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पशु तस्करों और शराब के सौदागरों की संपति का रिकार्ड खंगाल रही संभल जिले की पुलिस

Mon, 05 Jun 2017 01:07 AM IST
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:07 AM IST
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पशु तस्करों और शराब के सौदागरों की संपति का रिकार्ड खंगाल रही संभल जिले की पुलिस
पशु तस्करों और शराब के सौदागरों की संपत्ति खंगाल रही पुलिस
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पुलिस की नजर में जिले में 31 माफिया, 11 पर गैंगस्टर, 21 जिला बदर होंगे
गोवंशीय पशुओं और शराब की तस्करी के आरोप लगे हैं इन माफियाओं पर
सवा तीन करोड़ की संपत्ति के सीजर के बाद पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो
संभल।
योगी राज में पुलिस एक्शन में है। माफिया चिह्नित किए गए हैं। ऐसे लोगों को माफिया की श्रेणी में रखा गया है जिनके अपराधों के बारे में सामान्य तौर पर लोग शिकायत करने से डरते हैं। ऐसे 31 लोगों की सूची बन चुकी है। इसमें 11 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है जबकि 20 लोगों पर गुंडाएक्ट लगाया जा रहा है।

पुलिस अधीक्षक रविशंकर छवि ने बताया कि अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानून का शिकंजा कसने के बाद कोतवाली की पुलिस ने शनिवार को रात्रि सवा तीन करोड़ रुपये की संपत्ति को सीज किया है। संभल जिले में पशु तस्कर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का यह पहला मामला है। पुलिस अब पशु तस्करों के साथ साथ दूसरे राज्यों से शराब लाकर अमीर बने माफियाओं को चिह्नित कर रही है। इसी क्रम में अब तक 31 लोग चिह्नित किए जा चुके हैं। इसमें 11 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है। शमशाद की तरह इन 11 लोगों की संपत्ति का रिकार्ड पुलिस तलाश रही है ताकि संपत्ति को सीज करने के लिए रिपोर्ट डीएम के पास भेजी जा सके। डीएम के आदेश पर ही गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों की संपत्ति को सीज किया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 22 लोगों को जिला बदर किया जाएगा। अपराध से अर्जित संपत्ति को सीज करने का प्रावधान तो पहले से ही है लेकिन इस पर अमल कम था। अब सरकार की प्राथमिकता माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई किए जाने की है। इसलिए माफिया चिह्नित किए गए हैं। अब प्रशासन ऐसे गैंगस्टर का रिकार्ड खंगाल रहा है, जिनकी संपत्ति अपराध से अर्जित हुई हो।
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