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डेंगू आशंकित सफाईकर्मी की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:27 AM IST
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गंदगी और मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के बाद भी जिम्मेदारों की ओर से कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। सार्वजनिक स्थलों पर सफाई व्यवस्था की बात छोड़िए, सरकारी कार्यालयों में गंदगी के अंबार हैं।
गबनियाखेड़ा विकास खंड क्षेत्र के गांव तिसावां में तैनात सफाईकर्मी रतनलाल (36) की मंगलवार को सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। चंदौसी के कंपनी बाग निवासी रतन लाल की एक अक्तूबर को बुखार की चपेट में आकर हालत बिगड़ी थी। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने रतनलाल में डेंगू की आशंका जताई थी। तीन दिन इलाज के बाद मंगलवार को रतनलाल ने दम तोड़ दिया। रतनलाल की मौत के बाद परिजनों में हाहाकार मच गया। भाई सुरेश, भाभी लता का रो रोकर बुरा हाल है।
रतनलाल का सात वर्षीय बेटा अंकित कक्षा एक में फव्वारा चौक स्थित सेंट जोंस स्कूल में पढ़ रहा है। गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से निजात के लिए जिम्मेदार बेपरवाह नजर आ रहे हैं। रोजाना फागिंग का पालिका दावा तो कर रही है लेकिन कहीं फागिंग नजर नहीं आ रही है। नगरवासियों में आक्रोश पनप रहा है। जबकि, शहर से सटे गांवों में भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। सफाई कर्मियों की कमी से जूझ रहीं ग्राम पंचायतें सफाई व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने में सफल नहीं हो पा रही हैं।
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नगरवासियों ने पालिका के फागिंग के दावों की हवा निकाल दी है। पालिका प्रशासन की ओर से लगातार नगर में फागिंग किए जाने की बात की जा रही है। नगरवासियों का कहना है कि फागिंग के नाम पर नगर में शुरुआत भी नहीं हुई है। पूरा नगर कीट पतंगों और मच्छरों की जद में है। हर तरफ शाम होते ही लोग घरों में अंधेरा कर जीवन यापन करने को विवश हैं।
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गबनियाखेड़ा विकास खंड क्षेत्र के गांव तिसावां में तैनात सफाईकर्मी रतनलाल (36) की मंगलवार को सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। चंदौसी के कंपनी बाग निवासी रतन लाल की एक अक्तूबर को बुखार की चपेट में आकर हालत बिगड़ी थी। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने रतनलाल में डेंगू की आशंका जताई थी। तीन दिन इलाज के बाद मंगलवार को रतनलाल ने दम तोड़ दिया। रतनलाल की मौत के बाद परिजनों में हाहाकार मच गया। भाई सुरेश, भाभी लता का रो रोकर बुरा हाल है।
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रतनलाल का सात वर्षीय बेटा अंकित कक्षा एक में फव्वारा चौक स्थित सेंट जोंस स्कूल में पढ़ रहा है। गंदगी और मच्छरों के प्रकोप से निजात के लिए जिम्मेदार बेपरवाह नजर आ रहे हैं। रोजाना फागिंग का पालिका दावा तो कर रही है लेकिन कहीं फागिंग नजर नहीं आ रही है। नगरवासियों में आक्रोश पनप रहा है। जबकि, शहर से सटे गांवों में भी सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। सफाई कर्मियों की कमी से जूझ रहीं ग्राम पंचायतें सफाई व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने में सफल नहीं हो पा रही हैं।
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नगरवासियों ने पालिका के फागिंग के दावों की हवा निकाल दी है। पालिका प्रशासन की ओर से लगातार नगर में फागिंग किए जाने की बात की जा रही है। नगरवासियों का कहना है कि फागिंग के नाम पर नगर में शुरुआत भी नहीं हुई है। पूरा नगर कीट पतंगों और मच्छरों की जद में है। हर तरफ शाम होते ही लोग घरों में अंधेरा कर जीवन यापन करने को विवश हैं।
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