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हरियाणा से तस्करी कर लाई जा रही 13 लाख की ढाई हजार लीटर ब्रांडेड शराब पकड़ी
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चंदौसी/बनियाठेर। बनियाठेर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर एक डाक पार्सल कंटेनर में हरियाणा राज्य से तस्करी करके लाई जा रही करीब तेरह लाख रुपये कीमत की 2604 लीटर शराब पकड़ने में कामयाबी पाई है। पुलिस ने शराब को कब्जे में ले लिया है। कंटेनर चालक को गिरफ्तार कर लिया है। शराब हरियाणा के जिला पलबल से बदायूं ले जाई जा रही थी।
पुलिस को लगातार सूचनाएं मिल रही थी कि ब्रांडेड शराब की तस्करी हरियाणा राज्य से की जा रही है। लेकिन यह पकड़ में नहीं आ रहा था। बताते हैं कि फिर सूचना मिली कि सरकारी सेवाओं वाले वाहनों से तस्करी की जा रही है, जिसमें भारतीय डाक सेवा लिखे कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है। बनियाठेर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ लगे तो मुरादाबाद हाईवे पर चंदौसी-बहजोई के बीच मझावली मिल के पास एक डाक पार्सल कंटेनर को रोका गया।
जब पुलिस ने उसे रोका तो उसमें बैठा एक व्यक्ति उतर कर भाग गया लेकिन हरियाणा के जिला पलबल के रहराना गांव निवासी श्याम राज चालक को पुलिस ने पकड़ लिया। जब तलाशी ली गई तो उसके अंदर डाक सामग्री की बजाय हरियाणा राज्य निर्मित ब्रांडेड शराब की पेटियां भरी पाई गईं। थाने लाकर जब पेटियों को उतारा गया तो उसमें कुल 217 पेटियां निकली। पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा भी मौके पर पहुंचीं।
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शराब के क्वार्टर व हाफ की गिनती कराई गई तो मैक डबल के 20 पेटी में 960 क्वार्टर, 89 पेटी में 2136 हाफ तथा इंपीरियल ब्लू की 108 पेटियों में 9184 हाफ निकले। जिनकी कीमत करीब 13 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही थी। आबकारी निरीक्षक राजमणि भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
तो क्या सिर्फ चालक इतनी बड़ी तस्करी कर रहा है
चंदौसी। पुलिस ने हरियाणा से लाई जा रही ब्रांडेड शराब की बड़ी खेप पकड़ी है, यह सराहनीय है लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ कंटेनर चालक ही इतनी बड़ी तस्करी कर रहा है। क्या इसके पीछे किसी माफिया की मौजूदगी का एहसास नहीं हो रहा है। तो फिर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ चालक तक ही सीमित क्यों है।
इकलौता चालक इतनी बड़ी शराब की तस्करी नहीं कर सकता है। चालक तो सिर्फ मोहरा है।
इतनी बड़ी तस्करी के पीछे निश्चित की किसी बड़े शराब माफिया का हाथ है। एक बड़ा सिंडीकेट है, जिसका जाल हरियाणा से लेकर देश के कई राज्यों तक कारोबार फैला हुआ हैं। क्योंकि इससे पहले भी कई बार हरियाणवी शराब की तस्करी पकड़ी जाती रही है लेकिन पुलिस ने इतनी बड़ी खेप तो पकड़ी लेकिन माफिया तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं खोला है। किसी अज्ञात को भी नामजद नहीं किया है। आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदायूं में किस जगह शराब जा रही थी, उसकी जानकारी पुलिस को मिल गई है। इसमें कौन कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जाएगी।
क्यों होती है हरियाणा से शराब की तस्करी
चंदौसी। दरअसल, मैक डबल व इंपीरियल ब्लू की कीमत लगभग एक जैसी ही है। लेकिन हरियाणा में इसमें एक्साइज ड्यूटी नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश में इसमें एक्साइज ड्यूटी भारी मात्रा में लगाई जाती है। मैक डबल की जो बोतल 520 रुपये में यूपी की शराब की दुकानों पर मिलती है, उसकी कीमत हरियाणा में सिर्फ 240 रुपये होती है। कीमत में करीब आधा आधा अंतर है। यही कारण है कि सस्ते में ब्रांडेड शराब के शौकीनों में इसकी मांग अधिक रहती है।
जानकार यह भी बताते हैं कि हरियाणा के डिस्टलरी भी बिना अभिलेखों के सीधे शराब भी दे देती है। जो और भी अधिक सस्ती पड़ जाती है। यही कारण है कि बड़े माफिया शराब की तस्करी में लगे हुए हैं। जो हरियाणा की डिस्टलरी से थोक के भाव शराब खरीद करके ड्राई एरिया जैसे बिहार आदि राज्यों में भेजते हैं। इसके साथ साथ यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड आदि क्षेत्रों में भी अपने निजी नेटवर्क के जरिये सप्लाई करके भारी मुनाफा कमाते हैं।
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पुलिस को लगातार सूचनाएं मिल रही थी कि ब्रांडेड शराब की तस्करी हरियाणा राज्य से की जा रही है। लेकिन यह पकड़ में नहीं आ रहा था। बताते हैं कि फिर सूचना मिली कि सरकारी सेवाओं वाले वाहनों से तस्करी की जा रही है, जिसमें भारतीय डाक सेवा लिखे कंटेनरों का उपयोग किया जा रहा है। बनियाठेर थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ लगे तो मुरादाबाद हाईवे पर चंदौसी-बहजोई के बीच मझावली मिल के पास एक डाक पार्सल कंटेनर को रोका गया।
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जब पुलिस ने उसे रोका तो उसमें बैठा एक व्यक्ति उतर कर भाग गया लेकिन हरियाणा के जिला पलबल के रहराना गांव निवासी श्याम राज चालक को पुलिस ने पकड़ लिया। जब तलाशी ली गई तो उसके अंदर डाक सामग्री की बजाय हरियाणा राज्य निर्मित ब्रांडेड शराब की पेटियां भरी पाई गईं। थाने लाकर जब पेटियों को उतारा गया तो उसमें कुल 217 पेटियां निकली। पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा भी मौके पर पहुंचीं।
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शराब के क्वार्टर व हाफ की गिनती कराई गई तो मैक डबल के 20 पेटी में 960 क्वार्टर, 89 पेटी में 2136 हाफ तथा इंपीरियल ब्लू की 108 पेटियों में 9184 हाफ निकले। जिनकी कीमत करीब 13 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही थी। आबकारी निरीक्षक राजमणि भी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
तो क्या सिर्फ चालक इतनी बड़ी तस्करी कर रहा है
चंदौसी। पुलिस ने हरियाणा से लाई जा रही ब्रांडेड शराब की बड़ी खेप पकड़ी है, यह सराहनीय है लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सिर्फ कंटेनर चालक ही इतनी बड़ी तस्करी कर रहा है। क्या इसके पीछे किसी माफिया की मौजूदगी का एहसास नहीं हो रहा है। तो फिर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ चालक तक ही सीमित क्यों है।
इकलौता चालक इतनी बड़ी शराब की तस्करी नहीं कर सकता है। चालक तो सिर्फ मोहरा है।
इतनी बड़ी तस्करी के पीछे निश्चित की किसी बड़े शराब माफिया का हाथ है। एक बड़ा सिंडीकेट है, जिसका जाल हरियाणा से लेकर देश के कई राज्यों तक कारोबार फैला हुआ हैं। क्योंकि इससे पहले भी कई बार हरियाणवी शराब की तस्करी पकड़ी जाती रही है लेकिन पुलिस ने इतनी बड़ी खेप तो पकड़ी लेकिन माफिया तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं खोला है। किसी अज्ञात को भी नामजद नहीं किया है। आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हालांकि पुलिस क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बदायूं में किस जगह शराब जा रही थी, उसकी जानकारी पुलिस को मिल गई है। इसमें कौन कौन लोग शामिल हैं, इसकी जांच की जाएगी।
क्यों होती है हरियाणा से शराब की तस्करी
चंदौसी। दरअसल, मैक डबल व इंपीरियल ब्लू की कीमत लगभग एक जैसी ही है। लेकिन हरियाणा में इसमें एक्साइज ड्यूटी नहीं है लेकिन उत्तर प्रदेश में इसमें एक्साइज ड्यूटी भारी मात्रा में लगाई जाती है। मैक डबल की जो बोतल 520 रुपये में यूपी की शराब की दुकानों पर मिलती है, उसकी कीमत हरियाणा में सिर्फ 240 रुपये होती है। कीमत में करीब आधा आधा अंतर है। यही कारण है कि सस्ते में ब्रांडेड शराब के शौकीनों में इसकी मांग अधिक रहती है।
जानकार यह भी बताते हैं कि हरियाणा के डिस्टलरी भी बिना अभिलेखों के सीधे शराब भी दे देती है। जो और भी अधिक सस्ती पड़ जाती है। यही कारण है कि बड़े माफिया शराब की तस्करी में लगे हुए हैं। जो हरियाणा की डिस्टलरी से थोक के भाव शराब खरीद करके ड्राई एरिया जैसे बिहार आदि राज्यों में भेजते हैं। इसके साथ साथ यूपी, राजस्थान, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड आदि क्षेत्रों में भी अपने निजी नेटवर्क के जरिये सप्लाई करके भारी मुनाफा कमाते हैं।