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दावत के बहाने बुलाकर होेमगार्ड की हत्या
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Wed, 06 Dec 2017 01:27 AM IST
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मृतक का फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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हजरतनगर गढ़ी थानाक्षेत्र के सोनकपुर गांव में सोमवार रात दावत के बहाने घर बुलाकर एक होमगार्ड की सरियों से पीट पीटकर हत्या कर दी गई। शव को सड़क पर फेंककर आरोपी भाग निकले। होमगार्ड के भाई ने पांच नामजद समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। हत्या की वजह टावर पर चौकीदारी को लेकर विवाद बताया गया है। होमगार्ड के एक भाई ने खुद को घटना का चश्मदीद बताया है।
कुंदरकी के तख्तपुर हासा गांव निवासी वीरेंद्र (30) होमगार्ड थे। मैनाठेर थाने में उनकी तैनाती थी। परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र अपने भाई जोगेंद्र के साथ सोनकपुर स्थित एक मोबाइल कंपनी के टावर पर चौकीदारी भी करते थे। सोमवार को भी दोनों भाई चौकीदारी करने के लिए टावर पर मौजूद थे। जोगेंद्र ने बताया कि टावर के पास ही एक अन्य मोबाइल कंपनी का टावर सोनकपुर निवासी नवजीत के खेत में लगा है, जिसकी चौकीदारी भी नवजीत करता है। आरोप है कि नवजीत सोमवार रात को टावर से वीरेंद्र को घर पर दावत के बहाने लेकर गया था। आधे घंटे तक वीरेंद्र वापस नहीं लौटा तो उसे तलाशते हुए जोगेंद्र गांव में नवजीत के घर पहुंचा। जोगेंद्र ने बताया कि उसने देखा कि घर में नवजीत, उसका भाई अरविंद, ओमवीर निवासी भूड़ावास, अंकुश निवासी भिड़वारी और जयवीर निवासी उदयपुर थे। उन लोगों ने वीरेंद्र के मुंह पर कपड़ा बांध रखा था और सरिये से पिटाई कर रहे थे।
विरोध जताने पर हमलावराें ने वीरेंद्र को मरा समझकर अपने घर से बाहर निकालकर सड़क पर फेंका और भाग गए। जोगेंद्र ने कंट्रोल रूम में सूचना दी तो पीआरवी और एंबुलेंस पहुंची। वीरेंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। देर रात एसओ और मंगलवार सुबह सूचना मिलने पर एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने मौके पर पहुंचकर मोबाइल टावर और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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कुंदरकी के तख्तपुर हासा गांव निवासी वीरेंद्र (30) होमगार्ड थे। मैनाठेर थाने में उनकी तैनाती थी। परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र अपने भाई जोगेंद्र के साथ सोनकपुर स्थित एक मोबाइल कंपनी के टावर पर चौकीदारी भी करते थे। सोमवार को भी दोनों भाई चौकीदारी करने के लिए टावर पर मौजूद थे। जोगेंद्र ने बताया कि टावर के पास ही एक अन्य मोबाइल कंपनी का टावर सोनकपुर निवासी नवजीत के खेत में लगा है, जिसकी चौकीदारी भी नवजीत करता है। आरोप है कि नवजीत सोमवार रात को टावर से वीरेंद्र को घर पर दावत के बहाने लेकर गया था। आधे घंटे तक वीरेंद्र वापस नहीं लौटा तो उसे तलाशते हुए जोगेंद्र गांव में नवजीत के घर पहुंचा। जोगेंद्र ने बताया कि उसने देखा कि घर में नवजीत, उसका भाई अरविंद, ओमवीर निवासी भूड़ावास, अंकुश निवासी भिड़वारी और जयवीर निवासी उदयपुर थे। उन लोगों ने वीरेंद्र के मुंह पर कपड़ा बांध रखा था और सरिये से पिटाई कर रहे थे।
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विरोध जताने पर हमलावराें ने वीरेंद्र को मरा समझकर अपने घर से बाहर निकालकर सड़क पर फेंका और भाग गए। जोगेंद्र ने कंट्रोल रूम में सूचना दी तो पीआरवी और एंबुलेंस पहुंची। वीरेंद्र को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया। देर रात एसओ और मंगलवार सुबह सूचना मिलने पर एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने मौके पर पहुंचकर मोबाइल टावर और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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