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Sambhal News: श्रीकृष्ण-सुदामा मित्रता का प्रसंग सुनकर भावुक हो गए श्रद्धालु
Thu, 23 May 2024 01:45 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Thu, 23 May 2024 01:45 AM IST
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बबराला (संभल)। कस्बे के स्टेशन रोड स्थित बांके बिहारी लाल मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया। प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
कथा व्यास आचार्य गौरव देव शर्मा ने बताया कि सच्चा मित्र वहीं है, जो बिना कहे हमारी पीड़ा को समझ जाएं। जब भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा उनसे मिलने द्वारिका नगरी पहुंच जाते हैं। तो वहां श्रीकृष्ण के महल के बाहर खड़े द्वारपाल उनको रोक देते हैं। तब वह द्वारपाल द्वारा अपने आने का संदेश भगवान के पास भेजते हैं। भगवान अपने मित्र के आने का समाचार सुन नंगे पैर दौड़े चले आते हैं और सुदामा से मिलकर उसे गले लगाते हैं। कथा के बीच बीच में सुंदर सुंदर भजनों का गायन हुआ। जिसे सुनकर श्रद्धालु जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी के जयकारे लगाने लगे। आयोजन के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं में किया गया। इस मौके पर पंडित श्याम बिहारी महाराज, संजय, टिंकू, टेस्टी वार्ष्णेय, डिंपल वार्ष्णेय, उमेश, सोनू, कार्तिक आदि मौजूद रहे।
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कथा व्यास आचार्य गौरव देव शर्मा ने बताया कि सच्चा मित्र वहीं है, जो बिना कहे हमारी पीड़ा को समझ जाएं। जब भगवान श्रीकृष्ण के बचपन के घनिष्ठ मित्र सुदामा उनसे मिलने द्वारिका नगरी पहुंच जाते हैं। तो वहां श्रीकृष्ण के महल के बाहर खड़े द्वारपाल उनको रोक देते हैं। तब वह द्वारपाल द्वारा अपने आने का संदेश भगवान के पास भेजते हैं। भगवान अपने मित्र के आने का समाचार सुन नंगे पैर दौड़े चले आते हैं और सुदामा से मिलकर उसे गले लगाते हैं। कथा के बीच बीच में सुंदर सुंदर भजनों का गायन हुआ। जिसे सुनकर श्रद्धालु जय कन्हैया लाल की हाथी घोड़ा पालकी के जयकारे लगाने लगे। आयोजन के समापन पर आरती कर प्रसाद का वितरण श्रद्धालुओं में किया गया। इस मौके पर पंडित श्याम बिहारी महाराज, संजय, टिंकू, टेस्टी वार्ष्णेय, डिंपल वार्ष्णेय, उमेश, सोनू, कार्तिक आदि मौजूद रहे।
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