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ट्रेनों में रेलमपेल, बसें भी ठसाठस गईं
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
Updated Mon, 16 Nov 2015 12:41 AM IST
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छठ पूजा के लिए पूरब की ओर जाने वाली ट्रेनों की हालत रविवार को देखने वाली थी। ट्रेन में घुसने के लिए लोग एक-दूसरे के ऊपर चढ़े जा रहे थे। तो दूसरी ओर भैया दूज कर मायके से लौट रही महिलाओं की भीड़ थी। यही कारण रहा कि प्राइवेट से लेकर रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सभी बसों और ट्रेनों में धक्कामुक्की का माहौल दिखा। भारी अव्यवस्थाओं के बीच लोगों ने जोखिम भरा सफर तय किया। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होता जो इस पर्व में शामिल न हो।
यही कारण रहा कि रविवार को उस ओर घर जाने वालों की भीड़ रेलों और बसों में उमड़ पड़ी। इसके अलावा भाईदूज के बाद वापस ससुराल आने वाली महिलाओं की भी भीड़ रही। जिसके चलते सारे सरकारी इंतजाम ध्वस्त हो गए। चंदौसी रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में यात्री ट्रेनों का घंटों इंतजार करते दिखे।
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ट्रेन आते ही भीड़ का आलम यह था कि आरक्षित सीटों वाले यात्री अपनी सीटों तक पहुंच ही नहीं सके। बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों पर चढ़ नहीं सके। दूसरी ट्रेनों व बसों से किसी तरह सफर तय करना पड़ा। यही स्थिति रोडवेज बस स्टैंड की थी, अतिरिक्त बसों का संचालन करने के बावजूद बसें कम पड़ गई। भारी धक्की मुक्की का माहौल देखते हुए रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड पर पुलिस बल लगाना पड़ा।
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सभी बसों और ट्रेनों में धक्कामुक्की का माहौल दिखा। भारी अव्यवस्थाओं के बीच लोगों ने जोखिम भरा सफर तय किया। बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में छठ पूजा बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होता जो इस पर्व में शामिल न हो।
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यही कारण रहा कि रविवार को उस ओर घर जाने वालों की भीड़ रेलों और बसों में उमड़ पड़ी। इसके अलावा भाईदूज के बाद वापस ससुराल आने वाली महिलाओं की भी भीड़ रही। जिसके चलते सारे सरकारी इंतजाम ध्वस्त हो गए। चंदौसी रेलवे स्टेशन पर हजारों की संख्या में यात्री ट्रेनों का घंटों इंतजार करते दिखे।
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ट्रेन आते ही भीड़ का आलम यह था कि आरक्षित सीटों वाले यात्री अपनी सीटों तक पहुंच ही नहीं सके। बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनों पर चढ़ नहीं सके। दूसरी ट्रेनों व बसों से किसी तरह सफर तय करना पड़ा। यही स्थिति रोडवेज बस स्टैंड की थी, अतिरिक्त बसों का संचालन करने के बावजूद बसें कम पड़ गई। भारी धक्की मुक्की का माहौल देखते हुए रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टैंड पर पुलिस बल लगाना पड़ा।