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आजम के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 10 Aug 2016 01:45 AM IST
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संभल। नगर विकास मंत्री आजम खां के खिलाफ गाजियाबाद के एक युवक ने तीन अगस्त फेसबुक पर अशोभनीय भाषा में एक पोस्ट कर दी। उसी दिन चंदौसी के एक सपा नेता भी पोस्ट को लाइक करके विवादों में आ गए हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि मैं पोस्ट में लिखे विचारों से सहमत नहीं हूं। मंगलवार को संभल निवासी सपा के नगर सचिव यावर फराज खां इसके खिलाफ तहरीर लेकर कोतवाली पहुंचे।
यावर फराज मंगलवार को दोपहर में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह से मिले। उनके साथ सपा कार्यकर्ता गौरव यादव, धीरज आर्या, जियाउर्रहमान, जीतपाल सिंह यादव भी थे। इन सभी ने गाजियाबाद निवासी प्रदीप यादव और चंदौसी निवासी सपा नेता रामबल्लभ रावत खिलाफ एफआईआर की दर्ज करने की मांग की।
इसके बाद सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने भी संज्ञान लिया है। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि प्रकरण की शुरुआत गाजियाबाद से हुई है। इसलिए प्रकरण को जिले की पुलिस गाजियाबाद जिले को भेजेगी।
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तहरीर क्यों लौटाई गई? ः सपा नेता यावर फराज ने मीडिया को बताया कि कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने तहरीर पढ़ी और कहा कि मामला गाजियाबाद से संबंधित है। वहीं रिपोर्ट दर्ज होगी। वरना एसपी से लिखवाकर लाएं। इसके बाद तहरीर लौटा दी। इस मामले में जब अपर पुलिस अधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी की तहरीर लौटाई नहीं जा सकती है। तहरीर क्यों लौटाई गई? इस बारे में प्रभारी निरीक्षक से जानकारी करेंगे।
जबकि प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह ने कहा सपा नेता उनसे मिले लेकिन मामला बड़े नेता से जुड़ा जिसमें उन्होंने कहा था कि एडीशनल एसपी से मिल कर अवगत कराएं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही कार्रवाई होगी। तहरीर लौटाने से उन्होंने इनकार किया।
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यावर फराज मंगलवार को दोपहर में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह से मिले। उनके साथ सपा कार्यकर्ता गौरव यादव, धीरज आर्या, जियाउर्रहमान, जीतपाल सिंह यादव भी थे। इन सभी ने गाजियाबाद निवासी प्रदीप यादव और चंदौसी निवासी सपा नेता रामबल्लभ रावत खिलाफ एफआईआर की दर्ज करने की मांग की।
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इसके बाद सपा के जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने भी संज्ञान लिया है। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि प्रकरण की शुरुआत गाजियाबाद से हुई है। इसलिए प्रकरण को जिले की पुलिस गाजियाबाद जिले को भेजेगी।
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तहरीर क्यों लौटाई गई? ः सपा नेता यावर फराज ने मीडिया को बताया कि कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक ने तहरीर पढ़ी और कहा कि मामला गाजियाबाद से संबंधित है। वहीं रिपोर्ट दर्ज होगी। वरना एसपी से लिखवाकर लाएं। इसके बाद तहरीर लौटा दी। इस मामले में जब अपर पुलिस अधीक्षक से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि किसी की तहरीर लौटाई नहीं जा सकती है। तहरीर क्यों लौटाई गई? इस बारे में प्रभारी निरीक्षक से जानकारी करेंगे।
जबकि प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह ने कहा सपा नेता उनसे मिले लेकिन मामला बड़े नेता से जुड़ा जिसमें उन्होंने कहा था कि एडीशनल एसपी से मिल कर अवगत कराएं। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर ही कार्रवाई होगी। तहरीर लौटाने से उन्होंने इनकार किया।