Sambhal Temple: राधा कृष्ण और शिव मंदिर में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़, भजन-कीर्तन के साथ होने लगा भंडारा
संभल के खग्गू सराय और सरायतरीन में वर्षों बाद खुले प्राचीन शिव और राधा कृष्ण मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। 1978 और 1992 के दंगों के बाद बंद हुए इन मंदिरों में अब नियमित पूजा-अर्चना होने लगी है।
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संभल नगर के खग्गू सराय में स्थित प्राचीन शिव मंदिर और सरायतरीन के मोहल्ला कछवायन में स्थित राधा कृष्ण मंदिर पर इन दिनों श्रद्धालुओं की भीड़ खूब पहुंच रही है। पूजा पाठ के बाद प्रसाद वितरण किया जा रहा है। लोग भंडारा भी करा रहे हैं। शहर के साथ दूर दराज के श्रद्धालुओं में दर्शन करने की होड़ लगी है। महिलाएं भजन कीर्तन कर रही हैं।
संभल के खग्गू सराय में स्थित प्राचीन शिव मंदिर को 14 दिसंबर को पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में खोला गया था। मुस्लिम आबादी के बीच स्थित इस प्राचीन मंदिर को 1978 के दंगों के बाद ताला लगा दिया था। हिंदू समुदाय के लोग इस मोहल्ले से पलायन कर गए थे। इसके बाद से ही मंदिर में ताला लगा था। इसी तरह सरायतरीन के मोहल्ला कछवायन में स्थित राधा कृष्ण मंदिर में 1992 के दंगों के बाद से ताला लग गया था।
नियमित पूजा पाठ नहीं होता था। क्योंकि मंदिर मुस्लिम आबादी के बीच स्थित है। अब यह दोनों मंदिर नियमित खुल रहे हैं। वर्षों बाद मंदिर खुलने की सूचना जिसको मिल रही है वह दर्शन के लिए पहुंच रहा है। दिनभर इन दोनों मंदिर पर भक्तिमय माहौल दिखाई देता है।
एएसआई टीम संभल के 19 कूप और पांच तीर्थों कर चुकी सर्वे
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम संभल शहर और उसके आसपास बने 19 कूप और पांच तीर्थों का सर्वे कर चुकी है। एएसआई की टीम ने खग्गू सराय स्थित प्राचीन शिव मंदिर और इसके परिसर में स्थित प्राचीन कुएं की नमूने कार्बन डेटिंग के लिए ली है। ताकि पता लगाया जा सके कि ये कितने पुराने हैं। इसके अलावा शहर के अलग-अलग स्थानों पर स्थित कूप व तीर्थों का भी टीम ने सर्वे किया।
संभल में प्राचीन मंदिर मिलने के बाद डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने एएसआई के निदेशक को पत्र भेजकर यहां सर्वे कराए जाने की बात कही थी। कहा था कि संभल एक धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थान रहा है। ऐसी मान्यता है कि यहां पर 68 तीर्थ, 19 कूप, 36 पुरे व 52 सराय हैं।
अधिकारियों के भ्रमण के दौरान तीर्थ व कूप प्रकाश में आए हैं। ये तीर्थ व कूप धार्मिक और जल संरक्षण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। चूंकि ये प्राचीन बताए जाते हैं। इसलिए इनका काल निर्धारण किया जाना धरोहर संरक्षण की दृष्टि से आवश्यक है।
इन कूप व तीर्थों का किया गया सर्वे
1- चतुर्मुख ब्रह्म कूप, ग्राम आलम सराय
2- अमृत कूप ,कूप मंदिर, दुर्गा काॅलोनी,
3- अशोक कूप स्थित मोहल्ला हल्लू सराय
4- सप्तसागर कूप स्थित सर्थलेश्वर मंदिर, मोहल्ला कोट पूर्वी
5- बलि कूप, कूचे वाली गली
6- धर्म कूप स्थित हयातनगर
7- ऋषिकेश कूप स्थित शिव मंदिर, मोहल्ला कोट पूर्वी
8- परासर कूप स्थित कल्कि मंदिर के पास, मोहल्ला कोट पूर्वी
9- अकर्ममोचन कूप स्थित संभल कोतवाली के सामने, मोहल्ला ठेर
10- धरणि बाराह कूप स्थित जामा मस्जिद चौकी के नीचे, मोहल्ला कोट गर्वी
11- भद्रका आश्रम तीर्थ, होज भदेसरा
12- स्वर्गदीप तीर्थ/सती मठ, स्थित गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद
13- चक्रपाणि तीर्थ, गांव जलालपुर मोहम्मदाबाद
14- प्राचीन कूप स्थित एक रात वाली मस्जिद के पास, मोहल्ला कोट गर्वी
15- प्राचीन कूप स्थित जामा मस्जिद परिसर, मोहल्ला कोट गर्वी, संभल।
16- प्राचीन कूप स्थित बाल विद्या मंदिर के सामने, मोहल्ला चमन सराय
17- प्राचीन कूप स्थित न्यारियों वाली मस्जिद, मोहल्ला खग्गू सराय
18- प्राचीन कूप स्थित गद्दियों वाला मोहल्ला, कोट पूर्वी
19- प्राचीन कूप स्थित सेठों वाली गली, मोहल्ला कोट पूर्वी
20- प्राचीन कूप स्थित एजेंटी चौराहे के पास, मोहल्ला डूंगर सराय
21- प्राचीन मंदिर व कूप स्थित मोहल्ला खग्गू सराय
22- प्राचीन तीर्थ / शमशान / मंदिर, आर्य कोल्ड स्टोर के पास, अजीजपुर असदपुर
संभल का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। 19 कूप और पांच तीर्थों का एएसआई की टीम ने सर्वे किया है। यह सर्वे करीब 9 घंटे तक चला है। अगर आवश्यकता हुई तो टीम को फिर से बुलाया जा सकता है। अभी तक जो भी सर्वे टीम ने किया है, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार होगी। रिपोर्ट आधार अगली कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. राजेंद्र पैंसिया, डीएम, संभल