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चकबंदी में छिन गई जमीन अब काट रहा दफ्तरों के चक्कर

Sat, 08 Dec 2018 01:39 AM IST
Updated Sat, 08 Dec 2018 01:39 AM IST
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चकबंदी में छिन गई जमीन अब काट रहा दफ्तरों के चक्कर
बबराला/गवां। गुन्नौर तहसील में चकबंदी प्रक्रिया के अंतर्गत रहे एक गांव के किसान ने चकबंदी कर्मियों पर अभिलेखों में हेरफेर कर जमीन दूसरे किसान के नाम करने का आरोप लगाया है। 25 वर्ष पुराने संक्रमणीय पट्टे को छिनने के बाद पीड़ित किसान ने इसकी शिकायत शासन से लेकर स्थानीय अधिकारियों से की है।
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रजपुरा थाना क्षेत्र के गांव मोलनपुर के राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके गांव में चकबंदी के दौरान कर्मियों ने 25 वर्ष पुराने संक्रमणीय पट्टे को गांव से ही दूसरे किसान के नाम दर्ज कर दिया।
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आरोप है कि तत्कालीन चकबंदीकर्मियों ने अभिलेखों में फर्जी प्रविष्टि कार दूसरे किसान की मदद की और कब्जा परिवर्तन के दौरान मिलने वाली जमीन को बाद में छीनकर दूसरे किसान को दे दिया। इसकी शिकायत स्थानीय स्तर पर की गई लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
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जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल हरि बाबा बांध धाम के निकट स्थित इस गांव में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान हुए कब्जा परिवर्तन में बड़ी धांधली हुई थी। तत्कालीन जिला अधिकारी एनकेएस चौहान ने तत्कालीन चकबंदी अधिकारियों को दुबारा पैमाइश का आदेश दिया था जिसमें दर्जनों गरीब किसानों को उनकी खोई हुई जमीन मिली थी।

तब चकबंदी विभाग के अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों में खलबली मच गई थी। साथ ही गुन्नौर तहसील के लगभग प्रत्येक गांव में चकबंदी में फर्जीवाड़े के सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई हो चुकी है और उधरनपुर अजमतनगर में हुए फर्जीवाड़े में कार्रवाई प्रक्रिया में है।
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