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Sambhal News: उपभोक्ता आयोग ने फाइनेंस कंपनी पर लगाया 50 हजार रुपये का जुर्माना
Fri, 21 Feb 2025 01:49 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 21 Feb 2025 01:49 AM IST
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चंदौसी (संभल)। कोरोना काल में ईएमआई जमा न होने पर महिला की कार उठाने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोजन ने फाइनेंस कंपनी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही कंपनी को 10 हजार रुपये वाद व्यय के तौर पर वादी को अदा करने के आदेश दिया है।
थाना बनियाठेर के अशोक नगर निवासी राजबाला पत्नी मनोज सिंह ने 14 नवंबर 2018 को महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से 1,90,000 रुपये का अग्रिम भुगतान अदा कर टाटा टियागो कार खरीदी थी। उन्होंन कार का 3,60,000 रुपये का कार फाइनेंस कराया था। ऋण राशि 48 मासिक किस्तों में अदा करनी थीं। फाइनेंस कंपनी ने महिला से ऋण अदायगी की दो अग्रिम किस्त काट ली थीं। वर्ष 2021 में कोरोना काल के कारण राजबाला अपनी तीन किस्त का भुगतान नहीं कर पाई थीं। जिस पर फाइनेंस कंपनी 26 मार्च 2021 को उनकी कार उठाकर ले गई थी। उन्होंने फाइनेंस कंपनी से कार वापस करने को कहा लेकिन कंपनी ने कार वापस करने से मना कर दिया। जिसके बाद वादी ने फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध एक परिवाद जिला उपभोक्ता आयोग संभल में दायर कर दिया था। वादी के अधिवक्ता बीएल सागर ने आयोग को अवगत कराया कि कोरोना काल की बाधित अवधि में किस्त अदायगी को बढ़ाई गई अवधि का लाभ विपक्षी फाइनेंस कंपनी द्वारा वादिनी को नहीं दिया गया था। जो कि विपक्षी की सेवाओं में घोर कमी है। जिला उपभोक्ता आयोग ने पक्षकारों को सुनने के बाद फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध आदेशित किया कि विपक्षी फाइनेंस कंपनी परिवादिनी राजबाला को परिवाद संस्थन की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 1,90,000 रुपये दो माह में अदा करें। इसके अलावा कंपनी परिवादी को मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के मद में 50, 000 रुपये और वाद व्यय के मद में 10,000 रुपये अदा करेगी। नियत अवधि तक धनराशि अदा न किए जाने पर नौ प्रतिशत ब्याज की दर देय होगी।
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थाना बनियाठेर के अशोक नगर निवासी राजबाला पत्नी मनोज सिंह ने 14 नवंबर 2018 को महिंद्रा एंड महिंद्रा फाइनेंस कंपनी से 1,90,000 रुपये का अग्रिम भुगतान अदा कर टाटा टियागो कार खरीदी थी। उन्होंन कार का 3,60,000 रुपये का कार फाइनेंस कराया था। ऋण राशि 48 मासिक किस्तों में अदा करनी थीं। फाइनेंस कंपनी ने महिला से ऋण अदायगी की दो अग्रिम किस्त काट ली थीं। वर्ष 2021 में कोरोना काल के कारण राजबाला अपनी तीन किस्त का भुगतान नहीं कर पाई थीं। जिस पर फाइनेंस कंपनी 26 मार्च 2021 को उनकी कार उठाकर ले गई थी। उन्होंने फाइनेंस कंपनी से कार वापस करने को कहा लेकिन कंपनी ने कार वापस करने से मना कर दिया। जिसके बाद वादी ने फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध एक परिवाद जिला उपभोक्ता आयोग संभल में दायर कर दिया था। वादी के अधिवक्ता बीएल सागर ने आयोग को अवगत कराया कि कोरोना काल की बाधित अवधि में किस्त अदायगी को बढ़ाई गई अवधि का लाभ विपक्षी फाइनेंस कंपनी द्वारा वादिनी को नहीं दिया गया था। जो कि विपक्षी की सेवाओं में घोर कमी है। जिला उपभोक्ता आयोग ने पक्षकारों को सुनने के बाद फाइनेंस कंपनी के विरुद्ध आदेशित किया कि विपक्षी फाइनेंस कंपनी परिवादिनी राजबाला को परिवाद संस्थन की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित 1,90,000 रुपये दो माह में अदा करें। इसके अलावा कंपनी परिवादी को मानसिक कष्ट व आर्थिक हानि के मद में 50, 000 रुपये और वाद व्यय के मद में 10,000 रुपये अदा करेगी। नियत अवधि तक धनराशि अदा न किए जाने पर नौ प्रतिशत ब्याज की दर देय होगी।
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