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Sambhal News: गंगा का जलस्तर बढ़ने पर गुन्नौर क्षेत्र में मंडराया बाढ़ का खतरा
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फोटो
लगातार बढ़ रहे गंगा जलस्तर से ईशमपुर डांडा गांव के खेतों में पहुंचा गंगा का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुन्नौर। गंगा के जलस्तर बढ़ने से गुन्नौर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खतरे के निशान 178.765 मीटर है। बुधवार को जलस्तर 178.31 मीटर तक पहुंच गया। अब गंगा खतरे के निशान से महज .455 मीटर दूर है। गांव ईशमपुर डांडा के खेतों में गंगा का पानी पहुंचने पर प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ सुरक्षा समितियों को सतर्क कर दिया है।
बुधवार दोपहर 12 बजे हरिद्वार से 3,52,000 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया, जो अगले 24 घंटों के भीतर गुन्नौर क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इसके अतिरिक्त, चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज (नरोरा) से डाउन स्ट्रीम में 1,35,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। स्थिति की निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र अग्रवाल तथा अधिशासी अभियंता प्रदीप सिंह पटेल ने नरोरा बैराज सहित गंगा के तटबंधों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने गंगा किनारे बसे संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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आश्रय स्थलों की तैयारी में जुटा प्रशासन
बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले संभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने नावों, राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय स्थलों की तैयारी शुरू कर दी है। जिससे बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित किया जा सके।
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लगातार बढ़ रहे गंगा जलस्तर से ईशमपुर डांडा गांव के खेतों में पहुंचा गंगा का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुन्नौर। गंगा के जलस्तर बढ़ने से गुन्नौर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। खतरे के निशान 178.765 मीटर है। बुधवार को जलस्तर 178.31 मीटर तक पहुंच गया। अब गंगा खतरे के निशान से महज .455 मीटर दूर है। गांव ईशमपुर डांडा के खेतों में गंगा का पानी पहुंचने पर प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। सिंचाई विभाग ने भी बाढ़ सुरक्षा समितियों को सतर्क कर दिया है।
बुधवार दोपहर 12 बजे हरिद्वार से 3,52,000 क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया, जो अगले 24 घंटों के भीतर गुन्नौर क्षेत्र तक पहुंच सकता है। इसके अतिरिक्त, चौधरी चरण सिंह गंगा बैराज (नरोरा) से डाउन स्ट्रीम में 1,35,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। स्थिति की निगरानी के लिए सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता जितेंद्र अग्रवाल तथा अधिशासी अभियंता प्रदीप सिंह पटेल ने नरोरा बैराज सहित गंगा के तटबंधों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने गंगा किनारे बसे संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन दलों को भी तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
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आश्रय स्थलों की तैयारी में जुटा प्रशासन
बाढ़ से प्रभावित हो सकने वाले संभावित गांवों में राहत और बचाव कार्यों की योजना बनाई जा रही है। प्रशासन ने नावों, राहत सामग्री और अस्थायी आश्रय स्थलों की तैयारी शुरू कर दी है। जिससे बाढ़ प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित किया जा सके।
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