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Sambhal News: सांसद के दो मीटरों में खपत मिली जीरो
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संभल। पावर कार्पोरेशन ने संभल के सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क के दीपा सराय स्थित घर में लगे मीटरों की जांच से बिजली चोरी के अपने आरोप पर पर मुहर लगा दी है। इनमें से एक बिजली कनेक्शन सांसद के दिवंगत दादा एवं पूर्व सांसद डॉ शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से है। दोनों मीटरों का मंगलवार को एमआरआई (मीटर रीडिंग इन्फॉर्मेशन) हुआ।
पावर कार्पोरेशन के मुताबिक सांसद के आवास में लगे मीटर को बाईपास कर बिजली चोरी की जा रही थी। सांसद जियाउर्रमान बर्क के नाम से लगे मीटर में छह महीने से खपत जीरो पाई गई है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर से 16 महीने से बिजली की खपत नहीं दर्शाया जा रहा है, जबकि सांसद आवास में लगातार बिजली का इस्तेमाल हुआ है।
एक्सईएन (मीटर) सुप्रीत सिंह ने बताया कि सांसद जियाउर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर की जांच 30 मई 2024 से 13 दिसंबर 2024 तक की अवधि की गई। इसमें खपत जीरो पाई गई। करंट और वोल्टेज भी जीरो मिले। एक्सईएन ने बताया कि इसी तरह पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर की जांच 16 महीने की अवधि की गई। इसमें भी खपत जीरो पाई गई। बताया कि इस रिपोर्ट को तैयार कर अधिकारियों को दिया जाएगा। मीटर की जांच सांसद के प्रतिनिधि फिरासतउल्ला व अधिवक्ता कासिम जमाल के सामने की गई।
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सांसद के प्रतिनिधि फिरासतउल्ला ने बताया कि मीटर की सील बंद थी। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मीटर में कोई छेड़खानी नहीं की गई थी। एक्सईएन का कहना है कि बिजली चोरी मीटर को बाईपास कर की गई है। मीटर में बिजली की आपूर्ति किसी भी तरह से बंद कर दी गई। जिससे खपत जीरो पाई गई है। बता दें कि 17 दिसंबर को बिजली विभाग की टीम ने 16.5 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ने की बात कही थी
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कब क्या हुआ-
सांसद के घर से 17 दिसंबर को बिजली विभाग की टीम ने मीटर उतारा था। स्मार्ट मीटर लगाया था। पुराने मीटर को सील कर संभल में स्थित विद्युत परीक्षणशाला भेजा दिया था। 19 दिसंबर को जांच होनी थी लेकिन नहीं हो सकी थी। इसके बाद 23 दिसंबर को जांच के लिए नोटिस जारी किया गया। इस तिथि में भी जांच नहीं हो सकी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जांच की गई है। इस अंतिम जांच में सांसद के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
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17 नवंबर को सांसद के घर में मिला था 16.5 किलोवाट का लोड, 1.91 करोड़ लगाया है जुर्माना
अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि 17 दिसंबर को जब टीम ने जांच की थी तो करीब 16.5 किलोवाट का लोड मिला था। जबकि मीटर से निकले रिकॉर्ड में कई महीने के यूनिट जीरो पाए गए थे। इसलिए मीटर को एमआरआई के लिए भेजा गया था। कुल लोड को देखते हुए 1.91 करोड़ का जुर्माना तय किया है। इसके अलावा सांसद को 15 दिन की अवधि का नोटिस दिया है। जिसमें जवाब मांगा गया है कि सांसद के आवास में इस्तेमाल होने वाली बिजली आपूर्ति किस तरह हो रही थी। जिससे सभी उपकरण चल रहे थे। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि यदि सांसद बिजली आपूर्ति के दूसरे माध्यम का साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं तो जुर्माना उसी तरह तय किया जाएगा।
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सांसद के घर में जो लोड मिला था। उसके अनुसार जुर्माना लगाया गया था। सांसद से भी जवाब मांगा गया है। यदि वह तय अवधि में अपना जवाब देते हैं और यह साबित कर पाते हैं कि वह किस तरह बिजली की आपूर्ति कहां से पा रहे थे तो बदलाव जुर्माने में हो सकता है। फिलहाल तो मीटर की जांच में स्पष्ट हुआ है कि मीटर को बाईपास कर बिजली चोरी की जा रही थी।
विनोद कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, संभल।
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पावर कार्पोरेशन के मुताबिक सांसद के आवास में लगे मीटर को बाईपास कर बिजली चोरी की जा रही थी। सांसद जियाउर्रमान बर्क के नाम से लगे मीटर में छह महीने से खपत जीरो पाई गई है। वहीं दूसरी ओर पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर से 16 महीने से बिजली की खपत नहीं दर्शाया जा रहा है, जबकि सांसद आवास में लगातार बिजली का इस्तेमाल हुआ है।
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एक्सईएन (मीटर) सुप्रीत सिंह ने बताया कि सांसद जियाउर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर की जांच 30 मई 2024 से 13 दिसंबर 2024 तक की अवधि की गई। इसमें खपत जीरो पाई गई। करंट और वोल्टेज भी जीरो मिले। एक्सईएन ने बताया कि इसी तरह पूर्व सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क के नाम से लगे मीटर की जांच 16 महीने की अवधि की गई। इसमें भी खपत जीरो पाई गई। बताया कि इस रिपोर्ट को तैयार कर अधिकारियों को दिया जाएगा। मीटर की जांच सांसद के प्रतिनिधि फिरासतउल्ला व अधिवक्ता कासिम जमाल के सामने की गई।
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सांसद के प्रतिनिधि फिरासतउल्ला ने बताया कि मीटर की सील बंद थी। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि मीटर में कोई छेड़खानी नहीं की गई थी। एक्सईएन का कहना है कि बिजली चोरी मीटर को बाईपास कर की गई है। मीटर में बिजली की आपूर्ति किसी भी तरह से बंद कर दी गई। जिससे खपत जीरो पाई गई है। बता दें कि 17 दिसंबर को बिजली विभाग की टीम ने 16.5 किलोवाट की बिजली चोरी पकड़ने की बात कही थी
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कब क्या हुआ-
सांसद के घर से 17 दिसंबर को बिजली विभाग की टीम ने मीटर उतारा था। स्मार्ट मीटर लगाया था। पुराने मीटर को सील कर संभल में स्थित विद्युत परीक्षणशाला भेजा दिया था। 19 दिसंबर को जांच होनी थी लेकिन नहीं हो सकी थी। इसके बाद 23 दिसंबर को जांच के लिए नोटिस जारी किया गया। इस तिथि में भी जांच नहीं हो सकी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जांच की गई है। इस अंतिम जांच में सांसद के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।
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17 नवंबर को सांसद के घर में मिला था 16.5 किलोवाट का लोड, 1.91 करोड़ लगाया है जुर्माना
अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि 17 दिसंबर को जब टीम ने जांच की थी तो करीब 16.5 किलोवाट का लोड मिला था। जबकि मीटर से निकले रिकॉर्ड में कई महीने के यूनिट जीरो पाए गए थे। इसलिए मीटर को एमआरआई के लिए भेजा गया था। कुल लोड को देखते हुए 1.91 करोड़ का जुर्माना तय किया है। इसके अलावा सांसद को 15 दिन की अवधि का नोटिस दिया है। जिसमें जवाब मांगा गया है कि सांसद के आवास में इस्तेमाल होने वाली बिजली आपूर्ति किस तरह हो रही थी। जिससे सभी उपकरण चल रहे थे। अधीक्षण अभियंता का कहना है कि यदि सांसद बिजली आपूर्ति के दूसरे माध्यम का साक्ष्य उपलब्ध कराते हैं तो जुर्माना उसी तरह तय किया जाएगा।
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सांसद के घर में जो लोड मिला था। उसके अनुसार जुर्माना लगाया गया था। सांसद से भी जवाब मांगा गया है। यदि वह तय अवधि में अपना जवाब देते हैं और यह साबित कर पाते हैं कि वह किस तरह बिजली की आपूर्ति कहां से पा रहे थे तो बदलाव जुर्माने में हो सकता है। फिलहाल तो मीटर की जांच में स्पष्ट हुआ है कि मीटर को बाईपास कर बिजली चोरी की जा रही थी।
विनोद कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, संभल।