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चार माह की बेटी को पटककर मार डाला
ब्यूराे/अमर उजाला,संभल
Updated Fri, 10 Jun 2016 12:23 AM IST
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धनारी थाना क्षेत्र के गढ़ा गांव में बुधवार की शाम पति ने मायके जाने से मना किया तो गुस्से में आगबबूला पत्नी ने अपनी चार माह की दुधमुंही बेटी को जमीन पर पटक कर मार डाला। इसके बाद उसने पलटकर नहीं देखा कि बच्ची का क्या हाल है। सीधे पति और ससुराल वालों के खिलाफ तहरीर लिखाने थाने पहुंच गई। तफ्तीश को पहुंची पुलिस को हकीकत का पता चला तो वह भी सकते में रह गई।
पति की तहरीर पर पत्नी, साले और ससुर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। गढ़ा गांव निवासी ब्रजपाल सिंह यादव के पुत्र मुकेश यादव की शादी साढ़े चार साल पहले ही रजपुरा थाने के हिरौनी गांव के महाराज सिंह की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। सुनीता को ससुराल से ज्यादा मायके में रहना पसंद था। इसमें उसके माता-पिता भी रजामंदी शामिल थी। सुनीता के तीन साल का बेटा है।
चार महीने पहले उसने एक बेटी (ज्योति) को जन्म दिया था। छह महीने मायके में रहने के बाद लगभग पंद्रह दिन पहले मुकेश उसे अपने घर लाया था। दो-तीन दिन बाद वह फिर मायके जाने की जिद करने लगी। सुनीता के पिता महाराज सिंह, भाई सतीश कुमार उसे लेने के लिए बुधवार को गढ़ा पहुंचे। पति मुकेश व उसके पिता ब्रजपाल सिंह ने कुछ दिन सुनीता को यहीं रहने देने को कहा लेकिन वे नहीं माने। घर से बाहर निकल गए।
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पति व ससुर ने रोकना चाहा तो पिता व भाई ने कहा कि बेटी को फेंक और चल मेरे साथ। इतना सुनते ही सुनीता ने दुधमुंही बेटी को सड़क पर फेंक दिया और अपने भाई व पिता के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। धनारी थाने पहुंचकर पति व ससुर पर जबरन बेटी को छीनने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। थानाध्यक्ष गंगा सिंह यादव ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला उल्टा निकला।
पता चला कि सुनीता का पति व अन्य परिजन बेटी को लेकर अस्पताल गए थे, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी में आया कि सुनीता ने ही मायके जाने से रोके जाने से क्षुब्ध होकर चार माह की बेटी को सड़क पर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पति मुकेश की तहरीर पर सुनीता, उसके पिता महाराज सिंह व भाई सतीश कुमार के खिलाफ गैरइरातन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
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पति की तहरीर पर पत्नी, साले और ससुर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कराया गया है। गढ़ा गांव निवासी ब्रजपाल सिंह यादव के पुत्र मुकेश यादव की शादी साढ़े चार साल पहले ही रजपुरा थाने के हिरौनी गांव के महाराज सिंह की बेटी सुनीता के साथ हुई थी। सुनीता को ससुराल से ज्यादा मायके में रहना पसंद था। इसमें उसके माता-पिता भी रजामंदी शामिल थी। सुनीता के तीन साल का बेटा है।
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चार महीने पहले उसने एक बेटी (ज्योति) को जन्म दिया था। छह महीने मायके में रहने के बाद लगभग पंद्रह दिन पहले मुकेश उसे अपने घर लाया था। दो-तीन दिन बाद वह फिर मायके जाने की जिद करने लगी। सुनीता के पिता महाराज सिंह, भाई सतीश कुमार उसे लेने के लिए बुधवार को गढ़ा पहुंचे। पति मुकेश व उसके पिता ब्रजपाल सिंह ने कुछ दिन सुनीता को यहीं रहने देने को कहा लेकिन वे नहीं माने। घर से बाहर निकल गए।
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पति व ससुर ने रोकना चाहा तो पिता व भाई ने कहा कि बेटी को फेंक और चल मेरे साथ। इतना सुनते ही सुनीता ने दुधमुंही बेटी को सड़क पर फेंक दिया और अपने भाई व पिता के साथ बाइक पर बैठकर चली गई। धनारी थाने पहुंचकर पति व ससुर पर जबरन बेटी को छीनने व प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी। थानाध्यक्ष गंगा सिंह यादव ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो मामला उल्टा निकला।
पता चला कि सुनीता का पति व अन्य परिजन बेटी को लेकर अस्पताल गए थे, जहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारी में आया कि सुनीता ने ही मायके जाने से रोके जाने से क्षुब्ध होकर चार माह की बेटी को सड़क पर फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पति मुकेश की तहरीर पर सुनीता, उसके पिता महाराज सिंह व भाई सतीश कुमार के खिलाफ गैरइरातन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।