wed, 27 Apr 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहजाोई
ब्यूरो/अमर उजाला, बहजाोई Updated Wed, 27 Apr 2016 12:46 AM IST
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dispute in bank
बैंक में हंगामा
किसान क्रेडिट कार्ड और धन निकासी के समय दुर्व्यवहार व परेशान किए जाने का आरोप लगाते हुए उपभोक्ताओं ने सिंडीकेट बैंक में  हंगामा किया। शाखा प्रबंधक समेत बैंक स्टाफ से पौन घंटे तक खासी नोकझोंक हुई। किसानों की पैरवी को पहुंचे स्थानीय भाजपा नेताओं ने बैंक की सेवाओं में सुधार के लिए बैंक प्रशासन को चेताया और अग्रणी बैंक प्रबंधक से भी बातचीत की।
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मंगलवार को दोपहर सवा बारह बजे करीब इसलामनगर चौराहा स्थित सिंडीकेट बैंक की स्थानीय शाखा में उस समय हंगामा शुरू हो गया, जबकि बैंक के कई उपभोक्ताओं ने अभद्रता व परेशान किए जाने का आरोप लगाते बैंक प्रबंधक समेत बैंक स्टाफ का घेराव किया।
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विकासखंड के गांव श्यौराजपुर निवासी चमेली पत्नी सोरन का कहना था कि करीब सात माह हो गए। किसान क्रेडिट कार्ड के लिए बैंक के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। आरोप है कि बैंक में दलाल हावी हैं। पांच हजार रुपये से दस हजार रुपये तक की डिमांड की जाती है।
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न देने पर चक्कर काटने पड़ते हैं। दलाली का विरोध करो तो बैंक स्टाफ अभद्रता पर उतारू हो जाता है। पाल पुत्र सोरन का कहना है कि कई माह किसान क्रेडिट कार्ड नहीं बन पा रहा। बल्लमपुर के राजपाल व चाटन के बिंटू यादव ने भी बैंक स्टाफ पर किसानों से अभद्रता करने व परेशान करने का आरोप लगाया।

किसानों की पैरवी करने पहुंचे भाजपा नेता अवधेश यादव व भुवनेश राघव ने शाखा प्रबंधक व फील्ड अफसर को आड़े हाथ लिया। अग्रणी बैंक प्रबंधक एसके भारद्वाज से शिकायत करते हुए कहा कि बैंक किसानों की मदद के लिए होती है न कि सुविधा शुल्क लेकर व सहयोग न करके किसानों को परेशान करने के लिए है।


बैंक स्टाफ के यह कहने कि किसान सीधे दलालों से मिलते हैं, उन्हें कुछ नहीं पता, पर भाजपा नेताओं समेत किसानों का गुस्सा और बढ़ गया। इनका कहना था कि यदि दलाल हावी हैं तो दलालों के कहने पर बैंक में आसानी से काम कैसे हो जाता है, जबकि सुविधा शुल्क न देने वाले किसानों को भटकना पड़ता है। काफी हंगामे और नोकझोंक के बाद एलडीएम ने बैंक सेवाओं में सुधार कराने व बैंक स्टाफ के खिलाफ लिखा-पढ़ी करने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर किसान माने और मामला शांत हो सका।
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